मोदी जी केवल बाहर नहीं अंदर भी हैं दुश्मन

मोदी जी केवल बाहर नहीं अंदर भी हैं दुश्मन 

मोदी जी केवल बाहर नहीं अंदर भी हैं दुश्मन
यह बात केवल कहने भर के लिए नहीं कही गयी बल्कि यह बात कि
मोदी जी केवल बाहर नहीं अंदर भी हैं दुश्मन सच्ची और सटीक है। 
आप इस बात को जरूर ध्यान में रखिएगा कि आपको
केवल देश के बाहर के दुश्मनों से नहीं लड़ना बल्कि
अप्रत्याशित हकीकत यही है कि भारत में आज बाहरी दुश्मनों से कहीं अधिक
घरेलू दोगले दुश्मनों की दहशत है।
चुनाव में मुझे और मेरी पार्टी विशेष को वोट मिले ताकि
सरकार बनें और फिर सालों साल की भूखी प्यासी हसरत पूरी हो सके
इसके लिए आज भारत के अंदर क्षेत्रीय छत्रप बौखलाहट में पूरी तरह बौराए हुए हैं। 

पाकिस्तान से ज्यादा खतरनाक हैं क्षेत्रीय छत्रप 

भारत की असली चिंता कभी कोई बाहरी लड़ाका नहीं रहा

बल्कि घर का भेदी लंका ढाए की तर्ज पर भारत के

अंदर पल रहे गद्दार कुनबे ही भारत की चिंता के असली कारण रहे हैं।

चाहे पाकिस्तान की पीड़ा से पीड़ित महात्मा गांधी और खुद नेहरु जी रहे हों या फिर

तीन पीढ़ी से जम्मू-कश्मीर में मजा कर रहा फारूख अब्दुल्ला परिवार ही क्यों न हो।

रही आज की बात तो भाइयों बहनों बदनाम ओवैसी

कभी भी पाकिस्तान परस्त जैसी बातें नहीं करता लेकिन

मायावती, मुलायम सिंह यादव, केजरीवाल, ममता बनर्जी से लेकर

उड़ीसा में पटनायक परिवार की पनौती व केरल में हिन्दू, हिन्दुस्तान के स्थाई दुश्मन तक

हर वक्त भारत की बर्बादी का सपना देखा करते हैं। 

आपको मेरी इस बात की नजीर पाने के लिए कहीं ज्यादा दूर नहीं जाना

बल्कि देश के अंदर बैठे देश के गद्दारों से मिलने के लिए आपको बमुश्किल

एक या दो दिन की गतिविधियों पर गौर फरमाना चाहिए।

आपको बता दें कि अगर आप पाकिस्तानी हलचल पर गौर करेंगे तो

आपको भारत के अंदर बैठे गद्दार  चमचों की बातें सुनकर या तो रोना आजाएगा

या फिर आप अपना ही गला दबा कर मर जाएंगे। 

गद्दारों की गद्दारी और होशियारी तो जरा देखें

भारत ने बिना डरे हुए पाकिस्तानी सेना के साए में पल बढ रहे आतंकियों का

अपने दम पर सफाया करने का संकल्प लिया और बखूबी उसे अंजाम तक पहुंचाया ।

इस साहस, शौर्य और दुनिया में अपनी तरह के इकलौते संकल्प को पूरा करने के लिए

पूरी दुनिया भारत की भूरि-भूरि प्रसंशा कर रही है।

मोदी सरकार की इच्छा शक्ति और भारतीय सेना के पराक्रम को दाद दे रही है

लेकिन भारत के गद्दार, लुटेरे और क्षेत्रीय छत्रपों के पेट में भयानक दर्द होने लगा है।

शायद यही कारण है कि देश को बेवकूफ़ समझने वालेे हर घटिया क्षेत्रीय  छत्रप ने

सेना की तारीफ करते वक्त ध्यान रखा है कि कहीं गलती से भी उनके मुंह से 

मोदी की राजनीतिक इच्छा शक्ति की तारीफ न निकल जाए।

मूर्खता की हद है यह समझना कि अगर यह मोदी की

राजनीतिक सफलता को स्वीकार कर लेंगे तो इनका घाटा हो जाएगा

बल्कि हकीकत यह है कि जो आज भारत के साथ होगा

वह भारतीय नेतृत्व की तारीफ किए बगैर रह ही नहीं सकता। 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 28022019

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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