नकली को ना कहें मगर कैसे?

 

नकली को ना कहें मगर कैसे? 

नकली को ना कहें मगर कैसे?

इस छोटे से ना का मतलब बहुत बड़ा है क्योंकि जो लोग साल भर से, 

तरह तरह की जुगत बाजार के जरिए हर आदमी को ठगने के लिए लगा रहे हैं

उनके लिए ना नहीं हां की जरूरत है।

सरल शब्दों में कहें तो जो सफेद कालर में बाजार में काले चोर बैठे हैं

वह दीपावली के अवसर पर नकली ही नहीं महा

नकली, खतरनाक और जानलेवा माल इस लिए बैठे हैं ताकि

वह आपकी आस्था और भावना से खेलकर लाखों की कमाई कर लें।

उनकी कमाई के चक्कर में आपका चाहे जितना बड़ा नुकसान हो जाए

इसकी उन्हें कतई चिंता नहीं है।

एक से बढ़कर एक नकली कहानी 

नकली को ना कहें मगर कैसे?

आप उनके घटिया माल को बिना किसी ना नुकर के खरीद लें बस वह यही चाहते हैं।

आपकी तरफ से बस हां की तमन्ना है ऐसे चोरों की क्योंकि

अगर आप ने भूल से भी ना कर दिया तो बाजार के काले चोर पल भर में फुटपाथ पर नजर आएंगे।

जितना भी नकली माल चोर बना सकते हैं वह सब इस दीवाली में आपको बाजार में मिल जाएगा।

अब यह आप पर निर्भर है कि आप चमकदार नकली को ना कहते हैं या हां।

आप नकली का ना कहें मेरी तो आपको यही टूटी फूटी सलाह है।

हां, इतना जरूर है कि आज कल बाजार की छलविद्या समझना कोई आसान बात नहीं है

फिर भी आप परेशान न हों, 

यहां कुछ ऐसे ही सार्वजनिक, सार्वभौमिक सत्य परीक्षण के घरेलू तरीके बताए जाऐंगे

जिनके जरिए आप निश्चित ही बाजार की नकली खाद्य सामग्री की जांच कर सकते हैं ।

यह सभी सामान्य तरीके वाले प्रयोग हैं जिन्हें खुद 

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण FSSAI यानी फसाई ने बताया है।

इन्हें आप अपने घर में आसानी से आजमा सकते हैं।

खाद्य पदार्थों की जांच के आसान तरीके 

नकली को न कहें मगर कैसे?

हम आप सभी जानते हैं कि दीपावली मिठाइयों का त्योहार है।

इस लिए चाहे कोई अमीर हो या गरीब

सभी लोग किसी न किसी मात्रा में कहीं न कहीं से मिठाई खरीदते ही हैं।

इन खरीदी हुई मिठाइयों के नकली सामान से बने होने की सबसे ज्यादा सम्भावना होती है।

क्योंकि खोया, चीनी तो बाद में नकली मिलती है सबसे

पहले मिठाई की जड़ दूध में ही जोरों की मिलावट की जाती है।

आप दूध का परीक्षण सामान्य तरीके से कर सकते हैं।

फसाई का मानना है कि अगर आपको दूध के असली नकली का परीक्षण करना है

तो सबसे पहले दूध की कुछ बूंदें चिकनी सतह में गिराकर देखें।

शुद्ध दूध गोल आकृति में पीछे हल्के निशान छोड़ता बढ़ जाएगा

लेकिन यदि दूध नकली है तो वह बिना निशान के

बहेगा ऊपर से कम दूरी में ही फैल जाएगा।

नकली माल असली दिमाग से पहचाना जाता है 

असली दूध आगे नकल जाएगा और नकली को ना कहें मगर कैसे?

इसके लिए अच्छा सा आइडिया दे जाएगा।

यह जांच वास्तव में दूध में पानी की जांच की है जबकि

दूध में यूरिया, वनस्पति तेल, वासिंग पाउडर आदि की भी मिलावट की जाती है।

इसके लिए फसाई ने कुछ और भी घरेलू उपाय बताए हैं जो इस तरह हैं:

अगर आपको दूध में स्टार्च की जांच करनी है तो आप इसमें आयोडीन की कुछ बूंदें मिलाइए 

अगर आप की शंका सही है तो दूध का रंग नीला हो जाता है।

अगर आपको दूध में यूरिया मिले होने की शंका है तो

तो एक परखनली में दूध लें और उसमें अरहर का पाउडर डालकर हिला लें

फिर देखें यदि दूध में यूरिया मिला होगा तो पांच मिनट बाद जैसे ही

आप लाल लिटमस पेपर डुबोएंगे तो वह नीला हो जाएगा, यानी दूध में यूरिया है।

गर दूध में मिला हो वनस्पति 

अगर आपको अपने दूध में वनस्पति मिले होने की शंका है तो

आप केवल 1 0 बूंद हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डाल कर इस बात की जांच कर सकते हैं।

एक परखनली में दूध लें उसमें 10 बूंद हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालें, साथ ही एक चम्मच चीनी।

केवल पांच मिनट में दूध लाल हो जाएगा यदि वनस्पति मिला होगा।

यदि आपको शंका है कि आपके दूध में डिटर्जेंट मिला है तो आप इसके लिए

दूध और पानी बराबर मात्रा में लेकर हिलाएं। 

अगर आपके दूध में डिटर्जेंट मिला है तो हिलाने पर आपको झाग के दर्शन होंगे।

खोया, दही, रबड़ी, पनीर, छेना और इनसे बनी तमाम महंगी मिठाइयां भी आपको उल्लू बना सकती हैं।

अगर आपको बाजार में बैठे ठगों से अपनी जेब और गला नहीं कटवाना चाहते हैं

तो आपको भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की बात पर गौर करना ही होगा।

फसाई के अनुसार ऊपर बताई गई तमाम चीजों की जांच के लिए

इनमें से किसी का भी एक चम्मच नमूना लीजिए अब इसमें मात्र कुछेक बूंद आयोडीन डालिए।

अब देखिए इनका रंग नीला होता है तो समझ लीजिए मक्कारों ने आपको लूट लिया है। 

मैदा और बेसन की  करतूत 

अगर आपको किसी ने गलत मैदा पकड़ा दिया है तो आप उसका परीक्षण इस तरह कर सकते हैं।

थोड़ी मात्रा में मैदे को पानी में डालकर हिलाएं इसके बाद इसमें

हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की कुछ बूंदें डालिये।

इसके बाद हल्दी पावडर में भीगा हुआ एक कागज लीजिए

और मैदे में डाल दीजिए अगर कागज लाल हो जाए तो समझ लीजिए

आप ठगे जा चुके हैं और आपके मैदे में बोरिक एसिड पाउडर बिराजमान है।

बेसन का भी आप परीक्षण अपने घर पर ही उपलब्ध साधनों के द्वारा कर सकते हैं।

फसाई के अनुसार  यदि आप बेसन की सुद्धता जांचना चाहते हैं तो

आधा चम्मच बेसन तथा आधा चम्मच एल्कोहल को परखनली में डालें

फिर इसमें कम से कम 10 बूंदें हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालें।

देखिए अगर बेसन गुलाबी रंग का हो जाता है तो बेसन भाई को खाना खतरे से कम नहीं।

आपका बेसन नकली है  आपको इसके इस्तेमाल से बचना चाहिए।

नकली को ना कहें मगर कैसे?

मुझे लगता है कि इस लेख को पढने के बाद आपको भी कुछ आइडिया आया होगा

कि हम नकली को ना और असली को हां कैसे कह सकते हैं। 

नकली को ना और चांदी की चमक

मिठाई पर लगी चमकदार चांदी की परत यदि गड़बड़ दिखती है तो

सबसे पहले चांदी की परत को हांथ में लेकर उसे रगड़ दीजिए।

असली चाांदी परत गायब हो जाती है रगड़ने पर लेकिन नकली मौजूद रहती है।

जो नकली परत होती है वह एल्युमिनियम फाइल कहलाती है।

इस परीक्षण पर भी यदि मन न भरे तो चांदी वाली नकली या असली जो भी है उसे जलाइए।

यदि राख सफेद है तो चांदी वर्क सही है लेकिन यदि राख काली हो

तो समझिए आपकी लुटिया लुटेरों ने गहरे में डुबोई है। 

क्रमशः 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 05102018

 

 

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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