चर्चा में क्यों है एससीएसटी कानून?

 

चर्चा में क्यों है एससीएसटी कानून?

आजकल चर्चा में क्यों है एससीएसटी कानून?

अगर सचमुच इस सवाल का जवाब आप भी चाहते हैं तो आप को,

बस करना यह है कि आप इस लेख को पूरा पढें।

क्योंकि इस लेख में इसी सच्चाई की पड़ताल की जा रही है,

जो इस तथ्य को उजागर कर सके कि आखिर क्यों है आजकल चर्चा में?

 

कहानी कानून की 

 

चर्चा में क्यों है एससीएसटी कानून? की असली कहानी इस प्रकार है।

दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले एक व्यक्ति ने महाराष्ट्र के सरकारी अधिकारी,

सुभाष काशी नाथ महाजन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

इस शिकायत का असली कारण यह था कि इसमें

शिकायतकर्ता ने अपने ऊपर कथित जातिसूचक शब्दों द्वारा अत्याचार करने की बात की थी।

शिकायत कर्ता ने अपने ऊपर कथित जातिसूचक टिप्पणी के मामले में,

अपने दो जूनियर कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर रोक लगाने का आरोप लगाया था।

यानी शिकायत कर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से इस बात की शिकायत की थी,

कि उसके खिलाफ काम करने वालों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

कृपया जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए और मौजू दा कानून को सिद्ध किया जाए।

जब काशी नाथ को हाईकोर्ट आदि में इसमें

सफलता नहीं मिली तो उसने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर हटाने का आदेश देते हुए,

एससीएसटी कानून के तहत तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया।

यानी काशीनाथ ने सुप्रीम कोर्ट में शिकायत की थी कि एससीएसटी कानून का,

उल्लंघन करने वालों को तत्काल गिरफ्तार नहीं किया जा रहा।

अतःआप जल्दी से जल्दी कार्यवाही की प्रक्रिया करें लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने किया उल्टा।

जिसका परिणाम यह हुआ कि दलित लोग आंदो लन करने के लिए सड़क पर, 

पर उतर आए और इस प्रकार यह चर्चा का विषय बन गया। 

और क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट ने एससीएसटी कानून के तहत न केवल तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी,

बल्कि इसके लिए कुछ व्यवस्थित प्रावधान भी निर्मित किया।

जो इस प्रकार हैं।

🔴एससीएसटी एक्ट के मामले की जांच कम               सेकम डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी करेंगे।

🔴पहले यह जांच इंस्पेक्टर रैंक का अधिकारी करता था।

🔴किसी भी सरकारी अधिकारी पर केस दर्ज होने पर उसकी गिरफ्तारी तुरंत नहीं होगी।

🔴पहले उस अधिकारी के विभाग से गिरफ्तारी का आदेश लेना होगा। 

🔴अगर किसी आम आदमी पर एससीएसटी कानून के मुताबिक मुकदमा दर्ज होता है,

तो उसकी भी गिरफ्तारी तुरंत नहीं हो सकेगी।

🔴उसकी गिरफ्तारी के लिए पहले जिले के एसपी एस एस पी  से इजाजत लेनी होगी। 

🔴किसी पर केस दर्ज होने के बाद उसे अग्रिम जमानत भी दी जा सकती है। 

🔴अग्रिम जमानत देने या न देने का अधिकार मजिस्ट्रेट के पास होगा।

🔴अभी तक अग्रिम जमानत इस कानून में नहीं मिलती थी। 

कब लागू होता है एससीएसटी एक्ट 

🔴अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को अपमानित करने पर।

🔴उन्हें जबरन मलमूत्र खिलाने पिलाने पर।

🔴किसी एससीएसटी को काम देने से इंकार करने पर। 

🔴एससीएसटी को किसी तरह की सेवा देने से इंकार करने पर। 

🔴एससीएसटी से मारपीट करने पर। 

🔴एससीएसटी के परिवार को किसी तरह से परेशान करने पर। 

🔴एससीएसटी को सामाजिक तौर पर अपमानित करने पर। 

🔴एससीएसटी की जमीन पर कब्जा कर लेने या गैरकानूनी ढंग से हथियाने पर। 

🔴एससीएसटी को भीख मांगने के लिए मजबूर करने पर। 

🔴एससीएसटी को बंधुआ मजदूर बनाने पर।

🔴एससीएसटी को उसके अपने मकान को छोडने के लिए मजबूर करने पर। 

धन्यवाद

KPSINGH21052018

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

View all posts by KPSINGH →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *