भारत में राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य

भारत में राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य 

भारत में राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य की चर्चा बेहद महत्वपूर्ण है

क्योंकि भारत में 2से 6 अक्टूबर के बीच प्रतिवर्ष वन्यजीव सप्ताह मनाया जाता है।

इस सप्ताह के मनाए जाने की मुख्य वजह यह है कि इससे वनों और वनों में रहने वाले

जीव जंतुओं के प्रति आम नागरिकों में जागरूकता फैलेगी ।

वैसे यह बताने की कतई आवश्यकता नहीं है कि वन्यजीव व वनों के प्रति जागरूकता के क्या फायदे हैं?

क्यों कि इस धरती पर जितने भी चल अचल जीव निर्जीव चेतन अनुभूतियाँ हैं

वह सभी एक दूसरे से किसी न किसी तरह जुड़ी हुई हैं।

न केवल जुड़ी हैं बल्कि एक दूसरे पर निर्भर भी हैं जिसका अर्थ यह भी हुआ कि

यदि एक पर संकट के बादल हैं तो कोई ऐसा कारण नहीं बचता कि

बाकी सभी पर संकटों की बारिश न हो जाए।

दोस्तों, भारत में राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य की इस चर्चा में

आइए अब बात करते हैं भारत में  राष्ट्रीय उद्यानों की वर्तमान स्थिति पर,

इनके संरक्षण के फायदे और नुकसान पर। 

भारत के राष्ट्रीय उद्यान 

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अनुसार भारत का कोई भी राज्य

किसी समृद्ध जैव विविधता वाले प्राकृतिक

पारिस्थितक तंत्र को राराष्ट्रीय उद्यान घोषित करने की शक्ति रखता है।

इसके अनुसार जो क्षेत्र या  पारिस्थितिकी तंत्र जीव जंतुओं,

वनस्पतियों, भू आकृति एवं जलीय महत्व के हैं

और उनका संरक्षण किया जाना नितांत आवश्यक है उन्हें

राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया जा सकता है।

आपको पता होना चाहिए कि राष्ट्रीय पार्क घोषित किए गए क्षेत्र में

जंतुओं का शिकार प्रतिबंधित होता है।

राष्ट्रीय उद्यान घोषित क्षेत्र में वन्यजीवों के अलावा

अन्य जीवों के चारण पर प्रतिबंध होता है।

किसी भी वन्यजीव जंतु के आवास के अतिक्रमण पर रोक होती है।

कोई भी संरक्षित क्षेत्र का अतिक्रमण नहीं कर सकता।

पौधों को संग्रहीत करने और उनको हानि पहुंचाने पर प्रतिबंध है।

हथियार का प्रयोग इन क्षेत्रों में वर्जित है।

भारत में 2005 में हुए एक सर्वे के अनुसार पर कुल 94 राष्ट्रीय उद्यान थे

जिनमें 85 राज्यों में और 9 केंद्र शासित राज्यों में थे। अब नया सर्वे आ गया है

जिसके अनुसार भारत में वर्तमान में कुल 103 राष्ट्रीय उद्यान काम कर रहे हैं। 

भारत में राष्ट्रीय उद्यानों की स्थिति 

भारत में राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य की चर्चा के क्रम में

यहां प्रस्तुत हैं भारत के राष्ट्रीय उद्यानों की स्थिति और उनमें

कौन सरंक्षित है इसकी क्रमशः जानकारी?

जम्मू कश्मीर

जम्मू-कश्मीर में 4 चार राष्ट्रीय उद्यान हैं, जिनके नाम हैं

दाचीगाम, हेमिस हाई, सालिम अली तथा किश्तवार राष्ट्रीय उद्यान।

दाचीगाम भारत का एकमात्र क्षेत्र है जहां कश्मीरी हंगुल पाए जाते हैं।

हेमिस हाई राष्ट्रीय उद्यान की विशेषता यह है कि यह

भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान हैै

जो जम्मू-कश्मीर के लेह जनपद में स्थित है। 

हिमाचल प्रदेश 

हिमाचल प्रदेश में पांच 5 राष्ट्रीय उद्यान हैं जो ग्रेट

हिमालय, इंदर किला, खिर गंगा, पिन घाटी और सिम बाल बारा में स्थित हैं।

ग्रेट हिमाचल यूनेस्को सूची में शामिल है। 

 

उत्तराखंड 

उत्तराखंड में कुल 6 राष्ट्रीय उद्यान हैं।

इनके नाम इस प्रकार हैं:जिम कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान  गंगोत्री,

गोविंद पशु विहार,नंदा देवी और फूलों की घाटी।

जिम कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान 1936 में बना भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान है।

पहले इसका नाम हैली राष्ट्रीय उद्यान था।

राजा जी राष्ट्रीय उद्यान बाघ, तेंदुआ, तथा हाथियों के लिए प्रसिद्ध है।

🔴हरियाणा में कुल दो राष्ट्रीय उद्यान हैं, जिनके नाम हैं कालेसर तथा सुल्तानपुर। 

राजस्थान

राजस्थान में कुल पांच राष्ट्रीय उद्यान हैं जिनके नाम हैं

केवलादेव, रणथम्भोर, सरिस्का, मुकुंदरा हिल्स तथा मरुस्थलीय राष्ट्रीय उद्यान।

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान साइबेरिया के क्रन नानामक पक्षी के प्रवास के लिए जाना जाता है।

राजस्थान का मरुस्थलीय राष्ट्रीय उद्यान भारत का दूसरा सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। 

गुजरात

गुजरात में कुल चार राष्ट्रीय उद्यान हैं जिनके नाम हैं,

गिरिवन राष्ट्रीय उद्यान, मैरीन राष्ट्रीय उद्यान  ब्लैक बक राष्ट्रीय उद्यान, वंस्दा राष्ट्रीय उद्यान।

मैरीन राष्ट्रीय उद्यान कच्छ की खाड़ी में है और गुजरात का गिरिवन राष्ट्रीय उद्यान 

एशियाई शेरों के लिए जाना जाता है। 

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के 6 छ:राष्ट्रीय उद्यान इस प्रकार हैं :संजय गांधी बोरिबली राष्ट्रीय उद्यान।

नवेगांव, पेंच, तदोबा, गुगामल और चांदोली।

🔴गोवा में एक 1राष्ट्रीय उद्यान है जिसका नाम महावीर मोल्लेम है।

कर्नाटक

कर्नाटक में पांच राष्ट्रीय उद्यान हैं जिनके नाम हैं, बांदी पुर राष्ट्रीय उद्यान,

राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान कुदरेमुख राष्ट्रीय उद्यान बननेरघट्टा और अंशी राष्ट्रीय उद्यान।

बांदी पुर राष्ट्रीय उद्यान रेड हेडेड वल्चर, वृहद बाइसन भारतीय हाथी  चीतल।

राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान नागरहोल भी कहलाता है इसी तरह

बेन्नेर घट्टा तितलियों के लिए जाना जाता है। 

केरल

केरल में कुल छ: राष्ट्रीय उद्यान हैं जिनके नाम हैं पेरियार राष्ट्रीय उद्यान,

अन्नामुदी शोला, इरावी कुलम मथिकेट्टन शोला, पम्बाडुम शोला, साइलेंट वेली।

पेरियार राष्ट्रीय उद्यान में हाथी, हिरन, सांभर, भौंकने वाला हिरन पाया जाता है। 

तमिलनाडु

तमिलनाडु में कुल पांच 5 राष्ट्रीय उद्यान पाए जाते हैं।

इनके नाम हैं इंदिरा गांधी या अन्ना मलाई,मुदुमलाई, मुंडी, मुकुर्थी और मन्नार मैरीन। 

तेलंगाना

तेलंगाना में कुल तीन राष्ट्रीय उद्यान हैं।

इनके नाम इस प्रकार हैं कासू ब्रह्मानंद रेड्डी, महावीर हरिना वनस्थली और मुगावानी  है। 

आंध्रप्रदेश

आंध्र प्रदेश में केवल तीन राष्ट्रीय उद्यान हैं जिनके नाम इस प्रकार हैं:

पापी कोंडा  राजीव गांधी  यानी रामेश्वरम राष्ट्रीय उद्यान और श्री वेंकटेश्वर राष्ट्रीय उद्यान ।

छत्तीसगढ़

इन्द्रावती  गुरु घासीदास और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान।

कांगेर महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र है।

राणा चार्ल्स डार्विनी नामक नई मेढक की प्रजाति के लिए भी जाना जाता है। 

 

ओडिशा

ओडिशा में भितर कनिका तथा सिमलीपाल राष्ट्रीय उद्यान हैं। 

पं बंगाल

पं बंगाल में कुल 6 राष्ट्रीय उद्यान हैं, जिनके नाम इस प्रकार हैं :

ब्रुक्सा, गोरू मारा, नेओरा घाटी, सिंग लीला, सुंदर वन और जलदापारा।

जलदापारा में एक सींग वाला गैंडा पाया जाता है। 

त्रिपुरा

त्रिपुरा में केवल दो राष्ट्रीय उद्यान हैं, जिनके नाम हैं क्लाउडेड लेपर्ड, बिसो। 

मिजोरम

मिजोरम में भी केवल दो राष्ट्रीय उद्यान हैं।

मुर्लेन फवंग पुई नीला पर्वत। 

मणिपुर

मणिपुर में केवल एक राष्ट्रीय उद्यान है।

यहां पर विश्व का एकमात्र पानी में तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान है

जिसका नाम केइबुल लाम जाओ है। 

नागालैंड

नगालैंड में केवल एक इंटाकी नामक राष्ट्रीय उद्यान है। 

अरुणाचल प्रदेश

यहां पर कुल दो राष्ट्रीय उद्यान हैं नामदफा तथा माउलिंग नाम हैं इनके। 

झारखंड

झारखंड में केवल एक बेतला राष्ट्रीय उद्यान है जो

बाघ,, स्लोथ भालू, मोर  हांथी  सांभर के लिए जाना जाता है।

उत्तर प्रदेश में केवल एक

राष्ट्रीय उद्यान दुधवा राष्ट्रीय उद्यान है 

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में देश में सबसे ज्यादा राष्ट्रीय उद्यान हैं यहाँ इनकी संख्या 9 है ।

मध्य प्रदेश का कान्हा नेशनल पार्क बाघ, तेंदुए व जंगली कुत्ते के लिए जाना जाता है।

मध्य प्रदेश के बाकी राष्ट्रीय उद्यान इस प्रकार हैं।

माडला प्लांट फासिल, माधव, इंदिरा गाँधी, पेंच, पन्ना, संजय, सतपुड़ा,, वन बिहार  आदि। 

बिहार में भी केवल एक राष्ट्रीय उद्यान है

जिसका नाम है बाल्मीकि 

असम

असम में कुल पांच राष्ट्रीय उद्यान हैं, जिनके नाम इस प्रकार हैं:

ढिबरू साइखोवा, ओरांग, नमेरी, काजीरंगा और मानस।

काजीरंगा एक सींग वाले गैंडा के लिए तथा मानस

जंगली भैंसा के लिए जाना जाता है ।

सिक्किम में केवल एक राष्ट्रीय उद्यान है,

जिसका नाम कंचनजंघा है।

इसे यूनेस्को की सूची में

शामिल किया गया है। 

मेघालय

मेघालय में दो राष्ट्रीय उद्यान हैं इनके नाम हैं, नोक नेक रिज और बाला फकरम।

रेड पांडा, जंगली जल भैंसा बाला फकरम में तथा भौंकने वाला

हिरण, गौर नोक रिज में पाए जाते हैं। 

अंडमान और निकोबार में

भी मध्य प्रदेश की ही तरह कुल

9 राष्ट्रीय उद्यान पाए जाते हैं।

इनके नाम हैं : 

कैम्पवेल खाड़ी, गलाथिया खाड़ी, महात्मा गांधी

मैरीन  उत्तरी बटन द्वीप, माउंट हैरियट, मध्य बटन

द्वीप, रानी झांसी मैरीन, सैडल पीक।

यहां विशेष बात यह भी है कि साउथ बटन भारत का सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान है ।

भारत में वन्यजीव अभ्यारण्य

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 में बनाया गया था,
जिसका उद्देश्य वनों में जीवन यापन करने वाले वन्य जीवों को
आदमी की क्रूरता से बचाना था। 

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के ही अनुसार यदि कोई भी राज्य

अपने किसी खास अथवा विशेष क्षेत्र को जैव

विविधता की दृष्टि से उपयोगी और महत्वपूर्ण मानता है तो

वह उस क्षेत्र वन्यजीव अभ्यारण्य घोषित कर सकता है।

ध्यान रखें यहां पर जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण का अर्थ यह है कि वह स्थान जहां

पर पर्याप्त जैवकीय, भू आकृतिक, जीव जंतु, वनस्पतियों आदि की बहुलता हो।

भारत में वर्तमान में 543 वन्यजीव अभ्यारण्य हैं।

इनमें टाइगर आधारित क्षेत्र को प्रोजेक्ट टाइगर द्वारा संचालित किया जाता है।

भारत के खास खास वन्यजीव अभ्यारण्य इस प्रकार हैं:

🔴आन्ध्र प्रदेश में कोरिंगा, कोल्लेरू, पुलिकट,

नागार्जुन सागर श्री शैलम, प्राणहिता आदि नामों के वन्यजीव अभ्यारण्य हैं।

🔴तेलंगाना में नागार्जुन सागर-श्री शैलम, प्राणहिता, किन्नेरसानी।

🔴बिहार में बरेला झील वर्तमान में इसे सालिम अली जुब्बा साहनी पक्षी विहार भी कहते हैं।

भीमबांध, गौतम, कांवरझील, कैमूर, बाल्मीकि, विक्रम शिला  गंगा डाल्फिन।

🔴चंडीगढ़ में सुखना झील।

छत्तीसगढ़ गोवा में क्रमशः अचानक मार, सीता नदी, और भगवान् महावीर गोवा आदि।

🔴गुजरात की बात करें तो कच्छ ग्रेट इंडियन बस्टर्ड 

गिरि, कच्छ की खाड़ी  मेरीन, नल सरोवर, नारायण सरोवर, चिंकारा, पूर ,जंगली गधा ।

🔴हिमाचल प्रदेश में चंद्र ताल पोंग डेम झील रेनुका।

जम्मू-कश्मीर में चांगथांग शीत मरुस्थल, हेकेरसर, सुरिनसर मानसर।

अंडमान निकोबार में टर्टल द्वीप, उत्तराखंड में

केदारनाथ, नागालैंड में फकीम वन्यजीव अभ्यारण्य हैं।

गुमटी, सिपाही जाला त्रिपुरा में हैं तो मेघालय में नोंग

खैलेम, सिजू, बाघमारा पिचेर पौधा नामक वन्यजीव अभ्यारण्य का अस्तित्व कायम है।

भारत में राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य की कहानी अभी जारी है और जारी ही रहेगी। 

 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 03102018

 

 

 

 

 

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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