तीसरा विश्वयुद्ध का आगाज़ Tisara Vishwayuddh Ka Aaghaz

तीसरा विश्वयुद्ध का आगाज़ Tisara Vishwayuddh Ka Aaghaz

तीसरा विश्वयुद्ध का आगाज़ । दोस्तों, आज इंसानी सभ्यता । जमीन से आसमान तक पहुँच गयी । विज्ञान के साथ इंसान का भी विकास हुआ ।  मगर इंसान की सोच का विकास नहीं हुआ । इस अनन्त ब्रह्माण्ड में । एक बिंदु के समान भी न । दिखने वाली धरती का एक निर्दयी प्राणी । इंसान , आज भी वर्चस्व की लड़ाई । लड़ने में लगा हुआ है । जबकि इंसान अच्छी तरह से । जानता है कि इन लड़ाइयों से । धरती के सारे जीव जन्तुओं के साथ-साथ । खुद इंसान का वजूद भी खतरे में है ।

दोस्तों, 14 अप्रैल 2018 की रात । अमेरिका के द्वारा सीरिया पर । किया गया मिसाइल हमला । तीसरे विश्वयुद्ध का विगुल हो सकता है ।

क्या है मामला

बीती रात अमेरिका, फ्रांस, और इंग्लैंड । की संयुक्त सेना ने सीरिया । पर टॉमहॉक मिसाइलों से गमला बोल दिया । अमेरिका के अनुसार सीरिया में । बसर-अल-असद की बाद रही तानाशाही । के खिलाफ यह कार्यवाही की गयी है ।  अमेरिका ने कहा की उसने 30 मिसाइल । सीरिया पर गिराये हैं । जिनका लक्ष्य बसर-अल-असद के । हथियारों का ठिकाना और । रसायनिक हथियार के गोदाम थे । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने । खुद इस हमले को करवाया । माना जा रहा है कि यह । अमेरिका द्वारा सीरिया पर अब तक की । सबसे बड़ी कार्यवाही है । हमाला सीरिया की राजधानी दमिश्क । में रिसर्च सेंटर पर और । होम्स में केमिकल हथियारों के । गोदामों तथा केमिकल सामानों के । गोदामों पर किया गया है ।

रूस का दावा

रूस ने हमले पर विरोध । जताते हुए कहा है क़ि । अमेरिका ने 100 से ज्यादा मिसाइल दागे हैं । जिनमें क्रूज़ मिसाइल और हवा से ज़मीन । पर मार करने वाली मिसाइल शामिल हैं । कुछ मिसाइलों को । एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया । ये एयर डिफेंस सिस्टम रूस ने । 30 साल पहले लगाया था । रूस के अनुसार  हमले में मिसाइलों से । सीरियाई सेना और आम लोगो को । निशाना बने गया था ।

हमले की वजह

एक सप्ताह पहले यानि 7 अप्रैल को । सीरिया में केमिकल हमला हुआ था । बताया जाता है कि ये हमला । सीरियाई सेना ने विद्रोहियों के । कब्जे वाले इलाके में । किया था । जिसमें कई बच्चों समेत । 75 लोग मरे गए थे ।

तब बसर-अल-असद ने इस खबर का । खण्डन करते हुए कहा था कि । यहां पर किसी प्रकार के कैमिकल । हथियारों का प्रयोग नहीं किया गया है ।

सीरिया का गृहयुद्ध

यहां यह जान लेना जरूरी है कि । लगभग 8 साल पहले । विद्रोहियों ने सीरिया के राष्ट्रपति । बसर-अल-असद के खिलाफ बगावत । शुरू कर दी थी । तब से सीरिया आई एस आई एस और । अलकायदा का ठिकाना । बन गया । और इन विद्रोहियों से आज तक । असद की सेना लड़ रही है । जिसमे रूस असद के साथ विद्रोहियों का खात्मा चाहता है ।

दो खेमों में विश्व

सीरिया का युद्ध अब । गृहयुद्ध से बाहर निकल चूका है । जहां एक तरफ सीरियाई राष्ट्रपति । का साथ रूस दे रहा है । वहीं दूसरी तरफ सीरियाई विद्रोहियों । के साथ अमेरिका खड़ा है । आपको विदित होगा ये दोनों । देश विश्व की महाशक्ति हैं ।

अमेरिका का साथ देने वाले देशों में । ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, तुर्की, सऊदी अरब, इटली, जापान, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, इजरायल और स्पेन हैं । जो असद के खिलाफ हैं । और अमेरिका का साथ दे रहे हैं ।

वहीं दूसरी तरफ असद के साथ । रूस, चीन, ईरान और लेबनान खड़े हैं । इन महाशक्तियों का दो गुटों में । बंटना तीसरे विश्वयुद्ध का दस्तक । दे रहा है ।

अब अगर तीसरा विश्वयुद्ध होता है तो । भारत के लिए यह किसी अग्नि परीक्षा । से के नहीं होगा । कि वह किसकी तरफ जाये । एक तरफ अमेरिका है जिससे रिश्ते । प्रगाढ़ होते जा रहे हैं तो । दूसरी तरफ दशकों पुराना मित्र रूस । फैसला आसान न होगा ।

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धन्यवाद ।

एस के भारती

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3 Comments on “तीसरा विश्वयुद्ध का आगाज़ Tisara Vishwayuddh Ka Aaghaz”

  1. तीसरे विश्व युद्ध का बीज दिमाग में डल चुका है |जब तक युद्ध नहीं हो रहा है तब तक तो ठीक है, लेकिन जब विश्व युद्ध छिड़ जायेगा तो दोनों पक्ष अपना वर्चस्व साबित करने के लिए ऐसे हथियारों का प्रयोग करेंगे जिससे मानव सभ्यता खत्म हो जायेगी |

  2. तीसरा विश्व युद्ध तो होगा ही क्योकि जो भी विनाशकारी एटम बम, मिसाइल बनी हुई है वो सजाने के लिए नहीं यूज़ करने के लिए बनी हुई है |
    बस एक शब्द गमला नहीं होगा

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