तथ्यों के आइने में अंतरिक्ष में पहली बार

तथ्यों के आइने में अंतरिक्ष में पहली बार

तथ्यों के आइने में अंतरिक्ष में पहली बार

अर्थात आधुनिक दुनिया में अंतरिक्ष संबंधी जो कुछ भी विकास या परिवर्तन हुआ

उन्हीं तमाम तथ्यों को आपके सामने प्रस्तुत करने के लिए इस पोस्ट को लिखा जा रहा है

ताकि आप जब भी अंतरिक्ष संबंधी तथ्यों की पड़ताल करें तो आपको मायूस न होना पड़े।

तथ्यों के आइने में अंतरिक्ष में पहली बार नामक यह पोस्ट आपको

उन तथ्यों को विस्तार से बताने वाली है जो आपको जीवन में

कभी भी किसी भी तरह की परीक्षा आदि में परेशानी में डाल सकते हैं।

दोस्तों, सच तो यह है कि जिस अंतरिक्ष को हम अपहुंच मान कर

कभी केवल हांथ जोड़ कर प्रणाम मात्र करना जानते थे

आज उसी अंतरिक्ष के चप्पे चप्पे से हम वाकिफ़ हो रहे हैं।

हमने यानी मनुष्य ने न केवल सफलता पूर्वक अंतरिक्ष

को नाप लिया है

बल्कि आज हम अंतरिक्ष को अपने हिसाब से संचालित भी कर रहे हैं।

मिशन क्रेडल और मिशन लोटस इस तथ्य के प्रमाण हैं। 

अंतरिक्ष के पहले यात्री

अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम यात्री या अंतरिक्ष जाने वाला पहला व्यक्ति

सोवियत संघ के यूरी गागरिन हैं जो 1961 में पूरी दुनिया में सबसे पहले अंतरिक्ष गए थे।

अगर अंतरिक्ष जाने वाली पहली महिला की बात करें तो वह थी वेलेंतीना तेरेस्कोवा।

यह भी सोवियत संघ की ही थीं।

अमेरिका की बात करें तो सबसे पहले यहां से एलन शेपर्ड अंतरिक्ष गया था।

वहीं अगर हम पृथ्वी की कक्षा में जाने वाले पहले अमेरिकी की बात करें

तो वह थे श्री मान जान ग्लेन जो 1962 में ऐसा करने में कामयाब हुए थे।

अंतरिक्ष में विचरण करने वाला प्रथम व्यक्ति सोवियत संघ के अलेक्सी लियोनोव थे।

इन्होने यह कारनामा सन 1965 में किया था।

अंतरिक्ष में दो बार जाने का रिकार्ड सबसे पहले बनाने वाले व्यक्ति गस ग्रिसम अमेरिका निवासी हैं।

अंतरिक्ष जाने वाली पहली अमेरिकी महिला 

यह रिकार्ड उन्होंने 1965 में कायम किया था।

अंतरिक्ष में स्वतंत्र रूप से विचरण करने वाले पहले व्यक्ति का नाम ब्रुस मैकंडलीस है।

अमेरिका निवासी इस व्यक्ति ने यह रिकॉर्ड 1984 में बनाया था।

अंतरिक्ष में ही एक अन्य यान को छूने वाले प्रथम व्यक्ति का नाम माइक  कालिंस है।

उन्होंने ऐसा 1966 में किया था। यह मूलतः अमेरिका के निवासी थे।

अंतरिक्ष में अंतरिक्ष यान बदलने का कारनामा करने वाले पहले व्यक्ति

अलेक्सी येलेसेयेव और येवगेनी खुनोव हैं। यह दोनों लोग सोवियत संघ के हैं

और इन्होंने यह कारनामा 1969 में करके दिखाया था।

अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम अमेरिकी महिला का नाम शैली राइडस है।

यह रिकार्ड इन्होंने 1983 में बनाया था।

अंतरिक्ष में प्रथम मिलन

सोवियत संघ तथा अमेरिका के मानव रहित विमानों का अंतरिक्ष में प्रथम मिलन 1975 में हुआ था

जिसमे अमेरिकी यान का नाम सोयूज तथा अमेरिका का नाम अपोलो था।

चंद्रमा एवं पृथ्वी के मध्य अंतरिक्ष में विचरण करने वाला प्रथम व्यक्ति अल्फ्रड बोर्डन है।

यह अमेरिका के रहने वाले थे और इन्होंने रिकॉर्ड 1971 में कायम किया था।

चंद्रमा की यात्रा में सबसे पहले जो भी यान निकला था उसका नाम अपोलो 8 था 

यह अमेरिका का यान था और यह सबसे पहले 1968 में निकला था।

चंद्रमा के धरातल पर चलने वाली प्रथम मानव रहित बग्घी का नाम लूना खोद था।

यह सोवियत संघ की थी जिसके द्वार ययह रिकार्ड 1969 में बनाया था।

चंद्रमा पर चरण रखने वाला प्रथम व्यक्ति अमेरिका निवासी नील आर्मस्ट्रांग था।

इसने यह कारनाम 21 जुलाई 1969 को किया था।

विश्व का प्रथम अंतरिक्ष यान स्पुतनिक-1 है इसे रूस ने 1957 में प्रक्षेपित किया था।

नासा द्वारा प्रक्षेपित प्रथम यान का नाम एक्सप्लोरर है।

क्या आपको पता है कि चीन पहली बार अंतरिक्ष क्लब में 1970 में शामिल हुआ था।

विश्व का प्रथम प्रायोगिक संचार उपग्रह इको-2 को माना जाता है

जबकि 1960 मे यू एस ए द्वारा प्रक्षेपित टिरोस उपग्रह विश्व का पहला मौसमी उपग्रह है।

सर्व प्रथम मंगल ग्रह का अध्ययन करने वाला अंंतरिक्ष यान मार्स – 2 है

जिसे अमेरिका ने 1971 में भेजा था।

विश्व का प्रथम सुदूर संवेदन उपग्रह लैंडसेट – 1 है।

विश्व का प्रथम स्पेस शटल अमेरिका द्वारा प्रक्षेपित कोलंबिया है। 

भारत का प्रथम जासूसी उपग्रह कौन है? 

विश्व की प्रथम महिला शटल कमांडर एलीन मैरी कालिंस हैं।

विश्व का प्रथम अंतरिक्ष पर्यटक का दर्जा डेनिस टीटो

को प्राप्त है वह अमेरिका निवासी थे जो पहली बार 2001 में अंतरिक्ष गए थे।

विश्व की सबसे ऊंची वेधशाला हेनले है जो लद्दाख में स्थित है।

ह्यूजिंस वह प्रथम स्पेस प्रोब है जिसे शनि के उपग्रह टाइटन पर जनवरी 2005 में उतारा गया था।

भारत का प्रथम रक्षा जासूसी उपग्रह टी ई एस कहलाता है।

भारत का प्रथम प्रायोगिक संचार उपग्रह एप्पल है।

इन्सैट के प्रथम पीढ़ी के उपग्रहों का निर्माण करने वाली संस्था का नाम

फोर्ड एयरोस्पेस एंड कम्युनिकेशन कार्पोरेशन अमेरिका है।

भारत का प्रथम दूर संवेदी उपग्रह आई आर एस है।

भारत का प्रथम शैक्षणिक उपग्रह एडूसैट है।

खगोलीय अध्ययन करने  भारत का प्रथम उपग्रह एस्ट्रोसैट है।

भारत के प्रथम राकेट का दर्जा रोहिणी-75 को मिला हुआ है। 

भारत का प्रथम अंतरिक्ष यात्री कौन था? 

भारत के प्रथम अंतरिक्ष यात्री का नाम राकेश शर्मा है। यह 1984 में अंतरिक्ष गए थे।

भारतीय मूल की प्रथम महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला हैं

जबकि दूसरी महिला यात्री का दर्जा सुनीता विलियम्स को प्राप्त है

कल्पना हरियाणा की तो सुनीता गुजराती मूल की हैं जो अब भारत की नागरिक नहीं हैं।

भारत का पहला रिमोट सेंसिंग सेटेलाईट बेकानूर स्पेस सेंटर से छोड़ा गया था।

भारतीय अंतरिक्ष अभियान के जनक का दर्जा  डाक्टर विक्रम साराभाई को प्राप्त है।

चांद पर पहली बार पैर रखने वाले व्यक्ति का दर्जा नील ए आर्मस्ट्रांग को प्राप्त है।

चंद्रमा पर पहली बार मनुष्य को उतारने वाला देश अमेरिका है

जब कि अंतरिक्ष की यात्रा करने वाला प्रथम देश रूस है जिसे तब सोवियत संघ कहते थे।

अंतरिक्ष में पहली बार तैरने वाले व्यक्ति 

अंतरिक्ष में तैरने वाले प्रथम व्यक्ति का दर्जा अलेक्सी लियोनोव को प्राप्त है जो रूस के निवासी थे।

इसी तरह अंतरिक्ष में विचरण करने वाला पहला आदमी एलन शेपर्ड को माना जाता है

जिन्होंने यह कारनामा 1961 में किया था।

सोवियत संघ की ओर से दो बार अंतरिक्ष जाने का तमगा प्राप्त करने वाले प्रथम व्यक्ति

कर्नल ब्लाादिमी कोमारोव हैं जिन्हें यह सम्मान 1967 में ही प्राप्त हो चुका था।

जबकि अमरीका की ओर से दो बार अंतरिक्ष जाने वाले पहले व्यक्ति का दर्जा

प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री गोर्डन कूपर को प्राप्त है। 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 04112018 

 

 

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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