पर्यावरण संरक्षण दिवस क्या है?

पर्यावरण संरक्षण    दिवस क्या है? 

पर्यावरण संरक्षण दिवस क्या है?

 यह सवाल इस लिए भी स्वाभाविक है क्योंकि हम

सभी पर्यावरण दिवस तो काफी पहले ही पांच जून को मना लेते हैं ।

बावजूद इसके अगर हम 26 नवंबर को पर्यावरण संरक्षण दिवस मनाते हैं तो

आखिर इसका क्या मतलब है?

हम पांच जून को भी हर साल पर्यावरण दिवस मनाते हैं।

इतना ही नहीं हम इस पांच जून वाले पर्यावरण दिवस को भी

पर्यावरण के प्रति चिंतित होने की प्रतिज्ञा करते हैं।

इसके बाद भी आखिर इस पर्यावरण संरक्षण दिवस का मूल मकसद क्या है?

यह जानने की इच्छा है कि क्या पर्यावरण दिवस और

पर्यावरण संरक्षण दिवस एक हैं या इनमे कोई

बुनियादी फर्क है?

पर्यावरण संरक्षण   दिवस के पहले 

पर्यावरण संरक्षण दिवस के बारे में कुछ जानने के पहले आपको बताना चाहते हैं कि

जाहिर सी बात है हम इस पोस्ट में 26 नवंबर को मनाए जाने वाले

पर्यावरण संरक्षण दिवस के बारे में ही बात करेंगे लेकिन फिर भी

बात कुछ और आगे बढ़े इससे भी पहले कुछ और बातें करना जरूरी है,

जैसे :दुनिया में 23% देश ऐसे हैं जहां जल शोधन संयंत्र नहीं हैं।

दुनिया की 52%जमीन अति क्षरण का शिकार है।

यानी खेती जिस जमीन में की जाती है वह लगातार

पानी और खाद के प्रयोग के कारण फसल लायक ही नहीं बची।

पर्यावरण संरक्षण दिवस के दौर में 

पर्यावरण संरक्षण दिवस के दौर में

पूरी दुनिया में सालाना होने वाली मौतों में 55 लाख मौतें

केवल दूषित हवा की वजह से होती हैं।

पूरी दुनिया में जिन देशों की हवा दूषित हैं वहां रहने वालों की कुल संख्या 3.5 अरब है।

दुनिया की 8300 ज्ञात जीव प्रजातियों में से 8% जातियां विलुप्त हो चुकी हैं

साथ ही साथ 22%पर खतरे की दीवार लटक रही है।

दुनिया की कुल आबादी में प्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर आबादी की संख्या 260 करोड़ है।

पूरी दुनिया में आजीविका के लिए जंगलों में आश्रित लोगों की संख्या 160 करोड़ है।

दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में 10 शहर भारत के हैं।

पूरी दुनिया में 55 करोड़ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें स्वच्छ जल पीने को नहीं मिलता। 

पर्यावरण संरक्षण पर विचार 

जहां पानी है वहीं आपको हरियाली भी दिखाई देती है।

जहां पानी नहीं है वहां आपको हरियाली भी दिखाई नहीं देती।

जहां हरियाली है वहीं जीवन है जहां हरियाली नहीं है वहां जीवन नहीं है।

तात्पर्य यह हुआ कि अगर आपको खुद का और धरती का जीवन चाहिए तो

यह मानकर चलिए कि आपको धरती का ख्याल रखना ही पड़ेगा।

सच कहें तो यही है पर्यावरण संरक्षण दिवस की खास बात है

जो हमको आपको 26 नवंबर के पर्यावरण संरक्षण दिवस पर समझायी जाती है।

सच कहें तो अब पर्यावरण की चुनौती किसी एक की चुनौती नहीं है।

अब पर्यावरण की चुनौती किसी एक देश या समाज की भी नहीं है बल्कि

हकीकत यह है कि अब पर्यावरण की चुनौती हरेक की है।

अब पर्यावरण की चुनौती सामूहिक रूप से सोचने का विषय है।

क्योंकि हमें प्रकृति के उस नियम को नहीं भूलना चाहिए

जिसके अनुसार जो भोगे वो जोड़े भी।

अब प्रकृति के संसाधनों का सब इस्तेमाल करते हैं तो उनका

संरक्षण भी सबकी जिम्मेदारी है।

पर्यावरण संरक्षण आज किसी के लिए कुछ करने का विषय नहीं उसे जीने का विषय होना चाहिए। 

पर्यावरण संरक्षण आज  जिम्मेदारी है? 

पर्यावरण संरक्षण दिवस क्या है?

इस सवाल पर अगर हम सम्यक विचार करें तो तो मेरा निष्कर्ष यही है कि

अगर आपको लगता है कि पर्यावरण संरक्षण दिवस मना कर ही

आप पर्यावरण की पर्याप्त भलाई कर लेंगे तो आप पर्यावरण संरक्षण दिवस क्या है?

तो आप इसके बारे में कुछ नहीं जानते। 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 29112018 

 

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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