मैंगनीज के लाभ,हानि एवं इसके स्रोत,आइए जानें।

मैंगनीज के लाभ,हानि एवं इसके स्रोत,आइए जानें।

 

 

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मैंगनीज :- मैंगनीज,जी हाँ दोस्तो आज हम मैंगनीज के बारे मेंं बात करेंगे। शरीर के लिए आवश्यक खनिजों में से एक यह
मैंंगनीज, आयरन व अन्य खनिजों के साथ मिलकर अनेक प्रकार की रासायनिक क्रियाएँ करता है। हार्मोंस व हड्डियों मेें
संतुलन बनाने के साथ-साथ प्रोटीन,कार्बोहाइड्रेट व कौलैैैस्ट्रौल के अवशोषण हेतु अत्यंत आवश्यक है। इम्यून सिस्टम को
मजबूत बनाने,हड्डियों के विकास हेतु और अनेक पोषण तत्वों के अवशोषण हेतु इस खनिज की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका
होती है। खून की कमी होने पर,वजन कम करने हेतु,हड्डियों व जोड़ों के दर्द में राहत हेतु यह खनिज अत्यंत महत्वपूूूर्ण है।
हड्डियों के बनने व ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी के बचाव हेतु यह खनिज अत्यंत आवश्यक है। तो दोस्तो चलिए इस
खनिज के बारे में और जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैैं।

 

 

मैंगनीज के लाभ :-

(1) मैंगनीज में एंंटी ऑक्सीडेंंट के गुण मौजूद होने के कारण यह फ्री रैडीकल्स की गतिविधियों पर नजर रखने मेंं सक्षम है।
       ये फ्री रैडीकल्स शरीर मेें पाई जाने वाली कोशिकाओं को समाप्त कर कैंंसर व अन्य बीमारियों को उत्पन्न करने के लिए
       उत्तरदायी होते हैं।

 

 

(2) हड्डियों की वृृद्धि हेतु,कैल्शियम व फॉस्फोरस के साथ-साथ इस मैंगनीज की अत्यंत आवश्यकता होती है। रीढ़ की
       हड्डियों के मिनरल घनत्व को बढ़ाने हेतु यह खनिज अत्यंंत आवश्यक है।
(3) पाचन तंत्र को मजबूूत बनाने हेतु मैंगनीज अत्यंत जरूरी है। कब्ज व आँँतों की समस्या दूर करने के साथ-साथ यह
      खनिज फैट को सोखने में उपयोगी है। हमारे द्वारा लिए गए भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करने का इसी खनिज का कार्य
      है।
(4) ग्लूकोज मेटाबोलिज्म को रैग्यूलेेेट करनेे का कार्य इसी खनिज का है। यह वही खनिज है,जो शरीर के सभी भागों को ऊर्जा
      देकर उनको शक्तिशाली बनाता है।

 

 

(5) यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि अधिकांश महिलाएँ पी०एम० एस० के लक्षणों से ग्रस्त होती हैं। ऐसी स्थिति में यह
      खनिज चिड़चिड़ापन,सिरदर्द,अवसाद जैसी समस्याओं को काफी हद तक दूूूर कर देता है।

 

 

(6) मस्तिष्क व तंत्रिका तंत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ हड्डियों से जुुुुड़ी बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस मेें भी आराम
      पहुँचता है।
(7) मिर्गी में प्रभावी यह मैंगनीज शुगर के स्तर को भी नियंत्रित करता है।

 

 

 

मैंगनीज की अधिकता से होने वाली हानि :-

(1) मैंगनीज की अधिकता होने पर भूख में कमी,पैरों में ऐंठन,माँँसपेशियाँ अकड़ना,सिर दर्द,तंत्रिका तंंत्र से जुड़े विकार हो
       सकते हैं।
(2) चिड़चिड़ापन,हिंसात्मक प्रवृत्ति जैसी स्थिति भी इस खनिज की अधिकता के संकेत हैं। ऐसे व्यक्ति जो लिवर सम्बन्धी
       या फिर शराब के आदी हैैं,वे इस खनिज की अधिकता के शिकार होतेे हैं।

 

 

मैंगनीज के स्रोत :-

(1) गेहूँ,ओट्स,सोयाबीन,जौ,राई,लहसुन इस खनिज के प्रमुुुख स्रोत हैं।
(2) इसके अतिरिक्त यह खनिज, केला, अनानास,स्ट्रौबेेेरी,पालक,कद्दू के बीज, हल्दी, लोंंग,काली मिर्च,बादाम,मकई,ब्राउन
      राइस में भी यह खनिज उपलब्ध होता है।

मैंगनीज की प्रतिदिन ली जाने वाली मात्रा :-

0 से 6 माह – 0.003 mg
7 से 12 माह – 0.060 mg
1 से 3 वर्ष – 1.2 mg
4 से 8 वर्ष – 1.5 mg
9 से 13 वर्ष(लड़के) – 1.9 mg
14 से 18 वर्ष(लड़कियाँ) – 2.2 mg
9 से 18 वर्ष(लड़कियाँ) – 1.6 mg
19 वर्ष व उससे ऊपर(पुरुष) – 2.3 mg
19 वर्ष व उससे ऊपर(महिलाएँ) – 1.8 mg
स्तनपान कराने वाली महिलाएँ – 2.6 mg
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                                                                                                                                                            धन्यवाद
लेखक
अखिलेेेश कुमार नागर
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7 Comments on “मैंगनीज के लाभ,हानि एवं इसके स्रोत,आइए जानें।”

  1. bahut achcha sir ji
    aap blogg ke jariye collegestar me kaise blogging karein hindi me with pc ke sath jaroor jaankari dena .
    shukriya

    1. थैंक्स रिजवान जी। सर मैंने जो भी सीखा है,वह एस० पी० सर के द्वारा बताए गए वीडियो और ब्लौग पोस्ट से सीखा है। आप उनको अच्छी तरह देखिए और सीखिए। उसके बाद भी कुछ प्रौब्लम आती है,तो मुझसे जो बनेगा,मैं आपकी मदद करूँगा। आपकी 90% प्रौब्लम वीडियो और पोस्ट देखने से ही खत्म होगी।

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