राजनीति की हर तीन तिकड़म की अम्मा है कांग्रेस !

राजनीति की हर तीन तिकड़म की अम्मा है कांग्रेस! 

राजनीति की हर तीन तिकड़म की अम्मा है कांग्रेस! 

जी हां, मेरे सम्मानित साथियों और दोस्तों हो

सकता है आपको यह बात अटपटी, असंगत और व्यर्थ लगती हो

लेकिन मेरी गुजारिश है आप सबसे किआप इस लेख की हेडिंग पर

विचार विमर्श करने की बजायआप इसके कत्थय पर गहराई से विचार करने की कृपा जरूर करें।

इस देश में एक अब्दुल कलाम साहब जैसे भी शख्स हुए हैं

जिनका परिवार न तो कलाम साहब के राष्ट्रपति बनने से पहले ही कुछ खास था, 

और न ही उनके राष्ट्रपति बनने के बाद ही कुछ खास हुआ।

मेरी नजर में इसी तरह के दूसरे शख्स नरेंद्र भाई दामोदर दास मोदी

और लगे हांथ अगर तीसरे शख्स की भी बात करें तो

मेरी नजर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ सिंह भी ऐसे ही स्तर के इंसान हैं।

इस लेख की हेडिंग राजनीति की हर तीन तिकड़म की अम्मा है कांग्रेस के संदर्भ में

आइए देखते हैं आखिर किस तरह इस बात में कोई दम है भी या नहीं है? 

कमाल के थे हमारे कलाम

उपर्युक्त वर्णित कलाम साहब के अलावा मोदी और योगी जी जैसे

दोनों सत्ताधारी नेताओं के परिवार न तो इनके

राजनीति में आने के पहले अपना भौकाल टाइट करके रखते थे, 

और न ही इनके राजनीति में आने के बाद भी भौकाल वाले बन पाए हैं।

मैं यहाँ यह चंद उदाहरण अपने ज्ञान के अनुसार दे रहा हूं

मेरा मानना है कि जरूर कुछ ऐसे ही लोग और होंगे

जिनके बारे में मुझे पता नहीं होगा अत: इसके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूँ।

यहां एक बात मैं अवश्य ही कहना चाहता हूं कि मेरा यह भी मानना है कि

जिन लोगों का नाम मैने पहले लिया है वह तो आज की राजनीति में दुर्लभ उदाहरण हैं

पर काफी संख्या में सक्रिय राजनीति के वर्तमान मठाधीश ऐसे भी हैं

जिन्होंने आज अपनी निजी कतरब्यौंत से राजनीति

को बाजारू बनाकर  कमाई का सबसे अच्छा जरिया बना लिया है।

परिवार से पहले देश की बात 

मुझे ताज्जुब होता है उस मूर्ख जनता और उसकी गोबर बुद्धि पर

जो हर दिन इन नकली नेताओं की करतूत सुनती, पढती और देखती है

इसके बाद भी अपनी आंखों में धूर्तता का काला चश्मा इस लिए लगाती है

ताकि उनके माईबाप उनका गला चाहे जितनी गहराई से काटें

उनके मुंह से आह नहीं आहा ही निकलता रहे  क्योंकि

राजनीति की हर तीन तिकड़म की अम्मा है कांग्रेस नामक इस लेख में

आगे हम यही पढने वाले हैं कि आज अगर इस देश में

रत्तीभर भर भी कोई समस्या है तो उसकी जड़ कांग्रेस है

और अगर इस देश में कोई पहाड़ सरीखी भी समस्या है तो उसकी भी अम्मा वह कांग्रेस है

जिसे कभी गांधी जी ने कहा था इसे  अब बंद और भंग करने का समय आ गया है।

कुनबा की राजनीति से दूर 

भारतीय राजनीति के बारे में तमाम विद्वान, लेखक पत्रकार  खबरनवीस

जो भी हर दिन लिखते हैं अगर उसका कुल जमा निष्कर्ष निकाला जाए तो

उसका अर्थ यही है कि भारत में आजादी के बाद आज जितना भी तीन तिकड़म आज दिख रहा है

उसका एक मात्र और अभीष्ट कारण वही कांग्रेस है जिसने

नेहरू जी को केवल एक वोट मिलने के बाद प्रधानमंत्री और कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया था

लेकिन 10 वोट पाने वाले भारत के महान सपूत

सरदार बल्लभ भाई पटेल को देश का नेतृत्व सौंपने से वंचित कर दिया था।

शायद यह इसी का परिणाम है कि आज भारत की राजनीति

केवल घर की खेती बन कर रह गई है।

कुछ लोग तो इस कदर इस खेती को अपने दम पर आज लहलहा रहे हैं

कि कांग्रेस में विरासत की सियासत के सरदार भी आज अगर उन्हें देख लें तो

उनकी सफल कुनबा राजनीति का दाद दिए बिना रह ही नहीं सकते। 

विरासत की सियासत के सरदार

एक जमाना था जब कांग्रेस का मतलब केवल एक राजनीतिक दल नहीं था

बल्कि कांग्रेस का मतलब भारत की आन बान शान की बात करने वाले

देश भक्त लोगों के सचेत समूह से भी था।

तब भारत के लोग देश के लिए ही जीते और मरते थे ।

यह सिलसिला यानी देश को ही जान समझने वाला यह दौर आगे भी जारी रहता

लेकिन यह दुर्भाग्य की बात है कि आज हम जिसे कांग्रेस की पहचान की तरह जानते हैं

उन्हीं लोगों ने कांग्रेस के जरिए देश में एक ऐसी राजनीतिक संस्कृति विकसित की है

जिसकी बदौलत आज देश में हर राजनीतिक तीन तिकड़म बेसुमार बढ़ चुकी है।

आज अगर देश में परिवार वाद ने हमारी आजादी के आदर्शों को स्वाहा कर दिया है

आज अगर क्षेत्रवाद भाई भतीजावाद भारतीय राजनीति में विष वृक्ष बन गया है

आज अगर राजनीति में तुष्टिकरण चरम पर है भष्टाचार और लूटपाट का राजनीति अड्डा बन गयी है

तो इन सब सामाजिक और राजनीतिक बुराइयों की अम्मा कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस ही है।  

आप चाहें तो इन तमाम बातों को इस तरह से देख सुन और समझ सकते हैं। 

विरासत की सियासत और नेहरू जी 

राजनीति को घर की खेती बनाने का आरोप हम आप

सब लोग अक्सर माया, मुलायम  लालू  टीरामा राव एम करुणानिधि और

न जाने किस किस पर तो लगाते हैं लेकिन हम इस बात पर गौर नहीं करते कि

जब कांग्रेस के अध्यक्ष मोतीलाल नेहरू चुने गए तो उन्होंने अपनी विरासत

बड़ी ही नफासत से अपने बेटे जवाहर लाल नेहरू को सौंपी थी।

शायद इसीलिए नेहरू जी को आजादी के बाद भारत

का पहला प्रधानमंत्री बनने में भी कोई कठिनाई नहीं हुई।

इतना ही नहीं परिवार वाद को भारतीय राजनीति में जिस तरह मोती लाल नेहरू से

जवाहर लाल नेहरू फिर उनके बाद इंदिरा गांधी फिर राजीव गांधी संजय गांधी जी ने सीचा

उसी का परिणाम है कि आज सोनिया गांधी राहुल

गांधी प्रियंका गांधी आदि मिलकर और भी संवार रहे हैं। 

परिवार के बाद परिवार 

आज तथाकथित मोदी हराओ अभियान के चलते भले ही सांप और छछूंदर एक साथ घूम रहे हों

लेकिन भारतीय राजनीति में व्यक्ति पूजा परिवार वाद और विरासत की शियासत ने ही

मायावती और मुलायम सिंह यादव के साथ साथ लालू प्रसाद यादव

अजीत सिंह, करुणानिधि, चंद्र बाबू नायडू आज खूब फलने फूलने का मौका दिया है ।

आज आप भले ही इन क्षत्रीय नेताओं को राजनीति

को पारिवारिक धंधा बनाने का श्रेय दें लेकिन इसकी जड़ में कांग्रेस को ही पाएंगे।

इंदिरा जी ने बाकायदा संजय गांधी को समानांतर सत्ता

का मसीहा बना रखा था इस बात से आज कोई भी इन्कार नहीं कर सकता।

मजेदार बात यह है कि सोनिया गांधी के बाद जिस तरह से

प्रायोजित राहुल गांधी ने कांग्रेस की सत्ता संभाली है इससे तो यही स्पष्ट संकेत मिलता है कि

भारत में लोकतंत्र भले ही हर दिन बूढ़ा हो रहा हो

लेकिन विकसित नहीं हो रहा

बावजूद इसके हम राहुल गांधी बनाम मोदी युद्ध देखने के लिए तहे दिल से बेताब हैं।

भ्रष्टाचार, कुशासन, तुष्टिकरण के खोखले आरोप भले ही कांग्रेस किसी पर भी लगा ले

लेकिन हकीकत यही है कि वर्तमान भारतीय राजनीति आज चाहे जिस किस्म की बुराई हो

हर बुराई की अम्मा हमारी सबसे महान राजनीतिक पार्टी कांग्रेस ही रही है।

आखिर में हम यह भलीभांति कह सकते हैं कि राजनीति के

हर तीन तिकड़म की अम्मा है कांग्रेस! 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 09022019

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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