आओ करें आज कुछ बातें विज्ञान की

आओ करें आज कुछ बातें विज्ञान की 

आओ करें आज कुछ बातें विज्ञान की

क्यों कि यह बात हम आप सब जानते हैं कि विज्ञान आज वह सच्चाई है,

जिसके बिना हम एक पल भी गुजार नहीं सकते।

जो लोग सचमुच जागरूक और जानकार हैं वे इस

बात से कतई इन्कार नहीं कर सकते कि आज विज्ञान हमारे जीवन में ही नहीं, 

आज विज्ञान हमारे प्रति दिन में ही नहीं बल्कि विज्ञान आज हमारे पल पल का ख्याल रखता है।

इसे आप यूं भी समझ सकते हैं कि सुबह दिशा मैदान

से रात्रि में विश्राम तक का कोई एक पल भी विज्ञान से जुदा नहीं बचा।

सभी जगह विज्ञान ने न केवल अपनी पैठ बनाई है

बल्कि विज्ञान ने एक हद तक हमारी जिंदगी ही सुधार दी है। 

हां, यह बात दीगर है कि हम चाहें तो विज्ञान को वरदान साबित कर दें

और हम चाहें तो विज्ञान को अभिशाप बना दें।

यह सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि हमारी प्रकृति कैसी है।

तो दोस्तों, आओ करें आज कुछ बातें विज्ञान की कुछ इस तरह से,,,  

विज्ञान हमारे जन जीवन में 

आओ करें आज कुछ बातें विज्ञान की।

कैप्सूल का आवरण स्टार्च का बना होता है ताकि जब वह पेट में जाए तो उसे घुलने में आसानी हो।

शहद में पाई जाने वाली मिठाई वास्तव में फ्रक्टोस के कारण चीनी से अलग होती है

क्योंकि गुड़ और चीनी में पाई जाने वाली मिठाई सुगर होती है।

शहद में मुख्य रूप से पाया जाने वाला तत्व कार्बोहाइड्रेट है।

क्या आप जानते हैं कि लंबे समय तक कठोर शारीरिक कार्य करने के पश्चात

हमारी मांसपेशियों में जिस थकान का अनुभव हम करते हैं

उसका कारण ग्लूकोस का अवक्षय है।

प्रोटीन नामक तत्व का हमारे जीवन में बेहद योग दान है।

इसे शारीरिक निर्माण के लिए जरूरी माना जाता है

क्योंकि यही वह तत्व है जिसे शरीर का निर्माण करने वाला माना जाता है।

सबसे ज्यादा प्रोटीन सोयाबीन में पाया जाता है।

सोयाबीन में पाई जाने वाली प्रोटीन की प्रतिशत्ता 42% होती है।

चावल में प्रोटीन नहीं पाया जाता जबकि दाल दूध और मांस में यह प्राप्त होता है।

जहां तक प्रोटीन के सबसे अच्छे तत्व की बात है तो यह सोयाबीन है।

क्या आप जानते हैं कि मानव शरीर में वसा का जो जमाव होता है वह वह स्थान वसा ऊतक है। 

शरीर का रक्षात्मक  पदार्थ 

हम जब भी विटामिन्स को परिभाषित करने की कोशिश करते हैं तो

सबसे बेहतर परिभाषा यही है कि विटामिन को हम रक्षात्मक पदार्थ कह सकते हैं।

जहां तक ज्ञात विटामिन्स की बात है तो इनके नाम इस प्रकार हैं

विटामिन ए बी सी डी ई एफ के पी तथा बी वन टू फाइव सिक्स नाइन ट्वैल्ब आदि।

हमारे आंखों की रतौंधी नामक बीमारी विटामिन ए की कमी से होती है।

गाजर विटामिन ए का एक अच्छा स्रोत है।

विटामिन बी – 12 को हम साइनोकोबालमिन कहा जाता है।

विटामिन के वह विटामिन है जिसकी अगर शरीर में कमी हो जाए

तो बहता हुआ खून थक्का न बनने के कारण कभी बंद नहीं हो सकता।

इसलिए इसकी हमारे शरीर में खास महत्ता होती है।

सनशाइन विटामिन विटामिन डी को कहा जाता है यह सूरज की प्रारंभिक किरणों में मिलती है।

बच्चों के शरीर में जब प्रोटीन की कमी पाई जाती है तो

उसके कारण उत्पन्न होने वाले रोग को मेरास्मस कहते हैं।

लाइकोपीन वह तत्व है जिसके कारण तरबूज का रंग लाल होता है।

लाल रोमन सलाद वह सब्जी है जिसे अंतरिक्ष में उगाई जाने वाली पहली सब्जी कहा जाता है।

हमारी आलू की फसल को खराब करने वाला रोग लेट ब्लाइट कहा जाता है।

क्या आप जानते हैं कि खीरे में 96% पानी पाया जाता है।

आओ करें आज कुछ बातें विज्ञान की नामक इस

पोस्ट का उद्देश्य यही है कि हम कुछ न कुछ विज्ञान जरूर जानें। 

 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 27102018

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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