पहले जानिए पर्यावरण क्या है फिर मनाइए पर्यावरण दिवस

पहले जानिए पर्यावरण क्या है फिर मनाइए पर्यावरण दिवस

पहले जानिए पर्यावरण क्या है, फिर मनाइए पर्या वरण दिवस,

के क्रम में यदि हम सच में पहले पर्यावरण की बात करें तो,

पर्यावरण परि +आवरण शब्द से बना है, जिसका मतलब है हमारे चारों ओर का वह आवरण,

जिसे हमने नहीं बनाया लेकिन हमारे जीवन की

जिसके बिना कल्पना भी नहीं की जा सकती।

जैसे पेड़ पौधे, नदियां, पर्वत पहाड़ जंगल और

विभिन्न जातियों प्रजातियों के धरती पर रहने वाले जीव जंतु आदि।

जी हां दोस्तों पर्यावरण को समझने का यह सबसे आसान उपाय है।

भले ही हम बहुत बड़ी बड़ी अच्छी से अच्छी और बेहतरीन परिभाषाएं,

पर्या वरण की न   जानते हों पर   हमारे   लिए यह जानना बेहद जरूरी है,

कि हम प्रकृति के बनाए गए आवरण या अपने वाता वरण से यदि,

मनमानी या छेड़छाड़ करते हैं तो इसका सिर्फ और सिर्फ यही अर्थ है कि हम,

खुद अपने और अपनी पीढियों की विनाश लीला में दस्तखत कर रहे हैं। 

पर्यावरण का असली मतलब 

पर्यावरण का असली मतलब यह नहीं है कि हम

यह जानते हैं कि पेड़ पौधे, नदियां तालाब, जीव

जंतु यह सब मिलकर पर्यावरण बनाते हैं।

पर्यावरण का असली मतलब यह जानना है कि मनुष्य का इनसे संबंध क्या है?

दोस्तों, हमारे सौरमंडल के ज्ञात ग्रहों में पृथ्वी एक मात्र ऐसा स्थान है जहां पर जीवन है।

इस का एकमात्र कारण यहां पर पर्यावरण का होना है, 

और इस पर्यावरण का एक मात्र कारण जैविक व अजैविक घटकों का,

उनके आसपास के वातावरण के सम्मिलित रूप से है, जो पृथ्वी पर जीवन को संभव बनाते हैं। 

पर्यावरण की परिभाषा 

पर्यावरण या Environment शब्द फ्रेंच भाषा के

Environner शब्द से लिया गया है,जिसका अर्थ है घिरा हुआ या घेरना।

पर्यावरण अधिनियम 1986 के अनुसार हमारा,

“पर्यावरण किसी जीव के चारों तरफ घिरे भौतिक

एवं जैविक दशाएं एवं उनके साथ अंत:क्रिया को सम्मिलित करता है।”

वास्तव में पर्यावरण एक भौतिक एवं जैविक संकल्पना है,

अतः इसमें पृथ्वी के भौतिक या  अजैविक  तथा

जैविक संघटकों को सम्मिलित किया जाता है।

पर्यावरण की इस आधार भूत संरचना के आधार

पर पर्यावरण को निम्न प्रकार से  सच में  समझा जा सकता है 

अजैविक या भौतिक पर्यावरण – स्थल मंडलीय

पर्यावरण +वायु मंडलीय पर्यावरण +जलमंडलीय पर्यावरण।

ध्यान रखें स्थल मंडलीय पर्यावरणीय पुन: पर्वत

पर्यावरण, मैदान पर्यावरण, झील पर्यावरण तथा

हिमनद पर्यावरण, मरुस्थल पर्यावरण में बंटता है।

इसी प्रकार जैविक पर्यावरण को भी इस तरह से समझा जा सकता है।

जैविक पर्यावरण – वनस्पति तथा/जंतु पर्यावरण। 

सौ बातों की एक बात यह है कि पर्यावरण का अर्थ

मानव जीवन के लिए  जरुरी  हवा  और  पानी भी होता है।

और यह हवा पानी जब भी मनुष्य की हरकतों से

जहरीला हो जाता है तो हम कहते हैं कि हमारा पर्यावरण खतरे में पड़ गया है।

इसी लिए हम पर्यावरण के प्रति आम लोगों को जागरूक करने की कोशिश करते हैं।

आज हम जिस पर्यावरण दिवस को मना रहे हैं यह इसी तथ्य की देन है।

निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि अगर हम अपने,

पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे

तो इसमें कोई दो राय नहीं कि हम मनुष्य और

हमारी पीढी पर्यावरण के नष्ट होने से पहले ही

नेस्तनाबूद हो जाएंगे।

हमारा पर्यावरण दिवस मनाना तभी सार्थक होगा जब हम,

न केवल पर्यावरण को समझेंगे बल्कि उसे बनाए रखने का सच्चा संकल्प भी लेंगे। 

धन्यवाद

KPSINGH 05062018

 

 

About kpsingh

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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6 Comments on “पहले जानिए पर्यावरण क्या है फिर मनाइए पर्यावरण दिवस”

  1. पर्यावरण दिवस मनाना एक रुप में दिखावा है |यह कोई उत्सव नहीं है कि इसे मनाकर खुशियाँ बटोरी जाय |पर्यावरण संरक्षण हमारे विचारों में, व्यवहार में या यूँ कहें हमारे खून में होना चाहिये और हर रोज इसका पालन करना चाहिए, तभी आने वाली पीढ़ी के स्वस्थ जीवन की कल्पना कर सकते हैं |

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