हम किसे और क्यों वोट दें?

हम किसे और क्यों वोट दें?

हम किसे और क्यों वोट दें?

अगर आप इस सवाल से इत्तेफाक रखते हैं और आपको लगता है कि

हम किसे और क्यों वोट दें?

यह सवाल भारत की लोकतांत्रिक परम्परा की शुचिता को बरकरार रखने के लिए जरूरी है

तो आप इस बात से भी इत्तेफाक जरूर रखते होंगे कि भले ही भारत का लोकतंत्र

आज सत्तर साल पुराना है लेकिन तमाम तमाम खूबियों के बावजूद

हमारे अपने लोकतंत्र की तस्वीर में कुछ धूलिधूसरित निशान भी उभर आए हैं

जिनका कथोपकथन इस एक छोटे से सवाल से बहुत गहरे तक जुड़ा है।

आप सभी जानते है कि तकनीकी रूप से गतिमान 16 वीं लोकसभा की अब विदाई होने वाली है

और 17 वीं विधानसभा की आवभगत का समय है ऐसे में यह सवाल बेहद महत्वपूर्ण है कि

हम  किसे और क्यों वोट दें? 

हमारे प्रधानमंत्री कुछ कहते हैं 

हम किसे और क्यों वोट दें?

यह सवाल कितना महत्वपूर्ण है इसे आप केवल इसी बात से समझ सकते हैं कि 

लगभग इसी सवाल और इस सवाल के जवाब को हमारे गौरवशाली प्रधानमंत्री

श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपनी तरह से अपनी अद्भुत क्षमता और गरिमा का

परिचायक बना दिया है।

आपको याद होगा श्री नरेंद्र मोदी जी ने चुनाव आयोग द्वारा

चुनाव कार्यक्रम  की विधिवत घोषणा के बाद देश को आह्वान करते हुए

और कुछ खास प्रसिद्ध लोगों को अपनी टिप्पणी में शामिल करते हुए कहा था कि

हमे जाति, धर्म, द्वेष आदि से दूर होकर अपने सभी बिलबिलाते हुए

तात्कालिक स्वार्थों की गठरी को एक तरफ रखकर

मतदान बिना किसी भय और लालच के करना चाहिए। 

 

वोट देने से पहले जरा ध्यान दें 

सम्मानित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने बिना किसी राजनीतिक द्वेष या छल प्रपंच के

पूरे देश को एक अच्क्षुण्य परिवार मानकर जिस तरह से ज्यादा से ज्यादा

वोट करने का आह्वान देश के कुछ चर्चित चेहरों के नाम के साथ किया है

वह निहायत ही काबिले तारीफ है ।

सच कहें तो इससे पहले किसी भी राजनीति दल के

किसी भी प्रधान मंत्री ने इस तरह का निर्दोष आह्वान नहीं किया।

ऐसा नहीं है कि पहले इस तरह के आह्वान की जरूरत नहीं थी

बल्कि हकीकत यह है कि इससे पहले कभी कोई इस देश में ऐसा प्रधानमंत्री नहीं हुआ जो

राजनीति में इतने बड़े पद पर हो और उसका परिवार आज भी राजनीतिक कखग से दूर हो।

यह बात मायने रखती है कि जिस तथाकथित गांधी परिवार ने

देश को सदा ही लूट का अड्डा बनाया आज वह एक ऐसे व्यक्ति को चोर कहने में शर्म नहीं करते

जिसके परिवार का एक भी सदस्य दिल्ली किस दिशा में है यह भी ठीक से नहीं जाानता। 

 

भारत को चोरों से बचाना है तो वोट करना होगा

पहले कभी सुना जाता था कि एक मुहावरा उल्टा चोर कोतवाल को डांटे लेकिन

आज यह मुहावरा यथार्थ में कुछ तथाकथित देश के उद्धारक नेता जीने लगे हैं।

जातिवाद के नाम पर अपनी पार्टी का झंडा उठाकर चलने वाले हकीकत में इतने बड़े चोर हैं कि।

इनकी कई कई पीढ़ियां आज राजनीति का मजा ले

रही हैं पर इन्हें अब भी अपने दोगलेपन पर बेवजह भयानक भरोसा है।

आपको ताज्जुब होगा कि इस समय देश में जिस सत्रहवीं लोकसभा के चुनावों की

तैयारी चल रही है उसमें इस देश की जितनी भी चोर और लुटेरी पार्टियां हैं

सबकी सब एक साथ आ गयी हैं जिनका देश और देश की जनता के लिए

कोई नया कार्यक्रम या मिशन नहीं है बस इन सब चोरों का एक ही लक्ष्य और उद्देश्य यह है कि

जिस आदमी की वजह से यह पांच साल से सत्ता की मलाई खाने से वंचित हैं

उसे ही मिल कर भगाया जाए और फिर जनता को

उल्लू बनाकर आराम से सोती हुई जनता का आनंद लिया जाए।

इस पूरे राजनीतिक नाटक में जनता भी कम नहीं है लोकतंत्र को मजाक बनाने के लिए

लेकिन जनता आखिर जनता है इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी जी ने

अपनी जनता से अपील की है कि वह ज्यादा से ज्यादा मतदान करें

लोगों को प्रेरित करें और देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना के लिए सच्चा प्रयास करें। 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 16032019

 

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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