छुट्टा जानवर से किसान परेसान इसका निजात कैसे मिले

छुट्टा जानवर से किसान परेसान इसका निजात कैसे मिले|

 

नमस्कार दोस्तो जैसे कि आज हम इस पोस्ट जाने गे कि छुट्टा जानवार से किसान, समाज, और जनता कैसे परेसान है|

                                                                1:‌- किसान परेसान

                 छुट्टा जानवर से किसान परेसान इसका निजात कैसे मिले

पह्ले करीब 2012/13 मे किसानो को केवल अपने खेतो मे जुताई करना, फिर बुवाई करना, उसके बाद खाद डालना, फिर गुडाई करना,फिर सिचाई करना |

                      उसके बाद कीट नाशक दवा का छिकाव करना, फिर निराई करना, फिर फसल काटना, उसके बाद दाय पीट्कर घर लाना, बस इतना ही किसानो को खेती मे कार्य करना पडता था |

उसके बाद किसानो का फसल किसानो के घर य बाजार पहुच जाता था, उसको किसानो बेच कर किसानो अपने खेतो कि लागत व अपने परिवार का जीवन पालन करता था |

जो आज के समय मे नही कर पाता है  सारा कार्य करने  के बाद दिन रात एक मजदुर रखना पडता है  जो छुट्टा जानवर को अपने खेत मे आने से रोकता है | 

व रखाता हे इसके लिये किसान को करीब 200 से250 रुपया का प्रतिदिन का भुगतान मजदुर को  करना पडता है |

बहुत से किसान अपने खेतो के चारो पिलर गाड्कर   काटा वाला तार  लगा दिया हे लेकिन इससे जानवरो का आना कम हो गया है |परंतु खत्म नही हुआ

                                                          2:‌‌समाज परेशान

आये दिन किसान यूनियन वाले व किसान संस्था वाले नेता वा मंत्री के आवास का घेराव करके मांग करते है|  

छुट्टा जानवारो से छुटकारा दिलाने तहसील व जिला स्तल पर धरना व प्रदर्सन करके नेता व जिला प्रशासन को छुट्टा जानवारो से  छुटकारा दिलाने कि माग करते हे |

जिसमे नेता व जिला प्रशासन किसानो के सामने उची-2 बात करते  हैं|

उसके बाद शासन व प्रशासन चुट्टा जानवरो  के बारे में कोई हल नही निकालते जिससे समाज परेसान

                            3:   जनता परेसान

छुट्टा जानवरो से गरीब तपके परिवार को बहुत बडा खतरा है| 

खासकर जिनके पास कम जमीन है | 

उन  लोगो को रातो मे छट्टा जानवरो आकर, उनके  घरो मे हिल जाते है 

और परेसान करते है |

कही-2 तो मार भी देते हे इससे जनता वा किसानो का  जीना दुसवार हो गया है |

कभी – कभी  हइबे  रोड पर  छुट्टा जनवरो का झुड आ जाता है| 

जिससे अनेको दुर्घटनये हो जाती है |  

जब तक छुट्टा जानवरो का कोई  निजात शासन व प्रशासन दारा  नही किया जाता है|

तब तक किसान  जनता व समाज  का जीना दुसवार है|

                                         लेखक :‌‌ अविनाश कुमार श्रीवास्तव

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2 Comments on “छुट्टा जानवर से किसान परेसान इसका निजात कैसे मिले”

  1. यह समस्या पूरे देश में प्रभावी है। इसका कोई स्थाई हल नजर नहीं आ रहा है। पहले इन सभी जानवरों की कटिंग हो जाती थी।

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