विटामिन ए के लाभ,हानि एवं इसके स्रोत,आइए जानें।

­विटामिन ए के लाभ,हानि एवं इसके स्रोत,आइए जानें।

 

 

विटामिन ए  :- विटामिन ए ,जी हाँ दोस्तो आज हम विटामिन ए के बारे मेें जानकारी देेेना चाहेंगे। अपने शरीर को स्वस्थ
बनाए रखने के लिए विटामिन व खनिज लवण का सेवन अत्यंंत आवश्यक है। शरीर में इनकी अनुुुपस्थिति होने सेे हमें
अनेक बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इन सभी की पूर्ति फलों व सब्जियोंं का सेवन करके की जा सकती है। विटामिन
ए हमारे शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसका सेवन करने से माँसपेशियाँ मजबूत ,हड्डियों की वृद्धि ठीक प्रकार से ,ब्लड
में कैैैैल्शियम का स्तर उचित व आँखों की रोशनी बढ़ती है। विटामिन ए  दो रूपों में पाया जाता है- रेटिनॉयड व केरोटिनॉयड।
अगर किसी सब्जी का रंंग गहरा हरा व चमकीला है,तो समझ लीजिए कि उसमें केरोटिनॉयड प्रचुर मात्रा में है। तो दोस्तो
चलिए इसके बारेे में और विस्तारपूर्वक जानकारी लेेेते हैंं।

 

 

विटामिन ए के लाभ :-

(1) यह विटामिन एक एंटी ऑक्सीडेेंट्स की तरह कार्य करता हैै। ये एंटी ऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओंं को फ्री रेडीकल्स
       के द्वारा होने वाले दुुष्परिणामोंं से बचाने में मदद करता है।

 

(2) यह डायबिटीज,साँस की बीमारी,हर्ट डिसीजिज आदि को सही करने मेें मदद करता है।

 

 

(3) यह हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।

 

 

(4) इसका सेेेवन करने से त्वचा सुुंदर ,मुलायम व झुर्रियाँ नहीं पड़ती हैं।

 

 

(5) माँस पेेेशियाँ मजबूत,हड्डियों में मजबूूूूती व आँँखों की रोशनी भी बढ़ जाती है।

 

 

विटामिन ए के अत्यधिक सेवन से होने वाली हानि :-

(1) इसका अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से हमारे शरीर को हानि हो सकती है।
(2) महिलाओं मेें अनियमित मासिक धर्म की समस्या ,जोड़ों में दर्द, थकान होना,बाल झड़ना,सिर दर्द,पेट खराब होना,ये
       सभी लक्षण इसके अत्यधिक मात्रा मेें सेवन करने से हो जाते हैंं।

 

(3) इसके अतिरिक्त गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी हानिकारक साबित हो सकता है।

 

 

(4) किडनी व लिवर की बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।

 

 

(5) अगर आप कैंंसर का इलाज,कील मुुहाँसे या फिर गर्भ निरोधक गोलियाँ ले रहे हैं,तो इसकी अधिकता ,ली जाने वाली
       दवाओं के प्रभाव को खत्म कर देती है।

 

 

(6) अगर आप किसी दवा का सेवन करते हैं,तो इस विटामिन का सप्लीमेंट लेेेने से पहले चिकित्सक से सलाह  ले लें,
       क्योंकि इसके सप्लीमेंट में रेटिनॉयड की मात्रा अधिक होने से हमेें स्वास्थ्य संबन्धी समस्याओं का सामना करना पड़   
      सकता है।

 

विटामिन ए के स्रोत :-

(1) यह दो रूप मेें पाया जाता है-पहला एक्टिव विटामिन,दूसरा बीटा विटामिन।
(2) एक्टिव विटामिन,जिसे रेटिनॉल भी कहा जाता है,यह डेयरी प्रोडक्ट,लिवर व माँस मेें प्रचुर मात्रा मेें मिलता है।

 

(3) कैैैैरोनॉयड,जो बाद में रेटिनॉल में परिवर्त्तित हो जाता है,सब्जियों व फलों मेंं प्रचुर मात्रा में मिलता हैै।
(4) विटामिन ए की पूूूर्ति हेतु हमें दूध, दही, सोयाबीन,अंडे की जर्दी,पाालक,स्वीट  पोटेेेटो, पपीता व हरी पत्तेदार सब्जियोंं का
       अवश्य सेवन करना चाहिए।

 

विटामिन ए की कमी होने पर प्रकट होने वाले लक्षण :-

(1) सर्दी,जुुुकाम,निमोनिया,क्रोनिक डायरिया, थकावट,दाँतों का कमजोर होना,येे सभी लक्षण विटामिन ए की कमी होने पर
      प्रकट होते हैैंं।

 

 

(2) इसके अतिरिक्त रतोंंधी(नाइट ब्लाइंडनेस), नींंद न आना,वजन मेें कमी होना भी विटामिन ए की कमी को प्रकट करते
       हैैं।

 

 

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                                                                                                                                                               धन्यवाद

 

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8 Comments on “विटामिन ए के लाभ,हानि एवं इसके स्रोत,आइए जानें।”

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