क्यों समाज विरोधी हैं समाज सेवी?

क्यों समाज विरोध हैं समाज सेवी? 

क्यों समाज विरोधी हैं समाज सेवी?

जी हां दोस्तों, मेरे इस प्रश्न का सामान्य, सरल व समझ में आ जाने वाला अर्थ यह है कि

आज जिस तरह से मनुष्य की मानवता विरोधी और साथ ही साथ

विकृत मानसिकता की परिचायक घटनाओं की बाढ़ आई हुई है,

और पड़ताल करने पर लगभग हर घटना के लिए अब तक के तथाकथित

बेदाग और नामचीन समाज सेवी इसकी जड़ के रुप में चिन्हित हुए  हैं, 

वह बेहद चिंताजनक और सोचनीय है ।

सच कहें तो सिर्फ सोचनीय नहीं बल्कि अपनी अपनी सोच को 

बदलने के साथ साथ कुछ ऐसे सख्त से सख्त

कदम उठाने की अनिवार्यता भी बेहद बढ़ गई है

जो भले ही समाज में कठोर से कठोरतम ही क्यों न कहे जाएं । 

भयानक घटना क्रम और हम सब 

क्यों समाज विरोधी हैं समाजसेवी?

नामक इस पोस्ट का उद्देश्य, हाल ही में घटित

मुजफ्फरपुर बिहार और यूपी के देवरिया की घटनाओं, 

की सिर्फ जानकारी देना नहीं है बल्कि अगर आप सच में एक इंसान की तरह

सोच सकते हैं तो आपके साथ अपने कुछ विचार भी बांटना है।

दोस्तों,, बिहार के मुजफ्फरपुर के बाद उत्तर प्रदेश का देवरिया जिला 

आज जिन शर्मनाक कारणों से पूरे देश में हाट न्यूज बने हुए हैं, 

उसे सोचकर केवल अफसोस भर नहीं होता

बल्कि गुस्सा तो आता ही है, 

समाज विरोधी समाज सेवियों पर घिन भी आती है।

दोस्तों लगातार हुई इन समाज विरोधी घटनाओ ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि

आज भारत में बालिका अथवा नारी संरक्षण गृह चलाने का काम, 

महा धूर्त और लम्पट किस्म के लोगों का शगल बन गया है।

इससे भी बड़ी चिंता जनक और भयानक सच्चाई यह है कि आज

ऐसे नर पिशाचों द्वारा संचालित संरक्षण गृह बनाम कत्लगाहों की संरक्षक

वही गंदी राजनीति है जो कभी अपने एक मात्र सर्वोच्च उद्देश्य

मानव कल्याण के लिए अस्तित्व में आई थी। 

गंदी और घटिया राजनीति का कमाल 

दोस्तों क्यों समाज विरोधी हैं समाज सेवी इससे भी पहले मुझे आप से कुछ कहना है ।

दोस्तों मुझे जो कुछ भी कहना है, वह यही है कि 

बेटी सिर्फ बेटी होती है।

वह किसी धर्म या जाति की बेटी नही होती,

वह आम या खास की बेटी नहीं होती, बेटी सिर्फ बेटी होती है ।

इस लिए बेटी की बात पर घटिया दलीय सोच का काला  घेरा शोभा नहीं देता।

हम अगर यह कहें कि आज हालात ज्यादा जख्मी हैं 

जिसके लिए कोई खास सरकार या व्यक्ति जिम्मेदार है तो यह सोच गलत है।

सच्चाई यह है कि आज तो भांग पूरे कुएं में ही पड़ गई है। 

सही सोच यह है कि आज समाज के कोने कोने से जो दुर्गंध आ रही है, 

उन कोनों से वास्ता हर एक दल से है ।

ऐसा नहीं है कि ऐसा  कुकृत्य समाज में केवल आज हो रहा है

बल्कि हकीकत यह है कि यह अतीत से वर्तमान तक आते आते

लगातार समाज विरोधी कार्य समाज विरोधी तत्वों अर्थात

ढोंगी और पैसा बनाने के लिए समाज सेवा का ढोंग करने वाले करते ही रहे हैं । 

समय और समाज को सचेत होना चाहिए 

क्यों समाज विरोधी हैं समाज सेवी?

दोस्तों इसका सबसे सही जवाब यह है कि जब तक हमारा

समय और समाज सचेत नहीं होगा तब तक हम इसी तरह के

कुकृत्ययों के साक्षी बनते रहेंगे।

जरा सोचिए, अगर राष्ट्र राज्य के जिम्मेदार लोग सच्चे और ईमानदार होते

तो क्या इनके पैर की जूती जैसी औकात रखने वाले ये भेड़िए

मुजफ्फरपुर और देवरिया के बालिका और नारी संरक्षण गृह में इतनी लूट मचा पाते? 

जरा सोचिए बृजेश ठाकुर क्या किसी केवल नर पिशाच का नाम है??

नहीं दोस्तों, बृजेश ठाकुर महज एक मोहरा है।

महज एक अपराध के दरिया की छोटी सी  मछली मात्र है ।

असली दोषी या अपराध का बेताज बादशाह तो व्यवस्था है। 

जरा सोचिये क्या इस तरह की घटनाएं पहली बार घटी हैं?

नहीं समय और समाज के सचेत न रहने के कारण यह बहुत बार

और बहुत पहले से समाज में घटती रही हैं । 

अगर आप यह जानना चाहते हैं कि मुजफ्फरपुर और देवरिया का असली दोषी कौन है? 

तो आप जान लीजिये इनका असली दोषी हम और हमारी लिजलिजी व्यवस्था है, 

जिसके कारण करीब साल भर पहले से देवरिया के संरक्षण गृह को

बंद करने के आदेश को भी फालो नहीं किया गया।।

हमारे ढोंगी समाज सेवी इसी लिए समाज विरोधी कार्य करते हैं

क्यों कि हमारा समय और समाज आज तक सचेत नहीं हुआ है।

और हां ये देवरिया और मुजफ्फरपुर वालेे अमानवीय  कृत्य भी तभी रुकेंगे

जब ये समाज विरोधी ढोंगी समाजसेवी समाज के गिरफ्त और पकड़ मे नही आ जाते । 

 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 08082018

 

 

 

 

 

 

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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