दर्द जो मिली है, अब सह नहीं पाऊंगा।

दर्द  जो मिली है, अब सह नहीं पाऊंगा।

दर्द जो मिली है,  अब सह नहीं पाऊंगा।

दोस्तों।मै देव आपका स्वागत है।आज के ब्लॉगिंग में।इस ग़ज़ल के शीर्षक  देखकर,आपको मजा जरूर आया होगा।तो चलिए आज इस ग़ज़ल की मज़ा लेते है।उससे पहले ग़ज़ल की कहानी समझ लेते है।

दोस्तों आपने प्यार की दास्तां तो बहुत सारा सुना होगा।उसी तरह का दास्तां ,फिर आज आपको सुनने के लिए मिलेगा।

एक लड़का जो अपनी महबूबा से बहुत मुहब्बत करता था।लेकिन एक दिन उसकी महबूबा उसे छोड़ कर चली जाती है।और फिर वो लड़का जुदाई की दर्द में अपनी ज़िंदगी गुजारने लगता है।

और रो रो कर अपनी मुहब्बत की दास्तां इस प्रकार सुनाता है।आगे ग़ज़ल के रूप में देखिए।

दर्द जो मिली है, अब सह नहीं पाऊंगा।

अब इस दुनिया में एक पल भी ,रह नहीं पाऊंगा।दर्द जो मिली है, अब सह नहीं पाऊंगा।। 

कितना कोशिश किया जीने की,अब जी नहीं पाऊंगा।बिना तेरी चाहत का एक पल भी रह नहीं पाऊंगा।।

इन आंखों में तस्वीर,अब किसी और की बना नहीं पाऊंगा। दर्द जो मिली है, अब  सह  नहीं पाऊंगा।।

बेगाना लगता है ये जहां,अब किसको अपना बनाऊंगा।तेरी यादों की आयना को कैसे तोड़ पाऊंगा।।

ख्वाब में भी आते हो,अब कभी चैन से सो नहीं पाऊंगा।दर्द जो मिली है, अब सह नहीं पाऊंगा।।

उम्मीद की दिये भी बुझ चुकी है,अब कैसे रह पाऊंगा।रुखसत हो गई हर खुशी,अब कभी हंस नहीं पाऊंगा।।

डूब चुकी है कश्ती भी अब,मंज़िल अब पहुंच नहीं पाऊंगा।दर्द जो मिली है, अब सह नहीं पाऊंगा।।

छोड़ कर हमें जब तुम ही खुश हो तो,अब क्या चाहूंगा।तुम हमेशा खुश रहो,मै तो यही दुआ मांगुंगा।।

वक़्त ने हमें जीना सीखा दिया।इसे भी पढ़े।

अब इस दुनिया में एक पल भी रह नहीं पाऊंगा।दर्द जो मिली है, अब सह नहीं पाऊंगा।।

दर्द जो मिली है, अब सह नहीं पाऊंगा।।

लेखक मनीष देव

मिला है आज धोखा थोड़ा पीने दो इसे जरूर पढ़ना।

दोस्तों अगर आपको ये ग़ज़ल अच्छा लगा ।तो अपना प्यारा सा लाइक जरूर देना।और भैया आगे शेयर भी कर देना।

About DEV

Hello friend I am Manish,my nickname DEV, I am from bihar in India,I am writter of shayri gazal Diolouge motivational story and film story.

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8 Comments on “दर्द जो मिली है, अब सह नहीं पाऊंगा।”

    1. नमस्कार दोस्तों,
      मैं नन्द किशोर सिंह ,बकचप्पर(भागलपुर)का भागलपुर का निवासी हूँ।मैं आप सभी के ब्लाॅग को पढ़कर ज्ञान लेना व बाँटना दोनों चाहता हूँ। मैंने spl live learning में श्री सत्य पाल सिंह महोदय द्वारा सुना कि collegestar.in पर कोई भी व्यक्ति splcwo.org पर अपना नाम रजिस्टर करके blogging कर सकता है और पैसे भी कमा सकता है तो मुझे बेहद खुशी हुई।तब मैंने निर्णय लिया कि मुझे भी blogging करना है और मैंने आज इसका शुभारंभ किया है ,जिसका शीर्षक है -“जीवन के पाँच महत्वपूर्ण सूत्र।”
      ये ऐसे पाँच सूत्र हैं,जिसे अपनाकर आप महान बन सकते हैं।
      तो आगे मिलते रहेंगे।
      धन्यवाद!

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