विटामिन सी के लाभ,हानि एवं इसके स्रोत आइए जानें।

विटामिन सी के लाभ,हानि एवं इसके स्रोत,आइए जानें।

 

 

विटामिन सी :- विटामिन सी ,जी हाँँ दोस्तो आज हम इस विटामिन के बारे में बात करेेंगे। यह जल मेें घुलनशील विटामिन
होता है। इसे एस्कोर्बिक एसिड भी कहा जाता है। औषधि के रूप में प्रयोग किया जाने वाला 1 मिग्रा  विटामिन सी 20
अंतर्राष्ट्रीय यूनिट के बराबर होता है। लाल रक्त कणिकाओं के निर्माण में मुख्य भूूूमिका निभाने वाला यह विटामिन
रंगहीन,गंधहीन एवं स्वाद में खट्टा होता है। यह शरीर के अंदर होने वाली कई प्रकार की रासायनिक क्रियाओं जैसेे कोशिकाओं
तक ऊर्जा संचालित करना ,नर्वस सिस्टम तक संदेश का पहुँचाना आदि मेें मदद करता है। लिगामेंट्स,कार्टिलेज,रक्त
नलिकाओं का निर्माण करने वाला यह विटामिन कोलैस्ट्रौल को भी नियंत्रित करता है। तो दोस्तो चलिए इस बारे मेें और
जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैंं।

विटामिन सी के लाभ :-

(1) यह विटामिन रक्त नलिकाओंं की कठोरता को दूर कर उन्हें लचीला बनाता है।

 

 

(2) प्रतिदिन इसकी 15-30 मिग्रा मात्रा लेकर स्कर्वी रोग से दूर रहा जा सकता है।
(3) मसूढ़ों में सूजन या पायरिया होने पर इसकी मात्रा 50-75 मिग्रा लेते रहेंं। बहुत आराम मिलेेगा।

 

 

(4) टूटी हड्डियों को जोड़ने या फिर घाव को भरने मेंं यह काफी कारगर है।

 

 

(5) असमय चेहरे पर झुर्रियाँ पड़ जाने पर इसका उपयोग करते रहें,आराम पहुुँचेगा।

 

 

अत्यधिक मात्रा में सेेवन करने से होने वाली हानि :-

(1) हालाँँकि विटामिन सी हमारे शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक है और इसके उपयोग से हमारा शरीर स्वस्थ भी रहता है।
(2) इसका अत्यधिक मात्रा में सेवन हमारे लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
(3) कुछ बीमारियाँ जैसे हृृृदय की बीमारी, किडनी की समस्या ,डायरिया,पेट गड़बड़ा जाना इत्यादि।

 

 

विटामिन सी की कमी से होनेे वाली हानि :-

(1) शरीर मेंं रक्त की कमी के साथ-साथ स्कर्वी रोग होना तय है।
(2) हड्डियाँ न जुड़ पाना व कमजोर हो जाना इस विटामिन की कमी के कारण होता है।
(3) लकवा मार जाना,चर्म रोग हो जाना इसी विटामिन की कमी के वजह से होता है।
(4) सन्धि शोथ नामक बीमारी,श्वेेेत प्रदर की समस्या इसी विटामिन की कमी के कारण होती हैै।
(5) रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाना,जोड़ों में दर्द ,खून बहना,मोतियाबिंंद ,कान व नाक के रोग इसी विटामिन की कमी
       के कारण होतेे हैं।

 

विटामिन सी के स्रोत :-

(1) हरी सब्जियों,ताजे फलों में यह प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
(2) नींंबू, संंतरा, केला, अंगूर, पपीता, अमरूद, अनानास,सेब,बेर,सूखे आँँवले इस विटामिन के मुुख्य स्रोत हैं।
(3) मूली के पत्ते,शलजम,पालक,पत्ता गोभी, हरा धनिया,चौलाई का साग,पोदीना,कटहल इत्यादि मेें विटामिन सी पर्याप्त
      मात्रा में पाया जाता है।

 

 

(4) सब्जियों व फलोंं के ऊपरी भाग में इसकी मात्रा सर्वाधिक व कच्चे फलों में यह अत्यधिक मात्रा मेें पाया जाता है।
(5) ताजे फलों में यह सर्वाधिक व सब्जियों को गर्म करने पर यह विटामिन लगभग नष्ट ही हो जाता है।

 

विटामिन सी की कमी से प्रकट होने वाले लक्षण :-

(1) ब्लड प्रैशर असंतुलित हो जाना, थकावट, रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाना,शारीरिक दुुर्बलता,आलसपन,साँस लेने में
     परेेशानी,भूख न लगना,मसूढ़ों में सूजन आना इसी विटामिन की कमी के कारण होते हैैं।

 

(2) स्कर्वी रोग,अजीर्ण की समस्या,थकान इसी विटामिन की कमी होने से हमें इस समस्या से गुजरना पड़ता है।

 

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                                                                                                                                                             धन्यवाद

6 Comments on “विटामिन सी के लाभ,हानि एवं इसके स्रोत आइए जानें।”

  1. सर आपकी पोस्ट जानकारी के साथ साथ सुन्दर तरीके से सजी हुई भी होती है |

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