आइए जानते हैं कि,,,

आइए जानते हैं कि,,, 

आइए जानते हैं कि,,, यह आप कैसी पोस्ट पढने जा रहे हैं?

इसका जवाब यह है कि आप एक ऐसी पोस्ट पढने जा रहे हैं जिसके कई रूप हैं।

इस पोस्ट में हम जीवन की जरूरी बातों पर गौर करने जा रहे हैं,

इस लिए आपको इसमें हर तरह के वाल और उनके जवाब मिलने की पूरी सम्भावना है।

दोस्तों कुछ सवाल तो ऐसे होते हैं जिनके जवाब हम जीवन भर नहीं जान पाते 

और तो और अगर कभी कम्पटीशन की दुनिया में पहुंच गए

तो सिर पे पैर भी रखकर भगना पड़ता है।

आप कोई भी हो कुछ भी करते हों इस पोस्ट में जो भी लिखा गया है

केवल और केवल आपके लिए लिखा गया है,

अगर आपको विश्वास न हो तो आप खुद इस सच्चाई का पता लगा सकते हैं कुछ इस तरह से ,, 

लोग बेहोश क्यों हो जाते हैं? 

आइए जानते हैं कि लोग बेहोश क्यों हो जाते हैं।

दोस्तों,  पूरी मनुष्य जाति के सामान्य रूप से काम करने के लिए जरूरी है कि

मनुष्य के मस्तिष्क में रक्त का संचार बेहद अच्छे ढंग से होता रहे।

क्योंकि जब तक हमारे मस्तिष्क में खून का संचार व्यवस्थित ढंग से चलता रहता है

अर्थात मस्तिष्क में खून की उचित मात्रा पहुंचती रहती है तब तक

हमारी सभी क्रियाएं सामान्य रूप से चलती रहती हैं।

यदि हमारे मस्तिष्क में रक्त पहुंचने में कोई बाधा आ

जाए तो मनुष्य बेहोश हो जाता है। 

 

खून का रंग लाल क्यों होता है? 

आइए जानते हैं कि खून का रंग लाल क्यों होता है?

दोस्तों, मनुष्य के रक्त यानी खून के चार अवयव होते हैं।

इसका मतलब यह हुआ कि चार तत्व होते हैं

जिनके मिलने से

मानव रक्त का निर्माण होता है। यह चार तत्व  इस प्रकार हैं:

प्लाज्मा, श्वेत रक्त कण, लाल रक्त कण और प्लेटलेट्स।

दोस्तों, हमारे खून में आधे से ज्यादा भाग प्लाज्मा का होता है।

यह पीले रंग का गाढ़ा द्रव होता है।

इसमें प्रोटीन, एंटीबाडीज, फाईबिनोजन,कार्बोहाइड्रेट  वसा तथा लवण होते हैं।

वास्तव में हमारे खून का लाल रंग लाल रक्त कणिकाओं की वजह से होता है।

इनकी बनावट तस्तरी जैसी होती है। 

लाल रक्त कण ही शरीर में आक्सीजन को एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं ।

इसमें लाल रंग का हीमोग्लोबिन नामक पिग्मेंट पाया जाता है।

इसी वजह से रक्त का रंग लाल होता है।

श्वेत कणों की संख्या मनुष्य के शरीर में काफी कम होती है।

ये आम तौर पर  हमारे शरीर में हमला करने वाले कीटाणुओं से हमारी रक्षा करते हैं।

प्लेटलेट्स का आकार बहुत छोटा होता है।

जब हमारा शरीर कहीं से कट जाए तो बहने वाले खून को यही रोकता है। 

 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 06102018

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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2 Comments on “आइए जानते हैं कि,,,”

  1. केपी सिंह जी को में नस्कर बहुत बढ़िया जनकरी है अपने सर वेरी नाइस सर 👌👌👍👍😁

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