एक पिता को कभी भी प्यार नहीं मिलता।

एक पिता को कभी भी प्यार नहीं मिलता।

एक पिता बच्चों के साथ, मॉ के सामान कभी भी साथ नहीं रह सकते हैं ।जब वह पिता के भूमिका में आ जाते हैं तब उनके सामने बच्चों एवं परिवार को चलाने की दायित्व मिल जाता है । वह कर्तव्य परायण बन जाते हैं। वह सुबह से शाम तक परिवार के लिये धन इक्टठा करने में लगे रहते हैं। अपनी इच्छाआे को त्याग कर खूब मेहनत करने लग जाते हैं । इसलिए वो हमेशा बच्चों से दूर कभी व्यापार के सिलसिले में ,कभी बॉस के कारण ,रहते हैं।इसका मुख्य कारण धन कमाना होता है। पिता धन कमाने बाहर नहीं जाएगे तो परिवार नहीं चल पाएगा। परिवार के खुशी देने के लिये काम करना पडता है । बच्चों की खुशी ,पिता की मेहनत पर दिखाई देती है।वो मजबूरी के कारण बच्चों के साथ नहीं रह पाते हैं,अगर वो साथ रहेंगे तो धन इक्टठा नही कर पाएगें। इतना त्याग ,मेहनत करने के बाद भी ,कभी पत्नी कभी बच्चे बोलते रहते हैं कि उन्होंने उनके लिये किया ही क्या है? इससे उनके दिल टूट जाता है और वो सोचने लगते हैं मुझे कैसा परिवार मिला जो मेरी भावनाओं को नहीं समझते हैं । जब एक पिता बीमार पड़ जाए तो परिवार पर संकट के बादल छाने लगते हैं ।

पिता की मेहनत ,त्याग किसी को दिखाई नहीं देता है।वह विश्वकर्मा का रूप ,जो हमेशा मेहनत करता फिर भी उसकी मेहनत को कम ही आंका जाता है ,नग्नय,कुछ भी नही किया है एेसा समझा जाता है।इसलिए हमें उनकी कदर् करनी है ,प्यार व सहयोग द्वारा उनका मनोबल बढानी है।वह ये सोच कर घर से बाहर रहता है कि कल मेरे बच्चों का भविष्य उज्जवल होगा।उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पडे,इसलिये वो घर के खर्च में से कुछ पैसे fix depositकरते हैं।

विचार::
इस छोटे से लेख द्वारा यह बताने की कोशिश की है कि वो पिता कर्तव्य -परायन खुशी देने वाला होता है।वो धन कमाता है फिर भी प्यार से वंचित रहता है। पिता का त्याग किसी को नहीं दिखता और बच्चों का सारा प्यार सिर्फ मॉ को मिलता है और अंत में हमेशा अकेले रह जाते हैं।
Question ::::क्या अाप अपने पिता को बुढापा अवस्था में अकेले तो नहीं छोडेगे ?जवाब जरूर दीजिएगा।

About Joseph manjan gidh

Honesty is best policy

View all posts by Joseph manjan gidh →

2 Comments on “एक पिता को कभी भी प्यार नहीं मिलता।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *