माँ और पत्नी भाग – 1 Maa aur Patni Part – 1

माँ और पत्नी भाग – 1 Maa aur Patni Part – 1

माँ और पत्नी, दोस्तों, चाहे स्त्री हो या पुरुष सभी को जन्म एक माँ ही देती है । परन्तु वो माँ बनने से पहले एक पत्नी होती है । प्रायः यह देखा गया है कि स्त्रियां दोनों ही रूपों में निपुण होती हैं । परन्तु मैं बात इस मुद्दे पर नहीं कर रहा हूँ बल्कि बात तो इस मुद्दे पर है कि एक पुरुष के जीवन में माँ का क्या स्थान है और पत्नी का क्या स्थान है ।

पुरुष जब तक एक बेटा होता है तब तक उसकी माँ दुनिया की सबसे अच्छी स्त्री होती है । और माँ के लिए वह बहुत ही प्यारा होता है । वह उसकी हर जिद् को बड़े ही प्यार से पूरी करती है । बल्कि उसकी उन ख्वाहिशों को भी पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ती । जिसे पूरा करना बेहद ही मुश्किल हो वह उसे भी पूरा करने की हर सम्भव कोशिश करती है। वह उसकी बड़ी से बड़ी गलतियों को पल में भूल जाती है और पल में ही उसे माफ़ भी कर देती है ।

इन सब बातो को भली-भांति समझने के लिये हमें माँ और पत्नी के बारे में कुछ तथ्य समझ लेना जरूरी है ।

माँ,

माँ क्या है –

मां वह है जो 9 महीने तक अपने बच्चे को अपने पेट में पालती है । वह उसे कभी बोझ नहीं समझती । वह मां बनने की खुशी में वह अपनी शारीरिक सुंदरता भूल जाती है । उसे चलने में, उठने में, बैठने में, सोने में, हर चीज में तकलीफ होती है फिर भी वह खुशी- खुशी अपने बच्चे को अपने पेट में पालती है ।   मां वह है जो अथाह पीड़ा के साथ अपने बच्चे को जन्म देती है । मां वह है जो अपने  खून से बने दूध अपने बच्चे को पिला कर उसे पालती है । मां वह है जो अपनी रातों की नींद अपने बच्चे के लिए कुर्बान कर देती है । मां वह है जो उसके द्वारा गीला किए हुए बिस्तर पर खुद सोती है, और सुखी जगह अपने बच्चे को सुलाती है । माँ वह है जो ऊँगली पकड़कर चलना सिखाती है । माँ वह है जो गिरकर घायल हो जाने पर फूंक मारकर ही दर्द गायब कर देती है ।

माँ वो है जो बिन कहे हर तकलीफ जान लेती है । माँ वो है जो आधी रात को भी पेट खाली नहीं रहने देती । माँ वो है जो रिश्ते बताती है । माँ वो है जो बोलना सिखाती है । माँ वो है जो रूखी-सूखी खाती है पर टिफ़िन में रोज नए पकवान देती है ।

पहली गुरु –

माँ अपने बच्चे की पहली गुरु होती है । वही बच्चे को भाषा का बोध कराती है । वही वस्तुओं को पहचानना सिखाती है । वही चलना सिखाती है । वही खेलना, कूदना, दौड़ना सिखाती है ।

माँ ही है जो बच्चे को पहला सामाजिक व्यवहार सिखाती है ।वो माँ ही है जो सिखाती है कि बोलने में किसके साथ कैसे शब्दों का प्रयोग करना है ।

दुनिया का सबसे सुंदर बच्चा –

दोस्तों, कभी एक माँ से पूछकर देखो कि उसे दुनिया में सबसे सुंदर क्या लगता है तो बेशक उसका जवाब यही होगा कि उसका बच्चा  दुनिया में सबसे सुंदर बच्चा है । चाहे उसका बच्चा यकीनन कितना भी कुरूप क्यों न हो पर वाकई एक माँ को उसका बच्चा दुनिया का सबसे सुंदर बच्चा होता है । क्योंकि वो उसे हमेशा अपनी ममता की आँखों से देखती है ।


दोस्तों, एक माँ के बारे में मैं आपको क्या बताऊँ, एक माँ को शब्दों में वर्णित कर देना शायद माँ की ममता का मोल लगाना होता है । इसिलए तो आज तक कोई भी माँ के बारे में जितना भी लिखा कम ही लगा । शायद इसी लिऐ माँ को देवी और ईश्वर का रूप कहा गया ।

और अगले भाग में…….

दोस्तों, ये लेख आपको अच्छा लगा हो तो इसे like और sare जरूर करें ।

धन्यवाद ।

एस के भारती

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