कल्‍पना चावला की जीवनी

कल्‍पना चावला की जीवनी

  कल्‍पना चावला का जन्‍म हरियाण के  करनाल  जिले मैं हुआ था।  यह भारतिय मुल की थी जो बाद में अमेरिया  चली गई थी।  इनका जन्‍म 17मार्च  1962  को हुआ था। इनके पिता का नाम बनारसी लाल चावला, संज्‍योथी चावला,  इनके पति का नाम जीन पि‍एरे हैरिसन था।  कल्‍पना चावला बचपन में स्‍वतंत्र स्‍वभाव की थी। कल्‍पना को बचपन में सभी मोटो कहकर पुकारते थें। इन्‍होंने अपना स्‍वयं नाम कल्‍पना रखा था।  इन्‍होने एम0 ए9 पी0 एच0 डी0 की शिक्षा प्राप्‍त की थी।

इनकी पहली आन्‍तरिक्ष यात्रा 1996 में एस0 टी0 एस0 87 की थी।  दूसरी यात्रा 2003 में एस0 टी0 एस0 107 से कर रही थी इसी दौरान कल्‍पना चावला की मृत्‍यु हो गई थी। यह भारत की पहली महला बनी जा दो बार आन्‍तरिक्ष में गई थी। भारत ने कल्‍पना चावला के नाम पर अपने पहले सेटलाईट का नाम कल्‍पना 1 रखा हैं।

 

अनुभव

  • इन्‍होंने ने 1995 में जॉनसन स्‍पेस सेंटर में एक एस्‍ट्रोनॉट प्रतिभागी  के तौर पर 15वें ग्रुप में जॉइन किया था।
  • एक साल की प्रशिक्षण के बाद कल्‍पना को टेक्निकल इशू के काम में नियुक्‍त किया गया था।
  • 1998 के कल्‍पना को शटल और स्‍टेशन फ्लाइट के लिए क्रू रिप्रेजेन्‍टेटिव के पद पर नियुक्‍त किया गया था।
  • इनकी पूरी आन्‍तरिक्ष यात्रा में 30 दिन 14 घंण्‍टे और 54 मिनट का समय था।

हादसा

कल्‍पना के विमान की दुर्घटना 1 फरवरी 2003 को सुबह हुई थी।  जब वह धरती पर वापस आ रही थी। उस समय इसके साथ कमांडर रिक डी हस्‍बैड , पायलट विलियम सी एमसी कूल और पेलोड कमांडर माइकल पी एडरसन थें।

 कल्‍पना के पुरूस्‍कार

1 नासा अन्‍तरिक्ष उडान पदक

2 कांग्रेशनल स्‍पेस मेडल ऑफ ऑनर

3 2004 में कर्नाटक सरकार ने यंग महिला  वैज्ञानिकों के लिये कल्‍पना चावला अवार्ड की स्‍थापना की है।


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धन्‍यवाद

                                                                                                                                                                          लेखक भूपेश कुमार

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