आप कितना जानते हैं अपने आंवले को?

 

आप कितना जानते हैं अपने आंवले को? 

आप कितना जानते हैं अपने आंवले को? 

इस सवाल का जवाब देने में आप जरा भी समय नहीं लेंगे ।

लेकिन अगर आप से यह पूछा जाए कि ईसा सेपांच सौ साल पहले महान आयुर्वेदाचार्य चरक द्वारा लिखित चिकित्सा शास्त्र की महान कृति चरक संहिता में जिस एकमात्र जड़ी बूटी का उल्लेख मिलता है वह कौन है?

तो आप चकरा जाएंगे।

आप सोचेंगे ऐसी महान जड़ी बूटी आज इस धरती पर मिल ही नहीं सकती।

लेकिन दोस्तों जरा ठहरिए, आपकी बात सही नहीं है,

बल्कि हकीकत यह है कि पांच  सौ साल ईसा पूर्व चरक ने अपनी चरक संहिता में जिस तथ्य का उल्लेख किया था,

वह आज भी आपके आसपास पर अपने पूरे सबाब के साथ मौजूद है।

हां यह बात जरूर सही है कि आप आज तक उसे कभी भी इतना महत्वपूर्ण स्थान कभी नहीं दे पाए जितना महत्वपूर्ण स्थान कित्सक चरक ने उसे दिया था।

आप भली भांति उस महान औषधीय फल से परिचित हैं,, बस उसे असली रूप में पहचान जरूर नहीं पाए अभी तक।

चलिए चिंता की कोई बात नहीं है आज मैं उसी के बारे मे आपको बताना चाहता हूं अपने इस लेख में कुछ इस तरह से,, , 

आम नहीं है आपकाआंवला 

 

जी हां, दोस्तों चरक जैसे कालजयी चिकित्सक ने अपनी महान कृति चरक संहिता में,

जिस एकमात्र जड़ी बूटी का उल्लेख किया था, वह आंवला है।

हां दोस्तों वह महान औषधि आंवला है।

दोस्तों हमारे मनीषियों ने कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन आंवले की पूजा का प्रावधान किया है ।

लेकिन हां  इसके पीछे कोई आम कारण नहीं बल्कि बहुत ही खास मंतव्य है।

दोस्तों, अमृत फल देने वाले इसके पेड़ को अगर आप आंगन या आवास के आसपास लगा दें तो आपको सदैव औषधीय उपचार का संरक्षण प्राप्त होगा ।

 

🔴आंवले का वैज्ञानिक नाम फाइलैथम एम्बलिका है।

🔴इसके पेड़ की लम्बाई 20 से 25 फुट होती है ।

🔴इसके मिलने के प्रमुख स्थान हैं एशिया, यूरोप और अफ्रीका।

🔴भारत में आंवला बहुतायत पाया जाता है।

🔴भारत में इसकी विधिवत खेती की जाती है।

🔴एक स्वस्थ आंवले के फल में 90.97 %गूदा पाया जाता है,

जबकि 70.5%इसमें तरी पाई जाती है।

🔴इसके जूस का घुलनशील ठोस तत्व 23.8%होता है ।

🔴गूदे के आधार पर इसमे खट्टे पन की मात्रा 3.28%मानी जाती है।

🔴इसके 100 मिलीलीटर रस में आपको 1059.53 मिली ग्राम एस्कार्बिक अम्ल मिलता है  🔴इसमें कुल शर्करा 5.09%और 5.08%रिड्यूसिंग शर्करा पायी जाती है।

🔴इसमें टेनिन 5.73%,पेक्टिन 0.59%,प्रोटीन 0.75%,खनिज लवण 2.922%,फास्फोरस 0.027%,पोटेशियम 0.368%कैल्शियम 0.059%,मैग्नीशियम 0.248%,आयरन 0.004% पाया जाता है।

अब आप बताइए आप कितना जानते हैं अपने आंवले को? 

आंवले का वैज्ञानिक  व धार्मिक महत्व 

आप कितना जानते हैं अपने आंवले को?

हिन्दू मान्यता है कि आंवले का पेड़ भगवान् विष्णु का वास स्थान है।

ऐसी मान्यता है कि समुद्र मंथन से निकले अमृत की छीना झपटी में जब कुछ बूंदे गिर गई थीं तो उसी से इस वृक्ष की उत्पत्ति हुई है।

जबकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण के मुताबिक आंवले का फल विटामिन सी का सबसे बड़ा स्रोत है।

आंवले के सेवन से शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है।

आयुर्वेद में आंवले को कब्ज का रामबाण माना जाता है।

,यह रक्त वर्धक, रुचि वर्धक तथा अतिसार, प्रमेह, दाह, पोलियो, अम्ल पित्त, रक्तस्राव  बवासीर, कब्ज  अजीर्ण, बदहजमी,. श्वांस खांसी, आदि की उत्तम औषधि है।

आंवला सौन्दर्य वर्धक भी माना जाता है।

बालों की कई समस्याएं यथा बाल टूटना, झडना भी इससे नियंत्रित होते हैं।

नेत्र ज्योति और दांतों के लिए भी आंवला महत्वपूर्ण माना गया है।

आंवले का परम्परागत प्रयोग 

 

आप कितना जानते हैं अपने आंवले को ?

आपकी त्वचा की नमी कभी नहीं जाएगी यदि आप रोज एक आंवला का सेवन करते हैं।

पिंपल्स की समस्या का भी समाधान इसी के पास हैं।

आंवला आयुर्वेद तथा यूनानी पैथी की बेहद खास दवाओं मे प्रयोग किया जाता है।

जैसे च्यवनप्राश,  ब्रम्हरसायन, धात्री रसायन, त्रिफला रसायन, मुरब्बा  शर्बत, बालों आदि की दवा निर्मण मेमें प्रयोग किया जाता है ।

ल्यूकोडरमा के अलावा आंवले का प्रयोग शरीर की लगभग समस्त व्याधियों में किया जाता है।

आप कितना जानते हैं अपने आंवले को?

कुल मिलाकर निष्कर्ष यही है कि यह आंवला नामक फल सिर्फ कहने मात्र के लिए अमृत फल नहीं है यह सचमुच का ही अमृत फल है।

अगर आप विचार पूर्वक इसका प्रयोग करते हैं तो निश्चित ही आपको एक नहीँ अनेक बीमारियों से निजात मिल सकती है।

अब आप यह मत पूछिएगा कि आप कितना जानते हैं अपने आंवले को ? 

 

धन्यवाद

KPSINGH 18072018

 

 

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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2 Comments on “आप कितना जानते हैं अपने आंवले को?”

  1. चिर परिचित खूबसूरत अन्दाज में आँवले के महत्व और उपयोगिता को बताये हैं |

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