आपके जीवन में भाषा क्या महत्व रखती है?

आपके जीवन में  भाषा क्या महत्व   रखती है? 

आपके जीवन में भाषा क्या महत्व रखती है?

आप कहेंगे भाषा तो बाद की चीज है पहले तो आपका रूप रंग ही किसी पर प्रभाव छोड़ता है

लेकिन दोस्तों यह बात सच नहीं है बल्कि सच कुछ और ही है जो इस तरह है

एक राज्य में एक जन्म से अंधा व्यक्ति यानी सूरदास रहता था

वह एक दिन एक चौराहे पर बैठ कर रोज की तरह लोगों से भीख मांग रहा था

तभी उसने एक कड़कती हुई आवाज सुनी जो इस तरह थी

ऐ सूर तूने यहां से किसी को भागते हुए देखा है तो

सूरदास ने जवाब दिया हां सिपाही साहब एक आदमी अभी अभी भाग कर गया है।

थोड़ी ही देर बाद सूरदास ने फिर से एक आवाज सुनी जो इस तरह थी

सूरदास किसी को यहां से भागकर जाते हुए देखा है क्या? 

भाषा ही आपकी पहचान है 

सूरदास ने कहा, हां सेनापति जी अभी अभी एक आदमी यहां से गया भाग कर गया है।

थोड़ी ही देर में सूरदास ने फिर से एक आवाज सुनी जो इस तरह थी

सूरदास जी आपने यहाँ से किसी को भागते हुए तो नहीं देखा?

सूरदास ने कहां हां महाराज, अभी आपके आने से पहले एक आदमी यहां से भाग कर गया है

यह बात मैने आपके पहले आपके सेनापति जी और आपके सिपाही को भी बताई है।

वास्तव में सूरदास ने इस बार जो आवाज सुनी थी वह उस राज्य के राजा की ही थी।

सूरदास की बात सुनकर राजा को बेहद आश्चर्य हुआ उससे रहा न गया

उसने आखिर पूछ ही लिया कि आप तो सूर हैं फिर भी

आपने मुझे और मेरे सैनिक तथा सेनापति को कैसे पहचान लिया?

आपकी भाषा ही व्यक्तित्व है 

सूरदास का जवाब बड़ा ही कमाल का जवाब था

जो इस तरह था,

महाराज मैं सच में जन्म से अंधा हूं लेकिन मेरा मस्तिष्क काफी अच्छा काम करता है

तभी तो मैं किसी भी व्यक्ति की बात सुनकर उसकी भाषा से उसकी पहचान कर लेता हूँ

जब आपके सिपाही ने मुझे कहा कि ऐ सूरदास तभी मैंने जान लिया था

यह सिपाही है क्योंकि इसकी भाषा इसके व्यक्तित्व की गवाही दे रही है

इसी प्रकार जब आपके सेनापति ने सूरदास कहा तो मुझे पता चल गया था कि

यह कोई सिपाही की औकात से ऊपर वाला व्यक्ति होगा

लेकिन जब आपने सूरदास जी कहा तो मुझे कोई

दिक्कत नहीं हुई यह पहचानने में कि निश्चित ही आप इस राज्य के राजा होंगे।

क्रमशः 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 12022019

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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