हम और हमारा स्वास्थ्य

हम और हमारा स्वास्थ्य 

“हम और हमारा स्वास्थ्य ,” दोस्तों  यह  केवल  एक हेडिंग भर नहीं है,

बल्कि सच कहें तो यह एक छोटे से ज्ञान के भंडार का दरवाजा है,

जो आपको छोटी छोटी बातों के जरिए महत्वपूर्ण बातों तक पहुंचा सकता है।

मेरे कहने का आशय यह है कि यदि आप आइए इनको भी जानें,

नामक इस लेख को पढेंगे तो आपको यकीनन ही अच्छा लगेगा। 

तो देर किस बात की आइए अपनी बात को आगे बढ़ाते हैं।।। कुछ इस तरह।।।।। 

हीमोफीलिया क्या है आइए जानें 

हीमोफीलिया एक आनुवांशिक बीमारी है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पथ गमन करती है।

यानी यह बीमारी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक भी बड़े आराम से स्थानांतरित होती रहती है।

यह व्याधि मुख्य रूप से पुरुषों में पाई जाती है जब कि इसका वाहक स्त्री होती है।

यह बीमारी रक्त में Thramboplastim नामक पदार्थ की कमी के कारण होती है।

Thramboplastim मे रक्त को तुरंत ही जमा देने की क्षमता होती है।

इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को यदि जरा सी भी

चोट लगती है तो उसका रक्त स्राव कभी बंद नहीं होता।

ऐसे लोगों को रक्त स्राव होने पर रक्त अनुदान कराते रहना चाहिए। 

स्कर्वी को जानिए और समझिए

स्कर्वी नामक बीमारी तब होती है जब मनुष्य केभोजन में विटामिन सी की कमी हो जाती है।

वास्तव में यह मनुष्य के दांत से संबंधित रोग है।

विटामिन सी का नाम स्कर्विक एसिड है यह स्कर्वी नामक बीमारी के उपचार में उपयोगी है।

इस रोग के लक्षण हैं थकान महसूस होना, मसूड़ों से रक्त बहना,

दांतो का समय पूर्व टूटना, हल्का बुखार आना, भूख की कमी,

सिर दर्द, मूत्र में खून आना आदि इस रोग के कुछ लक्षण हैं।

इसके मरीज को विटामिन सी का प्रयोग करना चाहिए।

खट्टे फल यथा संतरा, नीबू, टमाटर, पपीता, हरी

शाक सब्जी प्याज, स्टट्राबेरी आदि का सेवन करना चाहिए। 

निकट दृष्टि दोष क्या है 

निकट दृष्टि दोष आंखों से संबंधित बीमारी है यह ऐसी मानव व्याधि है,

जिसमें पास की वस्तु स्पष्ट दिखती है लेकिन दूर की चीज नहीं दिखतीं।

इस रोग के कई कारण हैं जैसे लेंस की गोलाई बढ़ जाना।

लेंस की फोकस दूरी घटना, तथा लेंस की क्षमता का बढ जाना।

निकट दृष्टि दोष के उपचार के लिए चिकित्सक अवतल लेंस की सलाह देते हैं। 

दूर दृष्टि दोष 

दूर दृष्टि दोष नामक बीमारी ठीक विपरीत होती है निकट दृष्टि दोष के।

इसमें दूर की वस्तुएं साफ दिखती हैं लेकिन पास की वस्तुएं कम दिखती हैं।

डाक्टर इसके उपचार हेतु उत्तल लेंस का प्रयोग किया जाता है।

लेंस की गोलाई का कम हो जाना, और फोकस

दूरी का बढ़ जाना तथा लेंस की क्षमता का घट जाना इसकी वजह के कुछ कारण हैं। 

माइग्रेन कब क्यों कैसे 

माइग्रेन एक प्रकार का सिर दर्द है, इसमें कभी आधा सिर तो कभी पूरा सिरदर्द करता है।

इसे मुख्य रूप से न्यूरोलाजिकल समस्या माना जाता है।

माइग्रेन से पीड़ित व्यक्ति के सिर में रक्त संचार ज्यादा होने लगता है,

फलस्वरूप रोगी को तेज सिरदर्द की शिकायत हो जाती है।

इसके प्रमुख कारणों में हार्मोनल बदलाव माना जाता है।

अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन, शोर जनित वातावरण में रहना इसके प्रमुख कारण हैं।

चिकित्सकों द्वारा माइग्रेन के रोगियों को निम्न सलाह दी जाती है।

🔴पर्याप्त मात्रा में नींद लेना।

🔴शोर से दूर रहना। 

🔴तनाव से दूर रहना। 

🔴स्वस्थ एवं खुशनुमा वातावरण में रहना। अत्यधिक दवा के सेवन से बचना। 

🔴प्रातः काल योग आदि करना। 

 

धन्यवाद

KPSINGH 08072018

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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