शक्ति, पुष्टि का भंडार व प्रकृति का एक विशेष उपहार : गाजर

शक्ति, पुष्टि का भंडार व प्रकृति का एक विशेष उपहार : गाजर

गाजर :  शक्ति का भंडार, पौष्टिकता से भरपूर और सुपाच्य गाजर प्रकृति का एक विशेष उपहार है !

इसमें रोगों के आक्रमण से व्यक्ति को सुरक्षित रखने का विशेष गुण है !

बावासीर, टीबी., कफ़ एवं वायु सम्बंधित रोगों में गाजर का सेवन अत्यंत हितकारी है !

 

आधुनिक अनुसंधानों के अनुसार गाजर एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन ‘ए’, ‘सी’

एवं  ‘के’ तथा पोटैशियम, कैल्शियम, लौह व ताम्र तत्व एवं मैंगनीज का अच्छा स्रोत है !

 

 

कैसे रखती है स्वस्थ्य का ख्याल ?

मधुमेह(DIABETES) में :-

इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो मानव – शारीर में निर्मित इन्सुलिन से मिलते-जुलते हैं और मधुमेह में बहुत ही उपयोगी साबित हुए हैं !

 

कोलेस्ट्रोल में :-

अमेरिका के कृषि विभाग के शोध वैज्ञानिक डॉ. फैफ़र और पीटर हौगलैंड के अनुसार,  गाजर को रोज थोड़ी मात्रा में लेने से उसमे पाए जाने वाले रेशे कोलेस्ट्रोल की मात्रा को कम करते हैं !

 

शारीरिक वृद्धि हेतु :-

इसके सेवन से रक्त और वजन बड़ता है और शारीर मजबूत होता है !

 

आँखों के लिए :-

आँखों को स्वस्थ बनाये रखने के लिए यह एक अनूठा आहार है !   विटामिन ‘ए’ की कमी से उत्पन्न रोग जैसे रात्रि को दिखाई न देना (night-blindness) आदि में यह लाभदायक है !

 

हृदय व फेफड़ों के लिए :-

इसके सेवन से हृदय की बीमारी, धड़कन का अनियमित होना, हृदयाघात(heart-attack), और फेफड़ों के कैंसर से बचाव होता है !

पेट व आँतों के लिए :-

यह पाचन संस्थान के सभी अंगों को बल प्रदान करता है और आँतों की कमजोरी दूर करता है !

 

छोटे बच्चों के लिए :-

इसका रस छोटे बच्चों को पिलाने से उनके दांत सरलता से निकलते हैं और दूध भी ठीक से हज़म होता है !

 

 

गाजर के कुछ औषधीय(medicinal) प्रयोग

 

हृदय और मस्तिष्क का बल बढाने के लिए :-

पतिदिन सुबह खाली पेट गाजर के १००मी.ली. रस में जरा सा सेंधा नमक मिला के पिलाने से मस्तिष्क और हृदय को बल मिलता है !

 

धड़कन बढ़ने और घबराहट में :-

इसके ३० मी.ली. रस में थोड़ी सी मिसरी मिला के रोज़ पीने से हृदय की धड़कन बढ़ना व घबराहट में शीघ्र रहत मिलती है !

 

कब्ज़ में :-

इसके एक कप रस में एक नींबू का रस और दो चम्मच शुद्ध शहद मिला के सुबह पीने से कब्ज़ में लाभ होता है !

 

बार बार पेशाब आने पर :-

१ कप गाजर के रस में आधा चम्मच जीरा व १ चम्मच धनिया मिला के सुबह खाली पेट और शाम को लेने से लाभ होता है !

 

सावधानियां :-

  1. गाजर के भीतर का पीला भाग निकालकर ही गाजर का सेवन करना चाहिए !
  2. सर्दियों में गाजर का हलवा लाभदायी है परन्तु उसे बनाते समय दूध अथवा मावे का प्रयोग नहीं करना चाहिए  !

4 Comments on “शक्ति, पुष्टि का भंडार व प्रकृति का एक विशेष उपहार : गाजर”

  1. सब ठीक है-सिर्फ बासी गाजर मत खाना इसमें दिमागी कीड़े पाए जाते है——-जो दिमाग को नष्ट कर देते है।

  2. बहुत ही लाभदायक व स्वास्थ्य वर्धक जानकारी है।

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