भारत के दस महत्वपूर्ण पुल

भारत के दस महत्वपूर्ण पुल 

दोस्तों ,भारत के दस महत्वपूर्ण पुलों के बारे में जानकारी देना ही इस पोस्ट का उद्देश्य है ।

पर इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि पहले हम यह जान लें कि पुल क्या है।

और यह क्यों बनाया जाता है ।

दोस्तों अथाह जल राशि को पार करने का सुगम और स्थाई  रास्ता ही वास्तव में पुल कहा जाता है ।

लेकिन ध्यान देने की बात है पहले यह निर्माण केवल अथाह जल राशि के लिए होता था ,

परंतु अब यह निर्माण सड़क या पहाड़ी अथवा दर्रे के लिए भी होता है ।

हम यहां पर अनंत जल राशि पर बने यानी नदी या समुद्र आदि की चर्चा करने वाले हैं ।

तो आइए अपनी राम कहानी आगे बढाते हैं ,और क्रमशः महत्वपूर्ण पुलों की चर्चा करते हैं :

भूपेन हजारिका पुल ढोला सादिया

इस पुल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 26 मई 2017 को किया था ।

यह भारत का सबसे लम्बा पुल है, जिसकी लम्बाई 9•5किलो मीटर है ।

यह असम तथा अरुणाचल प्रदेश के बीच ब्रह्मपुत्र नदी पर बना है ।

ढोला तथा सादिया घाट इसके दोनों छोर हैं ।

इस पुल के बनने की वजह से असम तथा अरुणाचल के बीच 165 किलोमीटर की दूरी कम हुई है ।

जहां तक समय के बचने की बात है तो दोनों प्रदेशों के बीच पांच घंटे समय की कमी हुई है ।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसके बनने से लोगों की आवाजाही रोजगार बढोत्तरी करेगी ।

महात्मा गांधी सेतु पटना 

 

यह पुल गंगा नदी पर बना है, जिसकी लम्बाई 5•7 किलोमीटर है ।

भारत के सबसे बड़े नदी पुल का रिकार्ड पहले इसी पुल के पास था ,

लेकिन ढोला सादिया बन जाने की वजह से अब यह रिकॉर्ड इसके पास नहीं है ।

इस पुल की चौड़ाई 25 मीटर है ।

गैमन इंडिया लिमिटेड ने इसे 1972 से 1982 के बीच तैयार किया था ।

इस पुल का बेहद महत्वपूर्ण स्थान है क्यों कि यह अभी तक भारत सर्वोच्च पुल था ।

भारत के अन्य महत्वपूर्ण पुल 

भारत के अन्य महत्वपूर्ण पुलों में अगला नाम है बांद्रा वर्ली सी लिंक का ।

बम्बई की शान कहलाने वाला यह पुल वास्तविक रूप से माहिम की खाड़ी में बना है ।

इसकी कुल लम्बाई 5 • 6 किलोमीटर है ।

यह बांद्रा वर्ली का सचमुच का सेतु है क्योंकि कि दोनों ,

पड़ोसी नगरों को बेहद सहज रूप से यह एका प्रदान करता है ।

इस पुल के बाद स्थान आता है विक्रम शिला सेतु का जो बनाया गया है गंगा नदी पर ।

इसकी स्थिति भागलपुर की है ।

जहां तक बात इसके परिमाप की है तो यह 4•7 किलो लम्बा है ।

अन्य पुल हैं

वेमबनाद रेलपुल जो केरल में वेमबनाद झील पर बना है ।

इसकी लम्बाई 4•62 किलो मीटर है ।

दीघा सोनपुर का पुल इसी श्रेणी का भारत का शीर्ष पुल है ।

पटना पर स्थित यह पुल गंगा नदी पर बना हुआ है ।

इसकी लम्बा साढ़े चार किलोमीटरहै ।

गोदावरी सेतु

वीर कुंवर सिंह सेतु

जवाहर नेहरू सेतु ।

यह कुछ ऐसे नाम हैं जिनका नाम सदैव लिया जाता है जब भी भारत के सबसे बड़े पुलों की चर्चा होती है ।

असली सवाल किसी पुल की लम्बाई का ही नहीं होता

बल्कि किसी पुल की सबसे खास विशेषता रही होती है ,

कि वह अधिक से अधिक लोगों का बेड़ा पार करे ।

आजकल भले ही बेतहाशा बढी हुई ट्रैफिक की वजह से सड़क पर पुल बनाए जाने लगे हों ,

लेकिन सच यह है कि जब भी पुल शब्द जुबान पर आता है ,

तो बस अनंत जल राशि के बीच से निकलते हुए रास्ते यानी ,

नदी पर बने पुल की ही तस्वीर सबसे पहले बनती है ।

दोस्तों पुल न केवल व्यापार को गति प्रदान करते हैं बल्कि हमारे सांस्कृतिक प्रतीक भी होते हैं पुल ।

आपने राम सेतु का नाम जरूर सुना होगा ,जो आज भी हमारी सभ्यता और संस्कृति का उदाहरण माना जाता है ।

दोस्तों  ,आशा है पुलों के बहाने आपने भौगोलिक परिदृश्य में पुलों के महत्व को भी जरूर महसूस किया होगा ।

 

धन्यवाद

लेखक  : के पी सिंह

11042018

 

 

About kpsingh

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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