ट्रंप किम शिखर वार्ता जब इतिहास बना इतिहास

ट्रंप किम शिखर वार्ता जब इतिहास बना इतिहास 

ट्रंप किम शिखर वार्ता जब इतिहास बना इतिहास जी हां दोस्तों, यह एक सच्चाई है।

दोस्तों दुश्मनी के लिए मशहूर या बदनाम जबउत्तर

कोरिया और अमेरिका के प्रमुख एक दूसरे से 68

साल बाद सौहार्द की मेज में मिले तो एक झटके में इतिहास की पुस्तकें बदल गईं।

इसको अगर सरल शब्दों में कहें तो यह वह अवसर

था, जब  वर्षों से पढाया गया इतिहास अपने आप इतिहास बन गया।

68 साल बाद अमन का आगाज 12 जून 2018 को तब हुआ,

जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर

कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन सिंगापुर में

सेंटोसा द्वीप स्थित कैपेला होटल में गर्म जोशी से मिले। 

सिंगापुर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग के बीच हुई इस शिखर वार्ता का पूरी दुनिया ने स्वागत किया है।

रूस ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया सहित अंतर्राष्ट्रीय

समुदाय ने उम्मीद जताई है कि कोरियाई प्रायद्वीप

में स्थाई शांति के एक नए दौर की शुरुआत होगी।

हालांकि चीन ने कहा कि उत्तर कोरिया को तमाम

प्रतिबंधों से राहत देने पर विचार करना चाहिए। 

चीनी रुख और उत्तर कोरिया 

जहां तक चीनी रुख और उत्तरी कोरिया के हित की बात है तो,

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेकहा कि संयुक्त

राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के प्रस्तावों में कहा गया है कि

अगर उत्तर कोरिया प्रस्तावों के अनुसार बर्ताव करता है तो,

प्रतिबंधों को निलंबित या हटाने समेत इन्हें नियोजित किया जा सकता है।

यहां  यह बात ध्यान देने योग्य है कि जब से उत्तर

कोरिया अपनी खास तानाशाही प्रवृत्ति के चलते पूरी दुनिया में अलग थलग पड़ा है,

तब से उत्तर कोरिया का चीन सबसे बड़ा सहयोगी साबित हुआ है।

यहां एक बात काबिले गौर है कि चीन भी परमाणु

 परीक्षण के चलते उत्तर कोरिया पर लगे प्रतिबंधों का समर्थन करता है। 

 

ट्रंट-किम मुलाकात बनाम रूस 

ट्रंप किम शिखर वार्ता पर रूस के उप विदेश मंत्री

सर्गेई सियाबकोव ने कहा है कि उनका देश उत्तर

कोरिया और अमेरिका के इस मिलन का स्वागत करता है और करता रहेगा।

कोरियाई प्रायद्वीप को पूरी तरह से परमाणु मुक्त

करने के लिए हुए समझौते को अमल में लाने की दिशा में रूस सहयोग करने के लिए तैयार है।

जहां तक अमेरिका के खास मित्र जापान की बात

है तो वह भी ट्रंप किन की मुलाकात से अतिशय ही  प्रसन्न दिखा।

जापानी प्रधानमंत्री शिंजो एबी ने कहा है कि यह

मिलन ही इस बात का प्रमाण है कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों से अलग हो रहा है। 

संयुक्त राष्ट्र और यह महामिलन

संयुक्त राष्ट्र संघ की परमाणु निगरानी संस्था यानी IAEA के महानिदेशक,

यूकिया अमानो ने कहा है कि मैं सिंगापुर में हुए

इस ऐतिहासिक मिलन के बाद ट्रंप और किम के संयुक्त बयान का स्वागत करता हूं।

आईएईए ने यह भी कहा कि वह उत्तर कोरिया में

किसी भी तरह का सत्यापन करने को तैयार है।

यूरोपीय यूनियन ने भी इस की मुलाकात को ऐति हासिक और महत्वपूर्ण मानते हुए प्रसंसा की है। 

ईरान ने उत्तर कोरिया को किया आगाह 

उत्तर कोरिया को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ

किसी भी  तरह के परमाणु समझौते से आगाह

करते हुए ईरान ने सावधान किया है।

ईरान ने कहा है कि याद रखें हम उस व्यक्ति का

सामना कर रहे हैं जिसने समझौता तोड़ दिया है।

यह तथ्य इस संदर्भ पर आधारित है कि 2015 में

हुए ईरान के साथ अमेरिका के परमाणु समझौते से अमेरिका ने खुद को अलग कर लिया है। 

दक्षिण कोरिया के लिए ट्रंप किम शिखर वार्ता 

 

उत्तर कोरिया और अमेरिका के इस महत्वपूर्ण संग
म में जिस एक व्यक्ति का सर्वाधिक योगदान माना जाता है,
वह हैं दक्षिण कोरिया के महान राष्ट्रपति मून जे इन
जिनका,
इस मुलाकात को लेकर दिया गया  खास बयान ही काफी जायकेदार है।
उन्होंने कहा है कि जब यह मुलाकात होने वाली 
थी तो मारे खुशी के मुझे नींद नहीं आ रही थी। 

 

धन्यवाद

 KPSINGH 13062018

 

 

 

 

About kpsingh

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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