जुवेनाइल आर्थराइटिस (बच्चों में जोड़ों के दर्द की समस्या),आइए जानें।

जुवेनाइल आर्थराइटिस (बच्चों में जोड़ों के दर्द की समस्या),आइए जानें।

 

जुवेनाइल आर्थराइटिस (बच्चों में जोड़ों के दर्द की समस्या),आइए जानें।

 

जुवेनाइल आर्थराइटिस (बच्चों में जोड़ों के दर्द की समस्या),आइए जानें।
जी हाँँ दोस्तो आज हम जुुुुवेनाइल आर्थराइटिस  के बारे मेें बात करेेंंगे,जो बच्चोंं में होने वाले जोड़ों के दर्द से सम्बन्धित है।
आर्थराइटिस जो पहले बुजुर्गों को होने वाली बीमारी मानी जाती थी,आज इस बीमारी का छोटे-छोटे बच्चे भी शिकार हो रहे
हैं। यदि अभिभावकों को उनके बच्चे जोड़ों के दर्द की समस्या से अवगत कराते हैं,तो इस बात को नजरअंदाज न किया  
जाए,बल्कि समय पर इलाज करवाएँ। हम सोचते हैैं कि बच्चा बहाना बना रहा है, ताकि उसे पढ़ना न पड़े या फिर कोई और
काम न करना न पड़े। अभिभावक अपने बच्चों की बात को गंभीरता से लेें और तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेंं।15-16 वर्ष से
कम उम्र के बच्चों में होने वालाआर्थराइटिस जुवेनाइल आर्थराइटिस कहलाता है। तो दोस्तो चलिए इस बारे में और
जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैंं।
जुवेनाइल आर्थराइटिस (बच्चों में जोड़ों के दर्द की समस्या),आइए जानें।

जुवेनाइल आर्थराइटिस होने का कारण :-

(1) इस बीमारी का मुख्य कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना बताया जाता है।
(2) आर्थराइटिस का सामान्य प्रकार रूमेैैटायड आर्थराइटिस होता है,जो बुुजुर्गों के अलावा बच्चों को भी प्रभावित करता है।
(3) अगर बच्चे इस बीमारी से पीड़ित हैंं,तो उनके अन्य अंग जैसे :- गुुर्दे,हृदय व फेफड़े भी प्रभावित हो जाते हैं।
(4) तुलना की जाए तो लड़कों से ज्यादा लड़कियाँ जुवेनाइल आर्थराइटिस की जल्दी चपेट मेंं आ जाती हैंं।
(5) यह बीमारी भोजन या फिर दिनचर्या में आई गड़बड़ी के कारण नहीं,अपितु प्रतिरक्षा तन्त्र में आई आनुुुवांशिक गड़बड़ी के
       कारण उत्पन्न होने वाली बीमारी है।
(6) अगर सही समय पर इलाज हो जाए,तो असर कम हो जाता है,नहीं तो जोड़-प्रत्यारोपण के अलावा कोई चारा नहीं रहता
       है।
जुवेनाइल आर्थराइटिस (बच्चों में जोड़ों के दर्द की समस्या),आइए जानें।

 

जुवेनाइल आर्थराइटिस होने पर सर्वप्रथम क्या करें ?

(1) तुरंत फिजियो थेरेपिस्ट से सम्पर्क करें।
(2) ये एक्सरसाइज द्वारा जोड़ों में लचीलापन व कोशिकाओं में गतिशीलता ला देेते हैं।
(3) साथ ही साथ विभिन्न उपकरणों की मदद भी ली जाती है,जिससे समस्या का निराकरण ठीक ढंग से हो जाए।
(4) स्थिति गंभीर न होने पर फिजियो थेरेपिस्ट द्वारा लम्बे समय तक एक्सरसाइज करने की सलाह दी जा सकती है।

 

जुवेनाइल आर्थराइटिस (बच्चों में जोड़ों के दर्द की समस्या),आइए जानें।

 

जुवेनाइल आर्थराइटिस के इलाज हेतु सर्जरी कब करवाएँ :-

(1) जोड़ों के दर्द की गंंभीर समस्या हो जाने पर सर्जरी कराई जा सकती है।
(2) बच्चों में जोड़ों के दर्द की समस्या को नजरअंदाज न करें।
(3) अभिभावक अपने बच्चोंं को खेेल या अन्य गतिविधियों में अधिक व्यस्त न होने की सलाह दें,अन्यथा सूजन आ सकती
       है,जिससे तकलीफ बढ़ने की संभावना बढ़ जाएगी।
(4) जोड़ों की अकड़न को खत्म  हेेेतु गर्म पैक दिए जा सकते हैैं।
(5) बच्चों को सलाह दें कि उन्हें गतिविधियों मेें शामिल होने के साथ-साथ आराम करने की भी अत्यंत आवश्यकता है।
तो दोस्तो यह जानकारी आपको कैसी लगी ? यदि पसंद आई हो,तो लाइक,कमेेंट व शेेेयर करना न भूलें।
                                                                                                                                                                                            धन्यवाद
लेखक
अखिलेेेश कुुुमार नागर
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