प्रत्यक्ष बिक्री (डायरेक्ट सेलिंग) के लिए गाइड लाइन जारी..

प्रत्यक्ष बिक्री (डायरेक्ट सेलिंग) के लिए गाइड लाइन जारी..

डायरेक्ट सेलिंग (प्रत्यक्ष बिक्री) ब्यवसाय (Business) के लिए भारत सरकार द्वारा दिशा-निर्देश (गाइड लाइन) जारी कर दी गई है, जिसके बारे में इस लेख के माध्यम से जानकारी दी जाएगी लेकिन इससे पहले इसके बारे में कुछ बेसिक जानकारी होना बहुत जरुरी है ।

प्रत्यक्ष बिक्री (डायरेक्ट सेलिंग) व बहुस्तरीय विपणन प्रणाली के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतो   के रूप में धोखाधड़ी को रोकने और उपभोक्ताओ के वैधानिक अधिकारों और हितो का संरक्षण के लिए यह दिशा निर्देश जारी किया गया है जिसे प्रत्यक्ष विक्री दिशानिर्देश 2016 कहा जायेगा ।

डायरेक्ट सेलिंग ब्यवसाय की कई कंपनियां भारत में और अन्य कई देशों में चल रही है और कई वर्षो से चल रही है लेकिन भारत में इस ब्यवसाय के लिए क़ानूनी तौर पे या किसी सरकार के तरफ से इसके पहले कोई गाइड लाइन नहीं था। इस ब्यवसाय में कंपनी द्वारा उपभोक्ता तक सीधे अपनी कंपनी की प्रोडक्ट को पहुचाया जाता है जिससे बीच में विज्ञापन, थोक विक्रेता, उप थोकविक्रेता  एवं रिटेलर को दिए जाने वाले लाभ को सीधे उपभोक्ता को दिया जाता है। जिससे उपभोक्ता को प्रोडक्ट भी मिल जाता है और उसके उपयोग करने के बदले में और कमिशन के रूप में रूपये मिलता है। यह डायरेक्ट सेलिंग एक नया वैज्ञानिक तरीके से बनाया गया सिस्टम होता है जिससे डायरेक्ट सेलर व उपभोक्ता  को सीधे बहुत बड़ा लाभ होता है ।

भारत सरकार के द्वारा प्रत्यक्ष बिक्री (डायरेक्ट सेलिंग) ब्यवसाय के प्रचलन व इससे होने वाले बहुत बड़े लाभ को   देखते हुए दिशा निर्देश (Guideline) बनाने का निर्णय सितम्बर 2016 में लिया। अक्टूबर 2016 में गाइड लाइन  (guideline) बनाया गया अब डायरेक्ट सेलिंग ब्यवसाय करने वाली कंपनी और डिस्ट्रीब्यूटर तथा यूजर (उपभोक्ता) के लिए यह बेहतर हो गया है । अब जो कम्पनी इस गाइड लाइन का पालन करते हुए चलेगी वही चल पायेगी अन्यथा बंद हो जायेगी। अब कोई भी डायरेक्ट सेलिंग कंपनी क़ानूनी तौर पे चलेगी जिसमे भारत में चलने वाली सभी डायरेक्ट सेलिंग कंपनी किसी भी प्रकार के गैर क़ानूनी कार्य नहीं कर पायेगी और न ही किसी प्रकार की धोखा धडी कर पायेगी।

डायरेक्ट सेलिंग व्यवसाय में जो पहले से अच्छी कम्पनी में काम कर रहे है वे अच्छे खासे इंकम ले रहे है व समाज में उच्च स्तर जीवन यापन कर रहे हैं, अब आने वाले समय में कई लोग इसका लाभ ले सकेंगे । अब आने वाले समय में इस ब्यवसाय के माध्यम से देश के अनेक बेरोजगार लोगो को रोजगार मिल सकती है।  कई लोग इस ब्यवसाय को अपने कैरिएर बनाने के लिए कर सकेंगे।

        प्रत्यक्ष बिक्री संस्थान (डायरेक्ट सेलिंग कंपनी) के लिए दिशा निर्देश:

अब जो भी संस्थान डायरेक्ट सेलिंग ब्यवसाय करेगी उससे स्थापना सम्बन्धी, ब्यवसाय संचालन सम्बन्धी, प्रत्यक्ष विक्रेता से सम्बन्ध  कैसे रहेंगे आदि का दिशा निर्देश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि इस दिशा निर्देशों के पालन करते हुए चलने वाली कम्पनियों को ही क़ानूनी तौर पर मान्यता दी जावेगी और जो पालन नहीं करेगी उसके उस पर कनूनी कार्यवाही की जा सकती है। इस दिशा निर्देश में कंपनी और डायरेक्ट सेलर (डिस्ट्रीब्यूटर) के बीच सम्बन्ध कैसे रहेंगे, संविदा में क्या लिखा रहेगा,कौन सा फॉर्म भरके वे सामिल हो पाएंगे इस प्रकार कई विभिन्न जानकारियों का उल्लेख किया गया है ।

        प्रत्यक्ष वितरक  (डायरेक्ट सेलर) के लिए दिशा निर्देश- 

यह भी उल्लेख किया गया है कि डायरेक्ट सेलर (प्रत्यक्ष विक्रेता) किस प्रकार काम कर सकेंगे? डायरेक्ट सेलर जब भी उपभोक्ता को प्रोडक्ट सेल करने जायेंगे तो उसके पास पहचान पत्र या  ID प्रूफ (जिस कंपनी के डायरेक्ट सेलर है) होना जरुरी है जिसे दिखाना एवं अपना परिचय देना जरुरी होगा, प्रोडक्ट सेल करते समय प्रोडक्ट की गुणवत्ता सही बताना जरुरी है । यदि और अन्य लाभ हो तो उसे सही जानकारी देना होगा । किसी प्रकार के झूठे लालच देकर वस्तु का सेल नहीं करना है ।

उपभोक्ताओ के लिए  यह  अच्छी बात है कि यदि प्रोडक्ट उपयोग करने के बाद गुणवता में सही नहीं पाए जाने व पसंद नही आया तो बचे हुए प्रोडक्ट को वापस कर सकते  है और कंपनी को वापस लेना ही पड़ेगा। इसके लिए समय एक महीने का रहेगा। इसके लिए डायरेक्ट सेलर के माध्यम से यह सामान ओरिजिनल इनवॉइस के साथ वापस किया जा सकेगा। सामान की वापसी के लिए कुछ नियम व शर्ते होंगी जिसे प्रत्यक्ष विक्रेता को जानकारी होना चाहिए ।

सभी लोगो को यह दिशा निर्देशों का पालन करना जरुरी होगा, यह दिशा निर्देश (गाइड लाइन) को सभी कम्पनियों  और सभी राज्य सरकार को भेजा गया।  जिससे कई कम्पनियां आपना डॉक्यूमेंट सरकार के पास जमा किये जिसका नाम ही डायरेक्ट सेलिंग कम्पनी के सूचि में सामिल किया गया है और सूचि जारी किया गया है ।

                         राज्यों में गाइड लाइन जारी .. 

राज्य सरकारो  द्वारा अब अपने – अपने राज्य में यह गाइड लाइन जारी की जा रही है । भारत में डायरेक्ट सेलिंग के लिए सबसे पहले  छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा गाइड लाइन 9 अक्टूबर 2017 को जारी किया गया, तद्पश्चात 1 दिसम्बर 2017 को तेलंगाना राज्य, 8 दिसम्बर 2017 को आंध्र  प्रदेश, 8 फ़रवरी 2018 को उड़ीसा राज्य एवं 11 फ़रवरी 2018 को केरल राज्य द्वारा जारी कर दी गई है ।

इन्टरनेट के वेब साईट  http://egazette.nic.in/WriteReadData/2016/172443.pdf  में डायरेक्ट सेलिंग के लिए जारी  किये गये  दिशानिर्देशो का  विस्तृत जानकारी ले सकते है तथा अलग अलग राज्यों का दिशानिर्देशों को वेब साईट  https://fdsaindia.org/Guidelines.php में जाकर देख सकते है ।

About TIKA RAM

I am a motivator ,trainer

View all posts by TIKA RAM →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *