एवरेस्ट की असली उंचाई क्या है?

एवरेस्ट की असली उंचाई क्या है? 

एवरेस्ट की असली उंचाई क्या है?

यह प्रश्न और इसका उत्तर, बचपन से लेकर आज तक, पढ़ना और सुनना ही आया है।

हम बहुत पहले अपने किताबों में यह पढ़ा था कि,

एवरेस्ट विश्व की सबसे ऊंची चोटी का नाम है

इसकी ऊंचाई कितनी है, यह हम कई बार परीक्षा में लिखते हैं,

या जनरल नॉलेज की हाजीर जवाबी के लिए भी रट लेते थे

जैसे ही किसी के मुंह से एवरेस्ट की कुल उंचाई सुनते थे,

हमारे खुद की ज्ञान की जांच के लिए कहा है, जी हाँ 8848 मीटर

सुनना भी खुश, सुनानेवाला भी खुश हो जाता है

लेकिन आज ऐसा नहीं है

ईववर पर रार 

एवरेस्ट की असली उंचाई क्या यह कोई नहीं जानता है?

या फिर सब कोई जानता है

इसकी गूढ़ अर्थ यह है कि “एवरेस्ट की ऊंचाई” सब कुछ,

अपनी अपनी हिसाब से कहता है और सुनता है

जब यह सच भी है कि आज किसी को नहीं पता है कि,

एवरेस्ट की वास्तविक असली ऊंचाई कितनी है

और मजेदार बात यह भी है कि हम फिर भी इस गम में रहते हैं कि हमें सब कुछ पता है

 एवरेस्ट की उंचाई आह से आहा तक 

एवरेस्ट की असली उंचाई क्या है?

पहली बार ईवरस्ट की ऊंचाई के माप के लिए माप कार्य 1952 में किया गया था।

यह काम यद्यपि भारत के पूर्व महापौर  सर जॉर्ज एवरेस्ट की निगरानी में हुआ लेकिन

बहुत कम लोगों को पता होना चाहिए कि यह काम  वास्तव में एक भारतीय युवा गणितज्ञ राधा नाथ सिकदर ने किया था।

विदित हो कि राधा नाथ सिकदर को मानव कम्प्यूटर के नाम से जाना जाता था

क्योंकि उनकी गणित बेमिसाल कही जाती है।

इसके बाद एवरेस्ट का नाम चोटी XV से बदलकर एवरेस्ट किया गया था सर जर्ज एवरेस्ट के नाम पर।

तब सर्वेक्षण के अनुसार इस चोटी की ऊंचाई 29002 मीटर तय की गई थी।

एवरेस्ट की स्थिति 

नेपाल में एवरेस्ट का नाम सागर माथा है। कुछ हिस्सों में एवरेस्ट का हिस्सा भी है।

2005 में चीनी अधिकारी ने इस चोटी को एक बार फिर से मापा तो बवाल मच गया था।

नेपाली और चीनी अधिकारी चूंकि एक दूसरे से सहमत नहीं थे तो यह शोर मच गया था।

हालांकि बाद में चीनी अधिकारी इसे 29017 फीट घोषित करने के लिए कामयाब रहे थे।

बाद में पता चला कि एवरेस्ट की यह माप तिब्बत की तरफ से ठीक है,

लेकिन नेपाल की तरफ से कम है

बाद में नेपाली मत को वरीयता प्राप्त हुई।

एवरेस्ट और नए विषय 

एवरेस्ट के बारे में बहुत समय से चल रहा सब कुछ ठीक है कि मामला अचानक तब गड़बड़ी हुई जब,

दो हजार पन्द्रह में भूकंप की दुर्घटना हुई।

इसके बाद कुछ भूवैज्ञानिकों ने यह माना है कि एवरेस्ट की ऊंचाई कम हुई है।

तो कुछ भूवैज्ञानिक इसे मानना ​​है कि भारतीय भू-प्लेट काटने के कारण इसकी इसकी उंचाई बढी है

क्योंकि कि काठमांडू घाटी 80 सीएम उदय हो गया है

साथ ही कुछ विचार इस तरह के हैं कि ग्लोबल वार्मिंग की वज़ज से चूंकि बर्फ पिघल रही है।

इसलिए भी सागर माथा थोड़ी झुका है।

आप को बता दें कि जो उंचाई हम जानते हैं 8848 मीटर वह भारतीय भूवैज्ञानिक का दान है,

मान्यता प्राप्त है एवरेस्ट की उंचाई के रूप में खुद को चीन ने मान्यता दी है 1975 में।

धन्यवाद 

लेखक : के पी सिंह 

15032018

 

 

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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8 Comments on “एवरेस्ट की असली उंचाई क्या है?”

  1. बहुत ही दिलचस्प जानकारी है | एवरेस्ट के बारे में पुरा विश्व जानता है परन्तु आपके द्वारा दी गई जानकारी को 0.00001 प्रतिशत लोग भी नहीं जानते | धन्यवाद मेरे ज्ञानकोष की वृद्धि के लिए |

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