गर्भाशय , स्तन , गले या किसी भी प्रकार की गाँठ को जड से ख़त्म करने का रामबाण नुस्खा , uterus, breast, tonsil ya kisi bhi trah ki gaanth ka ramban nuskha

 

गर्भाशय , स्तन , गले या किसी भी प्रकार की गाँठ को जड से ख़त्म करने का रामबाण नुस्खा , uterus, breast, tonsil ya kisi bhi trah ki gaanth ka ramban nuskha

नमस्कार दोस्तों, आज हम इस पोस्ट में किसी भी प्रकार की गांठ या रसोली के उपचार के बारे में चर्चा करेंगे। दोस्तों गांठ हमारे शरीर की एक असामान्य संरचना होती है। जिसका समय पर निदान होना आवश्यक होता है। दोस्तों ये जो नुस्खा मैं लेकर आया हूँ। ये चाहे यूटरस की गांठ हो, गले की कैसी भी गांठ हो । टॉन्सिल हो या शरीर मे कहीं भी कैसी भी गांठ हो सभी को जड़ से खत्म करने का रामबाण है। आयुर्वेद ही चिकित्सा की एक ऐसी पध्दति है । जो अपनी जड़ी बूटियों के प्रभाव से किसी भी बीमारी को जड़ से समाप्त करने का दम रखती है।
दोस्तों अगर शरीर मे किसी गांठ का पता चलता है तो तुरंत उसकी जांच करानी चाहिए । जिससे पता चल सके कि गांठ या रसोली कैंसर की है । या नोंकान्सेर्स यानी कैंसर रहित है। जरूरी नही होता के हर गांठ कैंसर की ही हो।
लेकिन कैंसर की पहली स्टेज की गांठ को भी 100 प्रतिशत ठीक होने की संभावना होती है। इस लिए तुरन्त जांच कराएं । सामान्य गांठ के लिए मैं ये नुस्खा बता रहा हूँ। जो पूर्णतः कारगर ओर सुरक्षित है।

सामग्री:-

इस नुस्खे को बनाने के लिए केवल 2 औषधियों की आवश्यकता पड़ती है
कचनार :- दोस्तों वैसे तो कचनार का पेड़ आसानी से मिल जाता है। अगर आस पास पेड़ हो तो उसकी एक से दो इंच मोटी डाली की 30 ग्राम की छाल ले लें। अगर पेड़ नही है तो पंसारी की दुकान से ले आएं । वो भी इतनी ही कारगर होती है।
  1. निर्गुन्डी :- किसी भी पंसारी की दूकान से आसानी से मिल जाएगी |

बनाने की विधि:-

दोस्तों सबसे पहले एक ग्लास पानी मे कचनार की 15 ग्राम सूखी छाल को डाल कर पांच मिनट उबालें। फिर उसमें एक चम्मच निर्गुन्डी डाल दे। ओर पांच मिनट ओर उबलने दें। अब इस काढ़े को उतार कर ठंडा कर लें। और छान कर खाना खाने के बाद ले लें। इतनी ही मात्रा दिन में दो बार लेनी है।

दवा कितने दिन लेनी है :-

दोस्तों शरीर मे गांठ के बनने की प्रक्रिया धीरे धीरे होती है। इस लिए इसे जड़ से खत्म होने में भी समय की जरूरत होती है। दोस्तों इस दवा के शुरू करने केे करीब पन्द्रह से बीस दिनों में आपको असर होना दिख जाएगा। इस लिए सब्र से दो से तीन महीने कम से कम दवा का प्रयोग करना चाहिए। ताकि गांठ या रसोली जड़ से समाप्त हो जाए। और फिर दोबारा ना हो। चार महीने प्रयोग करने से आगे से शरीर मे कभी कोई गांठ होगी ही नही। अतः नियमित प्रयोग करें।

सावधानियां :-

दोस्तों वैसे तो ये नुस्खा सौ प्रतिशत सुरक्षित है और कारगर है। फिर भी चिकित्सक से सलाह अवश्य ले लें। ताकि कोई भी नुकसान न हो।

नोट :-

एक खुराक में ताजी कचनार की छाल 30ग्राम लेनी है। यदि ताजी ना मिले तो सुखी छाल की मात्रा केवल 15 ग्राम ही लेनी है।

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