क्या आप जानते हैं कि?

  क्या आप जानते हैं       कि ?

क्या आप जानते हैं कि जीवन में सामान्य ज्ञान का क्या महत्व है?

सच कहें तो अगर आपने कभी किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की होगी

तो जरूर आपको अंदाजा होगा कि आखिर प्रतियोगी जीवन के ही लिए नहीं,

बल्कि सामान्य जीवन में भी सामान्य ज्ञान का बेसुमार महत्व है।

सामान्य ज्ञान का जीवन में इतना महत्वपूर्ण स्थान है कि एक सामान्य घर के छात्र को भी

देश का सबसे बड़ा ब्यूरोक्रेट बना सकता है या तो बहुत बड़े अधिकारी के बेटे को भी

चपरासी तक बनने नहीं देता।

मेरे कहने का तात्पर्य यह है कि जीवन में यदि आप छात्र जीवन से गुजर रहे हैं या

आपके आसपास कोई अपना इस जीवन बेला से गुजर रहा है

तो यह लेख केवल आप के लिए है। 

गेट वे आफ इंडिया कब और क्यों बना है? 

गेट वे आफ इंडिया मुम्बई में स्थित है।

सन् 1911 में 21 लाख रुपये में बन कर तैयार होने वाली 85 फीट ऊंची इमारत

या गेटवे आफ इंडिया का निर्माण उस समय कराया गया था

जब 1911 में ब्रिटिश किंग जार्ज पंचम और क्वीन मैरी भारत यात्रा पर आए थे।

इसका उद्घाटन 4 दिसम्बर को 1924 में किया गया था।

दुनिया में स्टडी काल की शुरुआत कब हुई? 

एस टी डी यानी सब्सक्राइबर  ट्रंक डायलिंग की शुरुआत

वास्तव में लम्बी दूरी की काल करने हेतु हुई थी।

एसटीडी की पहली काल 5 दिसम्बर 1955 को तब हुई थी

जब ब्रिटेन की महारानी ने ब्रिस्टल से एडिनबर्ग के बीच काल की थी।

पहले अगर किसी को दूसरे शहर बात करना होता था तो उसे टेलिफ़ोन एक्स्चेंज जाना पड़ता था

लेकिन एस टी डी सेवा ने इसे हर घर संभव बना दिया था।

हालांकि यह सेवा 1955 में प्रारंभ हुई थी लेकिन पूरी तरह से इस तंत्र को विकसित होने में कई साल लग गए थे।

इस प्रकार ब्रिटेन में यह पूरी तरह से 1979 में ही विकसित हो पाई थी।

लंदन का ग्रेट स्माग 

लंदन के ग्रेट स्माग की कथा यह है कि पांच दिसंबर 1952 को

लंदन शहर में अचानक जानलेवा स्माग इस कदर छा गया था कि

केवल पांच दिनों में ही यहां पर 12 हजार लोगों की मौत तथा दो लाख लोग बीमार हो गए थे।

यह स्माग कोयले की अत्यधिक मात्रा जलने से पैदा हुआ था।

इस घटना को ग्रेट स्माग आफ लंदन कहा जाता है। 

दुनिया का पहला आॅटोमेटिक पार्किंग गैरेज

दुनिया का पहला आॅटोमेटिक पार्किंग गैरेज पार्क ओ मैट 1951 में

अमेरिका में पांच दिसंबर को खुला था।

यह अमेरिका की राजधानी वाशिंग्टन डीसी में स्थित था।

इसमे एलीवेटर की सहायता से गाड़ियों में बैठे बिना ही उन्हें एक मिनट के अंदर पार्क किया जाता था।

इस गैरेज में कुल 16 मंजिले और दो बेसमेंट लेवल थे, 

यहां कुल मिलाकर 72 गाड़ियां पार्क हो सकती थीं।

 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 05122018

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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