विचारों का शरीर पर प्रभाव पड़ता | जैसी आपकी सोच वैसी बीमारी हो सकती है | positive thoughts for good health |

विचारों का शरीर पर प्रभाव पड़ता

विचारों का शरीर पर प्रभाव पड़ता | जैसी आपकी सोच वैसी बीमारी हो सकती है | positive thoughts for good health|

विचारों का शरीर पर प्रभाव पड़ता अक्सर लोगों में यह अवधारणा होती हैं, कि हम जैसा सोचते हैं उन विचारों का शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है | जबकि यह सत्य नहीं है | क्योंकि मन में आने वाला एक छोटा सा विचार भी शरीर पर गहरा प्रभाव डालता है | यदि हमारे मन लालच का विकार पैदा होता है, तो उसका प्रभाव शरीर पर पड़ता है | इसके अलावा मन में किसी प्रकार का प्रेम भाव उत्पन्न होता है | तब भी शरीर पर उसका प्रभाव होता है | मन में आने वाले विचारों से जो स्तिथि बनती हैं | दिमाग  उस विचार के अनुरूप हार्मोंस को उत्सर्जित करने लगता है और हार्मोंस द्वारा ही हमारे शरीर की काया बनती है | तो friends इस post में जानेंगे कि भिन्न – भिन्न विचारों का शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है |

विचारों का शरीर पर प्रभाव पड़ता

मन में आने वाले विभिन्न विचारों से उत्पन्न होने वाले harmones (हार्मोंस) और शरीर पर उनके प्रभाव :-

1.  भाव :-  मदद, प्रेम

हार्मोन – एड्रीनोलिन, हाइपोथेलेमस सक्रिय, ओड्रेनिल रसायन का स्त्राव |

प्रभाव – आत्मविश्वास और  जीवन शक्ति से भरा हुआ, लचीला शरीर , गाढ़ी नींद |

2. भाव :- निर्मल, साफ, स्वच्छ चित्त

हार्मोन – Parathomin carotenoids (पैराथामिन कैरोटीनोइड्स), thyroxine (थेरेओक्सिन), vasopressin glucocorticosteroid (वैसोप्रेसीन ग्लूकोकार्टिकोस्टेरॉइड) का उत्सर्जन |

प्रभाव – गहरी नींद, जुनून, खुशी, हर स्थिति में आनंद मिलता है |

3. भाव :- अकड़, अहंकार

हार्मोन – पेराथेमिन केलेटोनोमिन थायरोक्सिन, वेसोप्रेसिन ग्लूकोकार्टिको स्टेरॉइड का अल्प स्राव

प्रभाव – ऑस्टियोपोरोसिस, गठिया, प्रोस्टेट, किडनी समस्या, मोटापा |

4. भाव :- कंजूसी, आलस्य, प्रमाद

हार्मोन – हाइपोथेलेमस अक्रिय मिस्क्सीडिमा, मेलोनीन सेरोटोनिन का अल्प स्राव |

प्रभाव – कब्ज, अल्सर, एसिडिटी, डिप्रेशन, हाथ-पैरों में दर्द, मोटापा |

5. भाव :- घृणा, ईर्ष्या, जलन, बेईमानी, चिंता

हार्मोन – वेसोप्रेसिन, टेस्टोस्टेरान, एण्ड्रोजन, गोंडाट्रॉफिन, ऑक्सीटोसिन का अल्प स्राव |

प्रभाव – नपुंसकता, बाँझपन, शीघ्रस्खलन, चिड़चिड़ाइट, अनिद्रा, जिद्दी स्वभाव जैसी समस्या |

6. भाव :- चालाकी : इस भाव में व्यक्ति अपना ही फायदा देखता है |

हार्मोन – थाइरोक्सिन, इंसुलिन, एड्रीनोलिन का अल्प स्राव हो |

प्रभाव – मधुमेह, कैंसर, उच्च रक्तचाप, एलर्जी, thyroid
(थाइराइड) जैसी समस्याएं |

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मन को चलाने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह ऊर्जा उसे शरीर की कोशिकाओं व मस्तिष्क की ग्रंथियों द्वारा स्रावित हार्मोनों से प्राप्त होती है। इस ऊर्जा में प्रमस्तिष्क (Cerebral) और अध:श्चेतक (Hypothalamus) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रमस्तिष्क (Cerebral) और अध:श्चेतक (Hypothalamus) के सभी अनैच्छिक और स्वैच्छिक कार्यों को नियंत्रित करते हैं और शरीर को आसानी से चलाने में मदद करते हैं ।

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by nitesh kahar

8 Comments on “विचारों का शरीर पर प्रभाव पड़ता | जैसी आपकी सोच वैसी बीमारी हो सकती है | positive thoughts for good health |”

  1. नितेश जी, आपका पोस्ट बहुत पसन्द आया |बहुत ही सुन्दर तरीके से मानवीय भावों का शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों को वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर समझाया है |

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