आई एन एस अरिहंत यानी दुश्मन को चेतावनी

आई एन एस अरिहंत   यानी दुश्मन को    चेतावनी 

आई एन एस अरिहंत यानी दुश्मन को चेतावनी वह भी ऐसी चेतावनी

जो दुश्मन के दिमाग में ही नहीं बल्कि दिल दिमाग दोनों में खलबली मचा दे।

जी हां दोस्तों,  हम यहां पर सच में भारत की पहली

परमाणु सम्पन्न पनडुब्बी आई एन एस अरिहंत की बात कर रहे हैं

जिसने पांच नवंबर 2018 को समुद्र में अपनी पहली डिटरेंस पेट्रोलिंग

अर्थात गस्त अभियान के बाद स्वदेश लौट आई है।

आई एन एस अरिहंत यानी दुश्मन को चेतावनी की खूबी यह है

कि इस परमाणु सम्पन्न पनडुब्बी के बाद भारत दुनिया के गिने चुने

कुछ ऐसे देशों में शामिल हो गया है जो आज जल थल नभ तीनों में ही

दुश्मन की किसी भी चुनौती को न केवल स्वीकार करने में सक्षम हैं

बल्कि दुश्मन को खुली चुनौती देकर उसे नेस्तनाबूद करने में भी पूरी तरह से सक्षम हैं।

शायद इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी की खुली चेतावनी महज चेतावनी नहीं है कि

भारत पहले तो किसी को छेड़ता नहीं लेकिन अगर किसी ने उसे जरा भी छेड़ने की जुर्र की

तो भारत फिर उसे कभी छोड़ता भी नहीं। 

कहानी आई एन एस अरिहंत की

आई एन एस अरिहंत यानी दुश्मन को चेतावनी
मतलब भारत की पहली परमाणु सम्पन्न पनडुब्बी की कहानी यह है कि 
26 जुलाई 2009 को कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में
विशाखापत्तनम के तट पर बंगाल की खाड़ी में
तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर ने
आई एन एस अरिहंत का जलावतरण किया था। 

विशाखापत्तनम स्थित शिप बिल्डिंग सेंटर में देश में ही निर्मित

स्वदेशी पनडुब्बी के निर्माण में कुल 11 वर्ष लगे हैं।

ध्यान रखने वाली बात यह है कि अति गुप्त परियोजना के तहत रूस के सहयोग से निर्मित

इस एडवांस टेक्नोलॉजी वेेसल के जलावतरण हेतु

परीक्षण अब समुद्र साइट ब्रेवो में किए गए हैं तथा इसके बाद ही

इसे अब औपचारिक रूप से भारतीय नौ सेना में शामिल किया गया है। 

6000 टन विस्थापन क्षमता वाली इस पनडुब्बी को नौ सेना में शामिल करने के बाद

प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा कि हमें ब्लैकमेल करने वाले अब सुधर जाएं तो बेहतर होगा।

क्योंकि भारत अब सपेरों और जादू टोना दिखाने वालों का देश नहीं है बल्कि

भारत जमीन, हवा और पानी तीनों से किसी भी देश

पर परमाणु प्रहार करने की क्षमता रखने वाला देश बन गया है।

गौरतलब है कि भारत के अलावा ऐसी ताकत रखने वाले देशों में

संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस,  चीन,  ब्रिटेन, फ्रांस ही अब तक शामिल हैं।

एक महत्वपूर्ण बात यह भी ध्यान में रखने लायक है

कि स्वदेशी न्यूक्लियर सबमरीन आई एन एस अरिहंत यानी दुश्मन को चेतावनी को

डिजाइन करने, उसे बनाने तथा उसका संचालन करने में भी भारत ने खुद को सक्षम बना लिया है।

इतना ही नहीं इसकी एक परम विशेषता यह भी नहीं भूली जा सकती कि

दुश्मन को यह दिखाई नहीं देगी लेकिन यह दुश्मन की जद में जाकर वार करने की क्षमता भी रखती है।

आई एन एस अरिहंत यानी दुश्मन को चेतावनी की एक और विशेषता यह भी है कि

यह परमाणु सम्पन्न पनडुब्बी 750 किलोमीटर से लेकर

3500 किलोमीटर तक मारक क्षमता रखने वाली मिसाइलों को प्रक्षेपित करने में सक्षम है। 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 06112018

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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