स्टेम सेल थेरेपी,आर्थराइटिस के इलाज हेतु कितनी कारगर,आइए जानें।

स्टेम सेल थेरेपी, आर्थराइटिस के इलाज हेतु कितनी कारगर, आइए जानें।

 

स्टेम सेल थेरेपी,आर्थराइटिस के इलाज हेतु कितनी कारगर, आइए जानें।

 स्टेम सेल थेरेपी,आर्थराइटिस के इलाज हेतु कितनी कारगर,आइए जानें।
जी हाँ दोस्तो आज हम स्टेम सेल थेरेेपी के बारे में बात करेेंगे,जो आर्थराइटिस के इलाज मेें अत्यंत उपयोगी है। हमारे देश में
आर्थराइटिस की बीमारी एक गंभीर समस्या का रूप लेती जा रही है। देश का हर पाँचवाँ व्यक्ति इस बीमारी से कभी न कभी
जरूर पीड़ित रहता है। इस बीमारी का प्रारंभ में पता लगने पर इसे नियंंत्रित किया जा सकता है,अन्यथा जिंदगी भर कष्ट
सहना पड़ता है,क्योंकि इस बीमारी का अचूूक इलाज संंभव नहीं हो पाया है। इस बीमारी के मरीजों की संंख्या दिन प्रतिदिन
 बढ़ती जा रही है। ऐसे मेें स्टेम सेल थेरेपी इस बीमारी के इलाज में महत्वपूूू्र्ण भूमिका निभा रही है। यदि मरीज पर इस थेेेरेेेपी
को प्रयोग में लाया जाए,तो काफी हद तक जोड़ प्रत्यारोपण से बचा जा सकता है। तो दोस्तो इस बारे मेें और जानकारी हासिल
करने की कोशिश करते हैं।
स्टेम सेल थेरेपी,आर्थराइटिस के इलाज में कितनी कारगर,आइए जानें।

 

आर्थराइटिस होता क्या है ? :-

(1) शरीर के किसी भी जोड़ में आने वाली सूूूजन,हड्डी या जोड़ों की थैैैली,जिसे कार्टिलेेज सायनोवियम कहा जाता है,को
       क्षतिग्रस्त कर देती है।
(2) ऐसी अवस्था को आर्थराइटिस कहा जाता है।
(3) अगर उचित समय पर इलाज न हो पाए,तो जोड़ों के खराब होने की स्थिति आ जाती है।
(4) यहाँ तक कि जोड़ प्रत्यारोपण भी कराना पड़ सकता है।

 

स्टेम सेल थेरेपी,आर्थराइटिस के इलाज में कितनी कारगर,आइए जानें।

 

आर्थराइटिस के प्रकार :-

(1) यूरिक एसिड बढ़ने से गाउटी आर्थराइटिस हो जाना।
(2) अधिक उम्र के व्यक्ति का घुुटने की इस बीमारी का हो जाना।
(3) टी०बी० या सोराइसिस से ग्रस्त व्यक्ति को इस बीमारी का हो जाना।
(4) रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाने पर रूमैटॉयड आर्थराइटिस की समस्या हो जाना।
(5) चोट लगनेे के बाद जोड़ों में आई कमी के कारण यह बीमारी हो जाना।
(6) रीढ़ की हड्डी का जाम हो जाना।

 

स्टेम सेल थेरेपी,आर्थराइटिस के इलाज में कितनी कारगर,आइए जानें।

 

आर्थराइटिस के क्या हैैं लक्षण :-

(1) लेटते समय दर्द होने लगना।
(2) जोड़ों पर लाल रंग के चकत्ते पड़ जाना।
(3) चलने में निरंतरता न रहना।
(4) बुखार से पीड़ित होना।
(5) जोड़ों मेें सूजन आ जाना।

 

स्टेम सेल थेरेपी,आर्थराइटिस के इलाज में कितनी कारगर,आइए जानें।

 

क्या हैं सामान्य इलाज :-

(1) नियमित रूप से हल्के व्यायाम करना।
(2) फिजियो थेरेपी प्रक्रिया को अपनाना।
(3) दर्द निवारक व सूूूजन कम करने की दवाएँ लेना,लेेेकिन सीमित मात्रा मेंं,अन्यथा किडनी व लिवर के खराब होने का डर
      रहता हैै।
(4) विटामिन डी की गोलियों का सेवन करना।
(5) पैरों मेें तिरछापन आने पर घुटने की बीमारी में जोड़ प्रत्यारोपण का प्रयोग करना।

 

स्टेम सेल थेरेपी,आर्थराइटिस के इलाज में कितनी कारगर,आइए जानें।

 

स्टेम सेल थेरेपी की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण :-

(1) स्टेेेम सेल थेरेेेेपी एक ऐसी प्रक्रिया है,जो सूजन कम करने के साथ-साथ हड्डियों व कार्टिलेज के पुुुनर्निमाण मेें महत्वपूूूूर्ण
       भूमिका निभाती है।
(2) जो व्यक्ति घुटने की बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें दर्द व सूजन मेें काफी राहत मिल जाती है।
(3) रूमैैैटॉयड आर्थराइटिस में भी स्टेेेम सेल थेेेरेपी कारगर है और इसके इलाज हेेेतु प्रयोग   की जानेे वाली दवाओं से हमेशा केे
      लिए मुक्ति मिल जाती है।

 

स्टेम सेल थेरेपी,आर्थराइटिस के इलाज में कितनी कारगर,आइए जानें।

 

कब और कहाँ करें प्रयोग :-

(1) कार्टिलेेेज इंजरी या फिर स्पोर्ट्स इंजरी होने के बाद।
(2) रूमैैैटॉयड आर्थराइटिस की बीमारी मेें।
(3) घुुुटने के जोड़ों में 10 डिग्री से अधिक   तिरछापन आ गया है,तो छोटे से ऑपरेशन के बाद स्टेम सेल थेरेपी का प्रयोग
      किया जाता हैै।
तो दोस्तो यह जानकारी आपको कैसी लगी ? यदि पसंंद आई हो,तो लाइक,कमेंट व शेयर करना न भूलें।
                                                                                                                                                                                              धन्यवाद
लेेेखक
अखिलेेेश कुमार नागर
हमारी अन्य पोस्ट 👇👇👇👇👇
(1) चार्ली चैपलिन (महान हास्य कलाकार ),एक नजर में।
(2) श्री गुरुनानक देव जी(एक महान संत) का जीवन परिचय।

4 Comments on “स्टेम सेल थेरेपी,आर्थराइटिस के इलाज हेतु कितनी कारगर,आइए जानें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *