जय हिंद की सेना जय हो

 जय हिंद की सेना जय हो

जय हिंद की सेना तुम्हारी जय हो

सच्चे अर्थों में जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता कोई और नहीं बल्कि 

असल में हमारी वह भारतीय सेना ही है

जिसके इष्ट देव ब्रह्म, विष्णु, महेश, राम, कृष्ण,पैगम्बर महावीर, बुद्ध, नानक और

तुलसी, सूर, कबीर, मीरा, रसखान के साथ साथ रहीम भी हैं।

आज हमारी भारतीय सेना जिस तरह हर भारतीय के लिए 

जोश, जज्बे और जुनून का पर्याय बन चुकी है

यह न केवल अद्भुत है बल्कि अकल्पनीय और बेमिसाल भी है।

भारतीय सेना आज विश्व की गिनी चुनी महान सेनाओं में एक बन चुकी है।

इसके लिए प्रसंशा का पात्र वह हर भारतीय परिवार है

जिसके बेटे ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए हैं 

साथ ही साथ वह भी वंदनीय और प्रशंसा के पात्र हैं

जो भारतीय सेना का मनोबल बढाने के लिए ही सही

उस पर अपनी अंतिम आस्था तथा विश्वास अर्पित और समर्पित करते हैं।

जिनके लिए सेना राष्ट्र है, संविधान है, लोकतंत्र की जड़ और 

सबसे अंत में खड़े अंतिम व्यक्ति की भी आंखों की खुशी और जिंदगी की बहार है। 

पुलवामा की प्रतिज्ञा हुई पूरी

जिस 14 फरवरी को पूरी दुनिया में प्रेम के यूरोपीय देवता वेलेंटाइन की याद में

लोग चींटी तक को नुकसान न पहुंचाने की शपथ लेते हैं

उसी 14 फरवरी 2019 को पापिस्तान की गोद में पला बढ़ा और

खेलने खाने वाला आतंकी संगठन अर्थात जैश ए मुहम्मद ने

भारतीय सैन्य बल सी आर पी एफ के काफिले में फिदायीन हमला करके

40 जवानों की निर्मम हत्या की थी।

इसे भारतीय सेना ने अपने लिए एक चुनौती समझी और

केवल 12 दिन बाद ही पाकिस्तान के एटमाबाद के करीब बालाकोट में

जैश के सबसे बड़े अड्डे को महज 17 मिनट में ध्वस्त करके

न केवल पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की तेरहवीं कर डाली है 

बल्कि पुलवामा में की गई प्रतिज्ञा को भी पूरी किया है।

प्रधानमंत्री की पुलवामा प्रतिज्ञा और पाकिस्तान 

सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं झुकने दूंगा सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा

मैं देश नहीं रुकने दूंगा

मेरा वचन है भारत मां को तेरा शीश नहीं झुकने दूंगा जाग रहा है देश मेरा हर भारतवासी जीतेगा

सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं झुकने दूंगा।। 

यह कविता प्रधानमंत्री मोदी ने भले ही  चुरू राजस्थान में कही हो

लेकिन आज नापाक पाकिस्तानी आतंक को करारा जवाब देकर

इसे अपने जीवन में उतार लिया है जो किसी से छिपा नहीं है।

तारीफ करनी होगी मोदी की राजनीतिक इच्छा शक्ति

की जिसके दम पर आज हम सचमुच अपने आप को परम सौभाग्यशाली समझ सकते हैं।

मोदी जी ने आज ईंट का जवाब पत्थर से देकर केवल

इंदिरा जी की 1971 की वीरता की याद नहीं दिलाई बल्कि

मोदी ने पाकिस्तान के साथ साथ उसके खास खैर मकदम

चीन को भी यह कहने पर मजबूर कर दिया है कि

भारत पाकिस्तान को संयम से काम लेना चाहिए।

दोस्तों,भारत ने मोदी जी की अगुवाई में जैश और हिज्बुल मुजाहिद्दीन जैसे

खतरनाक इंसानी दुस्मन संगठनों की जिस तरह एक ऐसी तैसी की है। 

यह इसलिए भी ध्यान देने लायक है कि 1971 के बाद भारत ने न केवल

पाकिस्तान की मूल नियंत्रण रेखा को लांघा है बल्कि पाकिस्तान की जमीन में

घुसकर कायर आतंकियों की अतड़ी निकाली है। 

देखना है जोर कितना बाजू- ए- कातिल में है? 

दोस्तों,पाकिस्तान की छद्म सेना और उसकी घटिया खुफिया एजेंसी आईएसआई

भारत को कभी भी शांत नहीं देखना चाहती।

क्योंकि अगर भारत पाकिस्तान में तनाव रहता है तो मूर्ख पाकिस्तानी

सेना की शाष्टांग दंडवत करते हैं और अगर भारत पाकिस्तान के बीच

अमन चैन की संभावना बढ़ती है तो सेना का मुंह लटक जाता है। 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 27022019

 

 

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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