मैं आपको चैलेंज करता हूं

मैं आपको चैलेंज   करता हूं

मैं आपको चैलेंज करता हूं,,,

दोस्तों, कौन किसको और किस लिए चैलेंज कर रहा है।

यहां पर यह बेहद स्वाभाविक सा प्रश्न बनता है जिसका

उत्तर सुनकर शायद आपको हैरानी होगी।

हो सकता है आप यही न समझ पाएं कि मैं आखिर कहना क्या चाहता हूं।

जबकि मैं सच में वही कहना चाहता हूं जो आप सुन रहे हैं या फिर

मन ही मन गुन रहे हैं।

मैं आपको चैलेंज करता हूं,,, 

इसकी हकीकत जानने के लिए कुछ पल आपको मेरे साथ रहना होगा । 

दोस्तोंं, ,अभी कल ही की बात है मैं अपने कुछ खास दोस्तों के साथ बैठा था।

हम सभी रक्षाबंधन के संबंध में अपने अपने जीवन की यादों को

एक दूसरे से साझा करके तरो ताजा  हो रहे थे कि तभी

एक कम जानकार साथी ने ऐसी कमाल की बात कही कि

सचमुच इसे ही कहते होंगे लाख टके की बात मैं पूरे टाइम यही सोचता रह गया। 

मेरे सामने वही अद्भुत बात बातों ही बातों में कहने वाले सज्जन बैठे थे। 

जिन्हें मैने बड़ी उत्सुकता से अपने पास बिठा रखा था।

भाइयों बहनों आप सोंचते होंगे आखिर इसमें कौन सी नई बात है।

लेकिन भाइयों बहनों सचमुच उसमें कुछ ऐसी बात तो जरूर थी, 

आखिर मैं भी उनकी एक बात का कायल था।

क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मैं उनकी कौन सी बात का कायल था?

मैं आपको चैलेंज करता हूं,,,, इस तथ्य में काफी रहस्य देखे जा सकते हैं। 

उसकी वह अनोखी बात 

मैं आपको चैलेंज करता हूं ,,,,,

दोस्तों, मैं आपको जो खास बात बताना चाहता हूं वह यह है कि यह जो

सज्जन  मेरे पास रक्षाबंधन वाले दिन बैठे थे तभी आपस में कुछ

इधर-उधर की बातें चल रही थीं। 

मेरे साथी सज्जन एक दो पल के लिए खामोश रहे फिर मेरी ओर मुखातिब होकर बोले

मैं आपको चैलेंज करता हूं।

मैंने कहा क्यों, किस लिए?

वह फिर बोले मैं आपको चैलेंज करता हूं कि आप मेरे बारे में कुछ भी अच्छा नहीं जानते ।

मैं आपको चैलेंज करता हूं कि आप मेरे बारे में जो भी जानते हैं सब निगेटिव  ही जानते होंगे। 

मैं उनकी बात सुनकर दंग रह गया ।

कितनी अद्वितीय बात की थी उन्होंने मैं आज भी यही सोच रहा हूँ।

सच कहें तो अद्भुत सत्य कहा था उन्होंने।

लेकिन सवाल उठता है कि क्या आपने मेरी बात समझ लिया, 

कि मैं क्या कह रहा हूँ अथवा क्या कहना चाहता हूं? 

मैं आपको चैलेंज करता हूं 

मैं आपको चैलेंज करता हूं कि आप मेरे बारे में जो भी जानते होंगे

वह सब कुछ या अधिक से अधिक या फिर ज्यादातर निगेटिव ही जानते होंगे।

मैंने कानपुर विश्व विद्यालय की केवल 1 8 एम एड की जनरल सरकारी सीटों में

17 वीं रैंक हासिल करके एडमिशन लिया यह आपको कतई पता नहीं होगा

पर मैं आज तक प्राईमरी का घटिया मास्टर तक नहीं बन पाया आपको यह बात 100 %पता होगी।

दोस्तों यह मनुष्य की जिंदगी की हर समय की पहली और अंतिम सच्चाई रही है कि

वह आपकी निगेटिव चीजों में ही रुचि का अनुभव करता रहा है।

आप एक प्रयोग करके देख सकते हैं।

आप खुद अपने कुछ मित्रों के नाम लिखिए और उनके सामने दो कालम बनाइए

एक अच्छाई का दूसरा कालम बुराई का।

अब आप बारी बारी से उस व्यक्ति की अच्छाई और बुराई लिखते जाइए।

मैं आपको शर्त लगाकर कह सकता हूं कि आप खुद किसी की अच्छाई से ज्यादा बुराई जानते होंगे।

दोस्तों यही हाल हमारा आपका सबका होता है  यही मानव की आज की सच्चाई है

  इसीलिए मैंने शुरू में ही कहा था कि

मैं आपको चैलेंज करता हूं कि आप मेरे बारे में जो भी जानते होंगे

वह केवल निगेटिव ही जानते होंगे। 

 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 27082018

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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2 Comments on “मैं आपको चैलेंज करता हूं”

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