तथ्यों के आइने हमारे आंकड़ों की दुनिया

तथ्यों के आइने में हमारे आंकड़ों की दुनिया 

तथ्यों के आइने में हमारे आंकड़ों की दुनिया की हकीकत यह है कि

अगर आप छात्र हैं या फिर किसी भी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो

यह पोस्ट सच मानिए किसी और के लिए नहीं बल्कि केवल और केवल

आप के लिए ही लिखी जा रही है क्योंकि मेरा अपना अनुभव कहता है कि

अगर हमारे सामान्य ज्ञान की दुनिया में आंकड़ों का भंडार सुव्यवस्थित तथा सुरक्षित होता है तो

हमें कभी भी किसी से भी घबराने की जरूरत नहीं होती

लेकिन अगर आप इस दौलत से संपन्न नहीं है तो

आप किसी भी सीनियर प्रतियोगी से पूछ कर देखिए महज कुछ आंकड़े न याद होने की वजह से

लोग आईएएस या पीसीएस तक बनते बनते रह जाते हैं।

दोस्तों, आज यहां इस पोस्ट में ऐसे ऐसे कुछ खास और प्रमाणित आंकड़े दिए जा रहे हैं

जो आपको निश्चित ही लाभ पहुंचाएंगे। 

 

चिंता जनक सड़क हादसे

चिंता जनक सड़क हादसों की हकीकत यह है कि 2015- 2017 के दौरान

देश में सड़क हादसों में करीब 4.45 लाख लोगों को अपने जीवन से हाथ धोना पड़ा था।

इसके अलावा इसी दौरान 14.65 लाख लोग इन्हीं सड़क हादसों में घायल हुए थे।

जहां तक बात 2015 की है तो इस दौरान 5 लाख से भी ज्यादा हादसे हुए थे

जिनमें 1लाख 46 हजार 133 लोगों की मौत हो गई थी और

कुल 5 लाख 279 लोग घायल हुए थे।

इनमें 1 लाख 50785लोगों की मौत हो गई थी और 4लाख 94 624 लोग घायल हुए थे। 

इसी तरह 2016 में कुल सड़क हादसों की संख्या 4लाख 80652 थी।

जहां तक 2017 की बात है तो इस साल भारत में होने

वाले कुल सड़क हादसों की संख्या 4 लाख 64 हजार 910 थी।

इनमें 1 लाख 47913 लोगों की मौत हो गई थी

जबकि 4 लाख 70975 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।       -स्रोत :लोक सभा 

सीएनजी वाहनों का बढ़ता दायरा 

तथ्यों के आइने में हमारे आंकड़ों की दुनिया की चर्चा

करें तो पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक हमारे देश में

1 दिसंबर 2018 तक कुल सीएनजी वाहनों की संख्या 3222849 थी।

इनमें सबसे ज्यादा वाहनों की संख्या दिल्ली में है और यह संख्या 1055411है।

दिल्ली के बाद गुजरात का नम्बर आता है जहां पर कुल सीएनजी वाहनों की संख्या 876981है।

देश में सीएनजी वाहनों की संख्या के मामले में मुम्बई का स्थान तीसरा है।

जहां तक मुम्बई में कुल सीएनजी वाहनों की संख्या का सवाल है तो मुम्बई में कुल 876980है।

देश में सीएनजी वाहनों की संख्या में चौथा स्थान हरियाणा का है

और देश में पांचवा स्थान हमारे यूपी का है यहां पर

सीएनजी वाहनों की संख्या क्रमशः 152689 तथा 147790 है। 

देश में सबसे ज्यादा सीएनजी वाहनों की संख्या में छठवां स्थान

मध्य प्रदेश का है यहां 35479 वाहन हैं।

सातवां स्थान चंडीगढ़ का है जहां 5000 वाहन हैं तो आठवें स्थान पर पं बंगाल है

जहां कुल 3613 वाहन हैं।

पंजाब मे 757 तथा उत्तराखंड में 60 पंजीकृत वाहन हैं।

यही है तथ्यों के आइने में हमारे आंकड़ों की दुनिया। 

-स्रोत पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 

सर्वाधिक कार्बन उत्सर्जक देश

विश्व में कार्बन उत्सर्जक देशों में सबसे पहला स्थान चीन का है।
यहां पर 10.43अरब मीट्रिक टन कार्बन का उत्सर्जन होता है।
दूसरा स्थान अमेरिका का है जहां 5.01अरब मीट्रिक टन कार्बन का उत्सर्जन होता है।
भारत का स्थान तीसरा है जहां पर 2.53 अरब मीट्रिक टन कार्बन का उत्सर्जन होता है।
चौथा स्थान जापान का है जहां 1.66 अरब मीट्रिक टन कार्बन का उत्सर्जन होता है।
रूस में 1.23 अरब मीट्रिक टन जर्मनी में 0.78अरब मीट्रिक टन
कनाडा में 0.68मीट्रिक टन ईरान में 0.64 अरब मीट्रिक टन
कोरिया में 0.60 अरब मीट्रिक टन कार्बन का उत्सर्जन प्रति वर्ष होता है।
तथ्यों के आइने में हमारे आंकड़ों की दुनिया का
हाल यह है कि एक तरफ हम स्वच्छ साफ धरती की कल्पना करते हैं तो
दूसरी ओर तथाकथित विकास के चलते कार्बन
उत्सर्जन करके अपने ही जीवन को संकट में डाल रहे हैं। 

-स्रोत: एटलस 

 इन देशों को वीसा की दरकार नहीं है

तथ्यों के आइने में आंकड़ों की दुनिया का हाल यह है कि जापान में 190 ऐसे पासपोर्ट धारक हैं

जिन्हें किसी भी देश में जाने के लिए वीसा की जरूरत नहीं पड़ती है।

सिंगापुर दक्षिण कोरिया में 189 फ्रास ज में 188 लक्जमबर्ग स्पेन में 186

और डेनमार्क फिनलैंड इटली स्वीडन में में ऐसे पासपोर्ट की संख्या 187 है।

भारत तथा अर्मानिया में में 79 तथा बेनिन मंगोलिया मोरक्को में ऐसे पाासपोर्ट की संख्या 61 है

जिन्हें किसी भी देश जाने के लिए वीसा की जरूरत नहीं होती। 

 

धन्यवाद 

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 17012019

 

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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