स्वर्ग मिल गया अब आप जीवित भी सैर करके लौट सकते हैं ( HEAVEN WAS FOUND, NOW YOU CAN RETURN ALIVE FROM THERE )

स्वर्ग मिल गया अब आप जीवित भी सैर करके लौट सकते हैं (HEAVEN WAS FOUND, NOW YOU CAN RETURN ALIVE FROM THERE )

यूँ तो हर व्यक्ति की चाहत होती है कि मरने के बाद स्वर्ग में जगह मिले |
इसके लिए पूरे जीवन भर अच्छे कर्म करते हैं, पुजा – पाठ, दान, धर्म आदि करते रहते हैं |
यदि मैं आपसे कहूँ कि मुझे स्वर्ग जाने का दरवाजा मिल गया है तो आपको जरूर उत्सुकता होगी कि
आखिर वो कहाँ है और कैसे वहाँ तक पहुँचा जा सकता है |
नमस्कार दोस्तों, मैं प्रमोद कुमार आज आपको इस रहस्य से पर्दा उठाने जा रहा हूँ |
दुनिया भर में कई ऐसी जगहें हैं, जिन्हें कुदरत ने ऐसा बनाया है जिसे जानने के बाद हैरानी होती है तो
कुछ ऐसी भी जगहें हैं, जिन्हें मानव ने अपनी मेहनत से करिश्माई बनाया है |
ऐसी ही जगहों में से एक जगह है – चीन का तिआनमेन पर्वत |

समुद्र तल से 1500 मीटर से भी अधिक ऊँचे इस पर्वत में दुनिया की सबसे ऊँची गुफा है, जिसे स्वर्ग का दरवाजा भी कहा जाता है |
यह चीन का प्रमुख पर्यटक स्थल है |
1. कहा जाता है कि 253 ई. पू. पहाड़ का कुछ भाग टूट गया था और इस गुफा का निर्माण हुआ था |
                 
2. गुफा की लम्बाई 196 फीट, चौड़ाई 431 फीट और ऊँचाई 187 फीट है |
3. यह गुफा  5000 फीट की ऊँचाई पर स्थित होने के कारण  हमेशा बादलों से ढँकी होती है जिसके कारण ही इसे स्वर्ग का दरवाजा कहते हैं |
4. इस गुफा तक पहुँचने के लिए 999 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं |
5. ऐसा भी कहा जाता है कि इस पर्वत में बहुत अधिक मात्रा में खजाना छिपा है
जिसे ढूँढने के कई असफल प्रयास भी किये गये हैं |
6. यहाँ पहुँचने के लिए केबल वे ( Cable way ) और सड़क मार्ग हैं |इसके बाद 999 सीढ़ियाँ हैं |
7. दुनिया का सबसे लम्बा 24,459 फीट और सबसे ऊँचा केबल वे होने के कारण इसका नाम
गिनिस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है |
8. इस पर्वत पर दुनिया का सबसे ऊँचा पुल भी है |
9. इस पर्वत पर बनी सड़क में हर 100 मीटर पर घुमावदार मोड़ है जिसकी वजह से हर साल यहाँ कार रेस करवाया जाता है |
10. यहाँ 1430 मीटर की ऊँचाई पर स्काई वॉक ( Sky walk ) है जो शीशे का बना है |
इस पर चलने से आसमान में चलने जैसा आनंद व रोमांच मिलता है |यह लगभग 60 मीटर लम्बा है |
11. इस स्काई वॉक पर चलना साहस का काम है क्योंकि शीशे की वजह से पैरों तले कुछ भी नहीं होने जैसा प्रतीत होता है |
बहुत ही कम पर्यटक इस स्काई वॉक पर चलते हैं |
12. कहा जाता है कि 20वीं शताब्दी में इस पर्वत के पास एक जल प्रपात था जो केवल 15 मिनट के लिए दिखाई देता था और
फिर गायब हो जाता था, परन्तु अब यह जल प्रपात पूर्ण रुप से लुप्त हो गया है |

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दोस्तो, आपको यह अद्भुत जानकारी कैसी लगी कमेंटस करके जरूर बतायें |

आपका ——— प्रमोद कुमार

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About PRAMOD KUMAR

मेंने ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन राजस्थान में कम्पलीट किया |इसके बाद B. Ed कर्नाटक से किया | लेखन की चाह बचपन से ही थी, कॉलेज आते आते इसमें कुछ निखार आ गया |कॉलेज में यह स्थिति थी कि यदि कोई निबंध प्रतियोगिता होती और उसमें मेरे शामिल हो जाने से प्रतियोगिता दूसरे और तीसरे स्थान के लिए रह जाता | वापस राजस्थान आने पर अपना विद्यालय खोला ,सरकारी शिक्षक बनकर त्याग पत्र दे दिया |बिजनेस में एक सम्मानित ऊँचाई को पाकर धरातल पर आ गया |अब अपने जन्म स्थल पर कर्म कर रहा हूँ, जहाँ शिक्षा देना प्रमुख कर्म है | बचे समय में लिखने का अपना शौक पुरा करता हूँ |

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7 Comments on “स्वर्ग मिल गया अब आप जीवित भी सैर करके लौट सकते हैं ( HEAVEN WAS FOUND, NOW YOU CAN RETURN ALIVE FROM THERE )”

  1. is samay swarg to ho nahi skta kyoki swarg ka arth he swah mana main atma grg mana gaya mtlb atmik stiti me tikana hi swarg he. jab hum jyoti bindu atma per dhyan kendrit nahi karwnge.swargs koi bana skta he. kyoki atmik stiti me tikne vicharo me pavitrata aati he. aur sansar ke sare karya pacitrata se hote he. swarg ko sthapana ka karya ek iswar ka hi kaam he. hum manusy to chanchal budhhi vale he vikari he. vaise bhi kalyug ke ant me iswar ko is duania me aana padta he.

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