बचपन से ही अपने बच्चे कोAll Rounder कैसे बनाएं।How to make your Child All Rounder

बचपन से ही अपने बच्चे कोAll Rounder कैसे बनाएं।How to make your Child All Rounder from babyhood.

बचपन से ही अपने बच्चे कोAll Rounder कैसे बनाएं।How to make your Child All Rounder from babyhood.

बच्चे इस धरा पर ईश्वरकी सबसे सुंदर रचना हैं इनमें ईश्वर का ही अंश विद्यमान है |इसलिए बचपन और बच्चे नाम सामने आते ही उनकी मासुमियत ,अठखेलियां,भोलापन सामने आ जाता है।ये छोटे बच्चे एक अनखिली कली के समान हैं।इन्हे उचित वातावरण व देखभाल मिले तब ही ये पूर्ण रूप से खिल पाएंगे।मनुष्य जो भी कुछ बनता है वो अपने बचपन के संस्कारों से ही बनता है अगर हम इनका बचपन संभाल ले तो इन्हें मानव ही नहीं ,महामानव बना पाएंगे  आइए जानें इनके चहूंमुखी विकास के लिए हम अभिभावक क्या कर सकते हैं।आइए इनके खिलखिलाते,मुस्काते बचपन को मिल के तराशें।विकास के नीचे लिखे क्षेत्रों पर ध्यान देकर हम अपने बच्चों  को बचपन से हीAllRounder   बना सकते हैं |

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  • बचपन से ही अपने बच्चे कोAll Rounder कैसे बनाएं।How to make your Child All Rounder from babyhood.

    शारीरीक विकास( physical growth)—-बच्चे बचपन से ही अपने  स्वस्थ शरीर की महत्ता को समझें |  बच्चों का शारीरीक विकास अच्छे से हो इसके लिए उन्हे पोष्टिक आहार के साथ-साथ yoga ,karate ,dance आदि के लिए प्रेरित करें |बचपन से ही उन्हे लंबी – height ,fit strong शरीर के फायदे बताएं।क्योंकि स्वस्थ ,पू र्ण विकसित शरीर यहां देखने वाले को अच्छा लगता है वहीं हम खुद भी   confidentमहसूस करते हैं।बच्चों के नैतिक ,सामाजिक ,व्यावसायिक ,आध्यात्मिक सभी तरह के विकास का आधार स्वस्थ शरीर ही है अतः बच्चे के physical growth पर पूरा ध्यान दें |
  • मानसिक दृढ़ता( mentally strong )——-शारीरिक विकास के साथ ही बच्चों का  मानसिक रूप से मजबूत होना भी आवश्यक है बच्चे जीतने पे तो खुश हो पर हार से निराश नहीं हो ।बल्कि हार से सीखें और फिर से पहले से अधिक जोश से लक्ष्य की और बढ़ें।बच्चे के दोस्त बनें ताकि यदि  कुछ  गलत हो भी जाए तो कम से कम अपने  माँ ,बाप से तो अपनी उलझन शेयर कर पायें |
  • मनोवैज्ञानिक विकास(😢 psycho logical growth)——बच्चे भावनात्मक रूप से भी मजबूत हों।उनमें आत्मविश्व़ास हो,साहसी हो,मेहनती हों,दूसरों के प्रति मिलकर रहने का ,सबको साथ लेकर चलने का जज्बा,टीमवर्क आदि सब भी हम ही उन्हे सिखाएंगे।बच्चों का नजरिया सकारात्मक बना रहे |साथ ही उन्हें दबाव रहित शिक्षा का अवसर मिले |इसमें अध्यापकों के सहयोग की भी दरकार है|एक फेलियर मिलने पर ही निराश न हो जाएँ उन्हें बार -बार प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करें| 
  •  आध्यात्मिक विकास ( spiritual growth)—-आध्यात्मिक विकास भी बच्चों की over all growthके लिए बहुत ज़रूरी है उन्हे अपने देश की सभ्यता,संस्कृति का भी ज्ञान हो।उन्हे ध्यान ,प्राणायाम ,योगा आदि भी छुटृपन से ही सिखाएं।
    अतः निष्कर्षतः हम  parents ,teachers and all over society की जिम्मेवारी बनती है कि हम इन नन्ही कलियों को पूर्णत: खिलने दें।
Written by Seema Arora
आगे भी ऐसी जानकारी देती रहूंगी।
धन्यवाद|

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2 Comments on “बचपन से ही अपने बच्चे कोAll Rounder कैसे बनाएं।How to make your Child All Rounder”

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