नमक के अति सेवन से हानियां

नमक के अति सेवन से हानियां

नमक का वैज्ञानिक नाम सोडियम क्लोराइड है! यह ना सिर्फ किसी खाद्य पदार्थों एवं व्यंजनों को स्वादिष्ट मनाने के लिए ही आवश्यक है !बल्कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भी यह जरूरी है! लेकिन स्वाद के बस होकर यदि हम इसका सेवन बार-बार करेंगे तो यही हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक और रोगों की वृद्धि करने वाला सिद्ध होगा प्रकृति ने कई पदार्थों में यहां तक की दूध जैसे मधुर पदार्थ में भी सोडियम क्लोराइड को उचित मात्रा में उपलब्ध कराया है!

हरी सब्जी फल सूखे मेवे मैं स्वाभाविक और उचित अनुपात में नमक विद्यमान है !रसोई में व्यंजनों को स्वादिष्ट बनाने के लिए उचित मात्रा में नमक प्रयोग किया जाता है !फिर भी कोई ऊपर से नमक का प्रयोग करता है अधिक मात्रा में सेवन करता है तो वह फिर स्वास्थ्य हानिकारक होता है!

नमक से निम्न प्रकार की हानियां होती हैं

आपकी जानकारी के लिए नमक के अति सेवन से होने वाली हानियों की चर्चा यहां प्रस्तुत की जा रही है! आप इस पर जरा गहरे में सोचकर विचार करें और अपने शरीर व स्वास्थ्य की भलाई के लिए नमक का अति सेवन करना तत्काल बंद करें ताकि निरोगी और स्वस्थ रह सके!

वर्तमान समय में (उच्च रक्तचाप )(ब्लड प्रेशर )(हृदय रोग )(लीवर ब गुदा के विकार )(त्वचा रोग) जिस तेजी से बढ़ रहे हैं! इसमें नमक का अति सेवन मुख्य कारण है !नमक का अति सेवन इन व्याधियों को उत्पन्न करता है! और रोग बड़ता है इसलिए इन रोगों के रोगियों को नमक खाना बन्द गया

बहुत कम करने की सलाह दी जाती है! यह आंखों और नेत्रों ज्योति के लिए हानिकारक होता है! और आंखों के आइसिस भाग में सफेद गोल आकार रिंग बना देता है !जिससे नजर कमजोर होती है यहां हृदय की धड़कन रक्तचाप रक्त विकार त्वचा विकार और खुजली की वृद्धि करता है !

रक्त में लोहे की मात्रा कम कर के रक्त की कमी करके रक्त को दूषित करता है! किडनी मैं एकृत होकर पथरी निर्मित करता है! रक्त वाहिकाएं दूषित कर चेहरे में फुंसियां झाइयां उत्पन्न करता ! प्रोटीन त्वचा की कमी करता है!

हड्डियों को कमजोर कर उन्हें गलाता है! इसीलिए कब्र में नमक रखकर सब को दफनाया जाता है जिससे थोड़े समय बाद हड्डियां गल जाती हैं! नमक का तीखापन मांसपेशियों को लोच करके उन्हें कठोर बनाता है !जिससे क्रियाशीलता में कमी होती है!

यह खनिज लवण कैल्शियम व फास्फोरस तत्वों को नष्ट करता है! जिससे दांत  कमजोर और रक्त दूषित कर ता है! यह पाचन शक्ति को कमजोर करता है उत्तेजना पैदा करता है जिससे अनिंद्रा और रोग और व्यास की वृद्धि होती हैं!

नमक में क्लोराइड पाया जाता है जो आमाशय में पाए जाने वाले पाचक रस को दूषित करता है! जिससे पाचन तंत्र से संबंधित विकार उत्पन्न होते है! इसके अधिक सेवन शरीर में अम्ल की वृद्धि होती है अंगों में जल का जमाव बढ़ता है! जिससे सूजन दर्द बा मोटापा बढ़ता है !

शरीर के सभी कोमल अंगो को यह नुकसान पहुंचाता है! इसीलिए आप सभी पाठकों से मेरा निवेदन है कि नमक का संतुलित मात्रा में उपयोग करें अपने जीवन को स्वस्थ व निरोगी बनाएं!

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