इन्टरनेट के लिए जरूरी उपकरण

इन्टरनेट के लिए जरूरी उपकरण 

इन्टरनेट के लिए जरूरी उपकरण

इन्टरनेट के लिए जरूरी उपकरण जानने के पहले हमने यह जाना था कि इन्टरनेट क्या होता है ?

इन्टरनेट का मालिक कौन होता है ?

भारत में इन्टरनेट की शुरुआत कैसे हुई? आदि आदि ?

आज इसी क्रम में आइए जानते हैं कि इन्टरनेट के लिए जरूरी उपकरण कौन कौन से होते हैं? 

इन्टरनेट के लिए   जरूरी उपकरणों का विवरण इस प्रकार है :

●पीसी यानी personal computer

●मोडेम modem

●संचार माध्यम, टेलीफोन लाइन या विशेषीकृत लाइन या वायरस लेस तकनीक ।

●इन्टरनेट साफ्टवेयर वेब ब्राउजर

●इन्टरनेट सर्विस प्रदाता ।

इन्टरनेट सेवा प्रदाता को निर्धारित शुल्क देकर इन्टरनेट खाता, यूजर नेम तथा पासवर्ड प्राप्त किया जाता है ।

यूजर नेम इन्टरनेट से जुड़ने के लिए तथा पासवर्ड सुरक्षा और गोपनीयता के लिए आवश्यक है ।

वेब ब्राउजर

यह एक अप्लीकेशन साफ्टवेयर है जो वर्ल्ड वाइड वेब से सूचना तथा डाटा प्राप्त करने ,

तथा उसे उपयोग कर्ता के कम्प्यूटर पर प्रदर्शित करने का काम करता है ।

इसे वेब सर्च इंजन भी कहा जाता है ।

यह सर्फिंग करते समय उपयोग कर्ता को सूचना प्राप्त करने में सहायता करता है ,

तथा समय की बचत भी करता है ।

यह पूर्व में प्रयोग किए गए इन्टरनेट साइट का विवरण रखता है ,

तथा डाटा को डाउनलोड करने की सुविधा भी प्रदान करता है ।

वर्ल्ड वाइड वेब से सूचना प्राप्त करने के लिए वेब ब्राउजर पर uniform resources identifier डाला जाता है ।

कुछ प्रचलित वेब ब्राउजर इस प्रकार हैं :Internet Explorer .

netscape navigator.

Mozilla fire fox.

Apples safari.

Google Chrome.

Opera. 

वेब सर्वर

वह कम्प्यूटर जो वेब पेज को  भंडारित करता है ,

तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य कम्प्यूटरों के अनुरोध पर ,

उन्हें वेब पेज उपलब्ध कराता है उसे वेब सर्वर कहा जाता है ।

मोडेम modem

यह  modulator demodulator का संक्षिप्त नाम होता है ।

कम्प्यूटर डिजिटल संकेत उत्पन्न करता है जबकि संचार माध्यम पर केवल एनालॉग संकेत भेज सकता है ।

मोडेम वह युक्ति है जो कम्प्यूटर के डिजिटल संकेतों को एनालॉग संकेत में बदलकर ,

संचार माध्यम पर भेजता है

तथा आने वाले एनालॉग संकेतों को डिजिटल संकेतों में बदलकर,

कंप्यूटर के प्रयोग के योग्य बनाता है ।

मोडेम को सिस्टम यूनिट के कम्युनिकेशन पोर्ट से  जोड़ा जाता है । मोडेम को कम्प्यूटर तथा संचार माध्यम के बीच जोड़ा जाता है ।

मोडेम के प्रकार

बाह्य रचना के आधार पर मोडेम दो प्रकार के  होते हैं ।

1 आंतरिक मोडेम, इसे सिस्टम यूनिट के अंदर स्थापित किया जाता है ।

2 बाह्य मोडेम इसे सिस्टम यूनिट के बाहर स्थापित किया जाता है ।

रोचक तथ्य

WWW का आविष्कार 1989 में स्विट्जरलैंड के टिम बर्नर ली ने किया था ,

WWW पर दिए जाने वाले host name तथा domain name केस सेंसिटिव नहीं होते ।

अर्थात उन्हें बड़े अक्षरों तथा छोटे अक्षरों किसी में भी टाइप करने पर समान वांछित परिणाम प्राप्त होता है ।

WWW पर किसी भी सूचना को प्राप्त करने के लिए वेब सर्च इंजन पर उस सूचना को खोजने का अनुरोध किया जाता है ।

सर्च इंजन इसके परिणाम की एक सूची प्रदर्शित करता है जिसे हिट्स कहा जाता है ।

धन्यवाद

लेखक :

के पी सिंह “किरतीखेड़ा”

07032018

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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