सोडियम के लाभ,हानि एवं इसके स्रोत आइए जानें।

सोडियम के लाभ,हानि एवं इसके स्रोत आइए जानें।

 

 

सोडियम :- सोडियम,जी हाँ दोस्तो आज हम सोडियम के बारे में जानकारी  देना चाहेंगे।हमारे शरीर को खनिज लवणों की
कितनी अधिक आवश्यकता होती है,ये हम सभी जानते हैं। इन्हीं प्रमुख लवणों मेें से एक है सोडियम। कम या अधिक मात्रा
में किसी भी खाद्य पदार्थ में यह उपस्थित तो रहता ही है,इसके अतिरिक्त साधारण नमक केे माध्यम से भी हम इसे भोजन
मेें मिलाकर लेते हैंं। यह हमारे भोज्य पदार्थ को स्वादिष्ट बनाने के साथ-साथ सोडियम की शरीर में पूर्ति भी कर देता है।
माँँस पेशियों को दुुुरस्त करने के साथ-साथ मस्तिष्क तक सूचनाएँ पहुँचाने मेें इसका अहम योगदान है। तो दोस्तो चलिए
इस बारे में विस्तृत रूप मेें जानकारी लेते हैं।

 

 

 

 

सोडियम के लाभ :-

(1) यह शरीर में जल के संतुुुलन को बनाए रखने मेें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर में इसकी अधिकता होने पर पसीने
       केे रूप मेें बाहर निकलकर शरीर को स्वस्थ बनाए रखता है।
(2) हमारे शरीर केे सभी अंग सक्रिय रहें,इसके लिए इसका सेवन अत्यंत आवश्यक है।
(3) रक्त मेें मिलकर यह इसके अम्लीय व क्षारीय गुण के संतुुुलन को बनाए रखता है अर्थात यह बफर की तरह कार्य करता
       है।

 

 

 

(4) माँसपेशियों के प्रसार व संकुचन में इसका अहम योगदान है। इसकी अनुपस्थिति मेें माँसपेशियाँ स्थिर हो जाएँगी और
       हमारा शरीर अनेक बीमारियों से ग्रस्त हो सकता है।
(5) यह हमारे शरीर की धड़कन की गति को संतुुुलित रखता है। इसकी अनुुुपस्थिति में हृदय के संकुचन व प्रसार में
       गड़बड़ी होने का खतरा पैैैदा हो सकता है।
(6) हमारी नाड़ियों की उत्तेेजना को सामान्य बनाए रखने में इसका अहम योगदान है। इसलिए इस कार्य की पूूर्ति हेेतु इसका
       सेेवन अत्यंत आवश्यक है।
(7) यह हमारे शरीर के ऊतक में उपस्थित द्रव व प्लाज्मा के ऑस्मोटिक प्रैशर को नियंंत्रित करके रखता है।

 

 

 

सोडियम की कमी से होनेे वाली हानि :-

(1) सोडियम की कमी शरीर में होने पर अनेेेक बीमारियाँ होनेे का खतरा पैदा हो जाता है। पेट मेंं दर्द,उल्टी, जी
      मिचलाना,माँँसपेशियों में ऐंठन,थकान,सिरदर्द इसकी कमी का संकेत हैं।

 

 

 

(2) इसकी कमी से गुर्दे से सम्बन्धित बीमारी व माँँसपेशियों में शिथिलता अर्थात् हीट क्रैम्प होने का खतरा पैदा हो जाता है।

 

 

 

सोडियम की अधिकता होनेे पर हानि :-

(1) शरीर मेें इसकी अधिक मात्रा होने की स्थिति को हाइपर नेट्रोमिया कहा जाता है।इसकी अत्यधिक मात्रा शरीर में होने पर
       हमेें अनेेेक बीमारियोंं का सामना करना पड़ता है।
(2) रक्त चाप बढ़ना,शरीर में सूूजन आ जाना,प्रोटीन की कमी हो जाना,शरीर मेंं इसकी अत्यधिक मात्रा का संकेत हैं।
(3) रक्त का ब्लड वॉल्यूम बढ़ जाना, मोटापा, किडनी से जुड़ी बीमारियाँ,अस्थमा कैैैंसर, हड्डियाँँ पतली होना ये सभी शरीर
       में इसकी अत्यधिक मात्रा मौजूद होने पर होते हैंं।

 

 

 

सोडियम के स्रोत :-

(1) वैसे शरीर में इसकी पूर्ति का सबसे अच्छा स्रोत साधारण नमक है,लेकिन आयोडाइज्ड नमक लें, तो ज्यादा ठीक रहेगा।
(2) वैसे देेखा जाए,तो यह अनाजों, दूध, दही, पनीर,अंडे में अल्प मात्रा में मौजूद रहता हैै।
(3) इसके अतिरिक्त यह हरी सब्जियाँ,सूखे मेेवे व दालों में भी पाया जाता हैै।

 

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प्रतिदिन इसकी ली जानेे वाली मात्रा :-

(1) 0 से 11 माह – 0.12 ग्राम
(2) 1 से 3 वर्ष – 2 ग्राम
(3) 4 से 6 वर्ष – 3 ग्राम
(4) 7 से 10 वर्ष – 4 ग्राम
(5) 11 वर्ष व इससे ऊपर – 5 ग्राम

 

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                                                                                                                                                                                          धन्यवाद
लेखक
अखिलेश कुमार नागर

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