यूपी में शिक्षक भर्ती यानी दलालों की चांदी

यूपी में शिक्षक भर्ती   यानी दलालों की  चांदी

यूपी में शिक्षक भर्ती यानी दलालों की चांदी का आलम यह है कि आप

बिना परीक्षा पास किए या फिर बिना परीक्षा में शामिल हुए

या फिर बिना परीक्षा का फार्म भरे ही टाप क्लास से पास कर सकते हैं।

जय हो बाबा बर्फान की यही है यूपी में शिक्षक भर्ती यानी

दलालों की चांदी का असली चेहरा। 

यह ताजा हाल अभी अभी सम्पन्न हुई उस अध्यापक भर्ती परीक्षा का है

जिसे यूपी में पहली बार योगी सरकार ने आनन फानन में कराकर

वाहवाही लूटनी चाही लेकिन हाय रे योगी का नसीब

कि प्रशासनिक अधिकारियों की वजह से यह हालिया भर्ती

यूपी सरकार के गले की फांस बन गई है।

इतनी घनघोर दगाबाजी इस सूबे के इतिहास में शायद ही पहले कभी हुई हो।

किसी की कापी बदलकर किसी को दे देना तो सुना था कि इस तरह होता है

लेकिन कभी यह नहीं सुना था कि आप परीक्षा मे शामिल भी न हों

तब भी दलालों की कृपा से आप टाप रैंक हासिल कर सकते हैं। 

दलाल यूपी में होने वाली किसी भी अध्यापक

भर्ती परीक्षा में इस कदर हावी हैं

कि वह अपने टक्कर का ही किसी को नहीं समझते

सच कहें तो सरकार और प्रशासन से आज ये दलाल

ज्यादा शुभ और विश्वसनीय हो गए हैं। 

इतना ही नहीं इनका पूरा पूरा साथ देते हैं वह प्रशासक

या वह प्रशासनिक अधिकारी जो नौकरी में आने के पहले

बहुत बड़ी बड़ी बातें करते हैं लेकिन जब नौकरी

के रूटीन में आ जाते हैं

तो भष्टाचार का वह नंगा खेल खेलते हैं कि अच्छा

भला आदमी तो इनकी संगति में बदहवास होकर

जिंदगी से ही दूर भाग जाए। 

 

यूपी की किसी भी अध्यापक भर्ती परीक्षा में

दलालों का जलवा किस कदर कायम है यह किसी से छिपा नहीं रह गया ।

2011 में यूपी में पहली बार टीईटी परीक्षा  नवंबर में हुई थी। 

जब परिणाम आया तो 15 दिसम्बर 2011 को

अमर उजाला ने एक रिपोर्ट छापी

कि जिसके भी 95 नम्बर हैं वह सिलेक्ट है ।

लेकिन वाह री हकीकत मायावती की सरकार जाते ही

अखिलेश यादव की सरकार ने इतनी गजब मेहनत की

कि आज भी 115 जनरल वाला सड़क में घूम रहा है । 

जिनके भविष्य बिगाड़ने का काम यहां थोक में किया जाता है, 

वे बेचारे कागज की तख्तियां लिए सुबह से शाम और शाम से सुबह तक

बस इसी तरह कभी बैठकर तो कभी खड़े होकर

अपने दिल बात या दिल की भड़ास निकाला जाता है । 

यूपी में शिक्षा माफिया की ताकत अद्भुत और अकल्पनीय है।

आप अगर पढाई और ईमानदारी से दूर केवल तीन तिकड़मी चरित्र के हैं तो

आपको सफलता मिलना तय है लेकिन अगर आप गल्ती से

अपनी बुद्धि और मेहनत पर भरोसा करने वाले एक हिम्मती व्यक्ति हैं

तो आपका पास होना असंभव ही समझ कर चलिए।

यही है यूपी में शिक्षक भर्ती यानी दलालों की चांदी की असली कहानी।

सच तो यह है कि मेरा यह आलेख यूपी की किसी एक सरकार के लिए नहीं लिखा गया

बल्कि यूपी में 1990 के बाद जिसकी भी सरकार बनी है

सभी सरकारों के बीच घोटालों की खुशबू आती रही है।

आप यूपी की किसी भी हालिया शिक्षा भर्ती का उदाहरण ले लीजिए

आप को हर तरफ केवल भष्टाचार ही नजर आएगा। 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 12092018

 

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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