प्रवक्ता समाज शास्त्र का पाठ्यक्रम क्या है?

प्रवक्ता समाज शास्त्र का पाठ्यक्रम क्या है

प्रवक्ता समाज शास्त्र का पाठ्यक्रम  क्या है? 

प्रवक्ता समाज शास्त्र का पाठ्यक्रम क्या है? 

दोस्तों इस सवाल का जवाब हर उस व्यक्ति के लिए जरूरी है,

जो प्रवक्ता समाजशास्त्र परीक्षा की तैयारी कर रही है

अर्थात् जो लोग उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड संचालित,

पीजीटी समाजशास्त्र की तैयारी कर रहे हैं

उनके लिए उसके पाठ्यक्रम को जानना बेहद जरूरी है

क्योंकि जब हमें मंजिल और उस तक पहुँचने की ज़रूरत नहीं थी,

तो यह कैसे संभव है कि हम अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे?

प्रवक्ता समाज शास्त्र का पाठ्यक्रम

प्रवक्ता भर्ती परीक्षा वर्ष 2016 की परीक्षा अभी तक शेष है

इसलिए हम चाहते हैं कि हम इस समय से गंभीरता से अपनी अपनी विषय की,

पाठ्यक्रम पूरी तरह से कम्प्लीट करें।

ताकि जब परीक्षा हाल में सामने प्रश्न पत्र हो तो हमें,

न तो पंखों को निहारना पड़ेंगे न ही पानी पीकर समय काटना पड़ता है।

दोस्तों जो अपनी परीक्षा की हुई हैं उन्हें यह पता है कि समाजशास्त्र एक व्यापक विषय है।

इसलिए इसकी व्यापक तैयारी की भी जरूरत है।

सुविधा के लिए हम प्रचारक समाजशास्त्र के पाठ्यक्रम को इस तरह विभाजित कर सकते हैं।

यूनिट 1 मूल अवधारणाएं 

प्रवक्ता भर्ती परीक्षा उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड संचालित

इसके समाजशास्त्र परीक्षा के पाठ्यक्रम में कुल 10 मूल इकाई हैं।

इनमें पहली इकाई में मूल अवधारणाएं हैं

यह इकाई इस परीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण इकाई है

क्योंकि यह वह इकाई है जो समाजशास्त्र का विस्तार परिचय प्रदान करता है।

इस महत्वपूर्ण इकाई में प्रमुख अवधारणाओं के प्रकार हैं

● समाज, समाज का अर्थ और परिभाषा, समाज की विशेषताओं,

● समाज और एक समाज, समाज का महत्वपूर्ण महत्व, समाज का महत्व

● संस्था, संस्था प्रकार, संस्था का सामाजिक महत्व, समिति और संस्थाओं की तुलना,

● समिति अर्थ परिभाषा और विशेषताएं, समिति प्रकार और महत्व

● समुदाय, अर्थ, परिभाषा और विशेषताएं, समाज और समुदाय के तुलना

● सामने संगठन, सामाजिक संगठन का महत्व

●संस्कृति, अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, संस्कृति का वर्गीकरण, संस्कृति के सिद्धांत, संस्कृति और सभ्यता, संस्कृति और सभ्यता में अंतर ।

●सांस्कृतिक परिवर्तन, सांस्कृतिक विलमबना।

इकाई 2

जहां तक दूसरी इकाई की बात है तो इसमें प्रमुख रूप से विवाह, परिवार तथा नातेदारी प्रमुख हैं ।
●विवाह क्या है, विवाह के प्रकार कितने हैं, विवाह का उद्देश्य क्या है, विवाह कैसे मानदंड क्या हैं ।
●हिन्दू विवाह, मुस्लिम विवाह, सिख, ईसाई विवाह आदि की चर्चा इसमें की जाती है ।
●हिन्दू सहित सभी विवाहों की सम्यक चर्चा भी इसी इकाई का एक भाग है ।
●धर्म, जादू, विज्ञान आदि भी इसी के अंतर्गत आते हैं ।

इकाई 3

समाज शास्त्र प्रवक्ता के पाठ्यक्रम की तीसरी इकाई सामाजिक स्तरीकरण से संबंधित है ।

इसमें प्रमुख हैं

●सामाजिक स्तरीकरण ,इसके उद्देश्य और आधार, इसके सिद्धांत, इसके स्वरूप, इसके प्रकार्य  तथा सामाजिक सतरीकरण के अकार्य ।

●सामाजिक स्तरीकरण और सामाजिक गतिशीलता, सामाजिक गतिशीलता के कारक, सामाजिक गतिशीलता के कारक।

इकाई 4

प्रवक्ता समाज शास्त्र की चौथी इकाई में समाज के प्रकारों का अध्ययन किया जाता है ।

इनके प्रमुख प्रकार इस प्रकार हैं

●जनजातीय  समाज, जनजाति, जनजाति की विशेषताएं

●कृषक समाज, औद्योगिक समा●औद्योगिकोततर समाज ।

इकाई 5

प्रवक्ता भर्ती परीक्षा में प्रवक्ता समाज शास्त्र के पाठ्यक्रम के अंतर्गत,

इकाई 5 में अर्थव्यवस्था और समाज का वर्णन किया गया है ।

इसके अंतर्गत जो प्रमुख बिन्दु हैं वे इस प्रकार हैं

●अर्थव्यवस्था और समाज, आर्थिक संस्थाएं।

●आर्थिक संस्थाओं का सैद्धांतिक विवेचन जैसे कार्ल मार्क्स, मैक्स वेबर, इमाइल दुरखीम के विचार ।

●मुख्य आर्थिक संस्थाएं,सम्पत्ति, डेविस, गिनसबर्ग के विचार ।

● श्रम विभाजन ,आधुनिक व्यवसाय ।

●विनिमय के प्रकार बाजार, सरल अर्थ ,जटिल अर्थव्यवस्था ।

●आर्थिक क्रियाओं के निर्धारक तत्व ।●बाजार मुक्त अर्थव्यवस्था और नियंत्रित अर्थव्यवस्था ।

●भारत में उदारीकृत अर्थव्यवस्था ।

 इकाई 6

ईकाई 6 में औद्योगिक और शहरी समाज का मूल वर्णन है ।

इसके अंतर्गत

●ग्रामीण नगरीय सातत्य ,नगरीय विकास तथा नगरी करण ।

●विश्व नगरी करण प्रवृत्ति ।भारत में नगरी करण की प्रवृत्ति ।नगर, महानगर, कस्बा ।

● औद्योगिक समाज की मूल विशेषताएं ।

● औद्योगिकीकरण और पर्यावरण ।

इकाई 7

सातवीं इकाई में सामाजिक जन सांख्यिकीका विषद विवेचन किया गया है ।इसके अलावा अन्य प्रमुख बिन्दु हैं ।

●भारतीय जनसंख्या का आकार एवं वृद्धि ,भारतीय जनसंख्या का संघटन ।लिंग संघटन, आयु संघटन ।

●भारत में जनसंख्या का विवरण ।

●जन्म या प्रजननता,प्रजनन की माप, भारत में प्रजनन ।

●भारत में जन्मदर ,

●भारत में मृत्यु क्रम, मृत्यु क्रम की माप ।जनसंख्या वृद्धि के कारण और परिणाम ।

इकाई 8

समाज शास्त्र प्रवक्ता पाठ्यक्रम की आठवीं इकाई में सामाजिक प्रक्रियाएं शामिल हैं ।इसके अंतर्गत सत्ता उसकी परिभाषा ।सत्ता के प्रकार, शक्ति और सत्ता में भेद ।

●राजनीतिक सामाजीकरण ,इसकी परिभाषा, इसके अभिकरण,

●राजनीतिक आधुनिकीकरण, प्रभावी गुट, प्रभावी गुट के लक्षण, प्रभावी गुटों की कार्यप्रणाली और तकनीक

●जाति और राजनीतिक हलचल, भारत में राज्य व्यवस्था, इसका अर्थ तथा इसकी परिभाषा, भारतीय राज्य व्यवस्था के निर्धारक तत्व ।

●भारतीय राजनीति में दबाव समूह ।

इकाई 9

● सामाजिक न्याय, सामाजिक न्याय और लोक कल्याणकारी राज्य। ● भारतीय समाज में कमजोर वर्ग, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक।

● कमजोर वर्गों के लिए रक्षा उपाय .अल्पसंख्यक आयोग, राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग

इकाई 10 

इसकी इकाई संख्या दस में सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण भाग शामिल है। इसके अंतर्गत जो मुख्य प्रसंग हैं वे इस प्रकार हैं

● सामाजिक परिवर्तन, सामाजिक परिवर्तन व सांस्कृतिक परिवर्तन

● सामाजिक परिवर्तन के विभिन्न रूप

● सामाजिक परिवर्तन के कारकों में अंतर संबंध। ● सामाजिक आंदोलन, इसका प्रमुख चरण, सामाजिक आन्दोलन प्रकार, सामाजिक आंदोलन कैसे कार्य आदि। • कृषि आंदोलन में भारत, महिला आन्दोलन।

 

धन्यवाद

लेखक: के पी सिंह

15042018 

 

 

About kpsingh

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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5 Comments on “प्रवक्ता समाज शास्त्र का पाठ्यक्रम क्या है?”

  1. समाजशास्त्र के अभ्यर्थियों के लिए अच्छा मार्गदर्शन किया है। सराहनीय भी है।

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