सच ही तो लिखा है किसी ने , The truth is written by someone

सच ही तो लिखा है किसी ने , The truth is written by someone

नमस्कार दोस्तों आज हम इस पोस्ट में जिंदगी से जुड़े कुछ पल शेयर करेंगें दोस्तों वो पल जो आज की प्यार मोहब्बत की जिंदगी में हर एक के साथ वो पल आता है……

आगे सफर था , और पीछे हमसफ़र था…

रुकते तो सफर छूूूट जाता ,

और चलते तो हमसफर छूूूट जाता !

मंजिल की भी हसरत थी ,

और उनसे भी मोहब्बत थी …

ए दिल तू ही बता , उस वक़्त में कहाँ जाता !

मुद्दत का सफर भी था ,

और बरसों का हमसफर भी था …

रुकते तो बिछड़ जाते ,

और चलते तो बिखर जाते!

यूँ समझ लो ,

प्यास लगी थी गजब की मगर पानी मे जहर था …

पीते तो मर जाते , और ना पीते तो भी मर जाते !

बस यही दो मसले , जिंदगी भर ना हल हुए …

ना नींद पूरी हुई , ना ख्बाव मुक्कमल हुए !

वक़्त ने कहा , काश थोड़ा और सब्र होता …

सब्र ने कहा , काश थोड़ा और वक़्त होता !

सुबह सुबह उठना पड़ता है , कमाने के लिए …

आराम कमाने निकलता हूँ , आराम छोड़कर !

हुनर सड़कों पर तमाशा , करता है ….

और किस्मत , महलों में राज करती है !

शिकायतें तो बहुत हैं , तुझसे ए जिंदगी …

पर चुप इसलिए हूँ कि ,

जो दिया तूने वो भी बहुतों को नसीब नही होता !

अजीब सौदागर है , ये वक़्त भी ….

जवानी का लालच दे के बचपन ले गया ,

अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा !

लौट आता हूँ वापस घर की तरफ ,

हर रोज थका हारा …

आज तक समझ नही आया  कि जीने के लिए काम करता हूँ  ,

कि काम करने के लिए जीता हूँ !

बचपन मे सबसे अधिक बार पूछा गया सवाल ,

बड़े होकर आपको क्या बनना है …

जवाब अब मिला है  , फिर से बच्चा बनना है !

थक गया हूँ मै , तेरी नॉकरी से ए जिंदगी ….

मुनासिब होगा कि , मेरा हिसाब कर दे !

दोस्तों से बिछड़ कर , ये हक़्क़ीक़त खुली….

बेशक कमीने थे , पर रौनक उन्ही से थी !

भरी जेब ने , दुनिया की पहचान करवाई …

और खाली जेब ने अपनो की !

जब लगे हम पैसा कमाने , तो समझ आया….

कि शौक तो मां-बाप के पैसों से पूरे होते थे ,

अपने पैसों से तो सिर्फ जरूरतें पूरी होती हैं !

हँसने की इच्छा ना हो , तो भी हँसना पड़ता है…

कोई जब पूछता है कैसे हो ?

तो मजे में हूँ कहना पड़ता है !

ये जिंदगी का रंगमंच है दोस्तों…..

यहां हर एक को नाटक करना पड़ता है !

माचिस की जरूरत यहां नही पड़ती दोस्तो ….

यहां इंसान तो इंसान से जलता है !

दुनिया के बड़े से बड़े साइंटिस्ट ,

ये ढूंढ रहे है कि… मंगल ग्रह पर ,

जीवन है या नहीं !

लेकिन आदमी ये नही ढूंढ रहा , कि ….

जीवन मे , मंगल है या नहीं !

मंदिर में फूल चढ़ाकर ,

आये तो ये एहसास हुआ….

कि पत्थरों को मनाने में ,

फूलों का कत्ल कर आये हम !

गए थे गुनाहों की माफी मांगने….

वहां एक और गुनाह कर आये हम !

Dosto , agar aapko ye article achha laga ho to please apne dosto ko share jarur kare.

Writer : Jitendra Singh                          लेखक : जितेंद्र सिंह

 

 

 

 

 

 

 

 

 

2 Comments on “सच ही तो लिखा है किसी ने , The truth is written by someone”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *