दुनिया को स्मार्ट बनाने वाले आविष्कार

दुनिया को स्मार्ट बनाने वाले आविष्कार

दुनिया को स्मार्ट बनाने वाले आविष्कार यद्यपि एक या दो नहीं हैं ,

बल्कि असंख्य आविष्कार ऐसे हैं,जिन्होने हमारी वर्तमान दुनिया को स्मार्ट बनाने में पूरा सहयोग दिया है ।

लेकिन इसके बावजूद कुछ ऐसे भी आविष्कार हुए हैं,जिन्हें भूल पाना मुश्किल है ।

दोस्तों दुनिया को स्मार्ट बनाने वाले ऐसे ही कुछ खास आविष्कारों की यहां चर्चा होनी है ।

जिनकी वजह से हम आज खुद को भी स्मार्ट कहने में संकोच नहीं करते ।

दोस्तों अब हम अपने लेख “दुनिया को स्मार्ट बनाने वाले खास आविष्कार” की तीसरी कड़ी में आ गए हैं।

इसलिए यहां पर हम कुछ और चर्चा न करके सीधे अपने लेख की अगली कड़ी में पहुचते हैं।

तो आइए मेरे साथ और हमारी दुनिया को एक स्मार्ट दुनिया बनाने वाले इन खासआविष्कारों के बारे  में बात करें । कुछ इस तरह, ,,,

फोटो वोलटिक सौर ऊर्जा 

फोटो वोलटिक प्रभाव की खोज वैज्ञानिकों द्वारा सन 1800 में कर ली गई थी ।

औद्योगिक क्रांति के दौर के कुछ कारखाने सौर शक्ति का प्रयोग भाप के उत्पादन में करते थे ,

लेकिन आज बेहद बड़े पैमाने पर व्यावसायिक सौर ऊर्जा संयंत्र मौजूद हैं।।

पवन ऊर्जा 

दुनिया को स्मार्ट बनाने वालेआविष्कारों में  कुछ बेहद खास नाम हैं ।

याद रखें पवन ऊर्जा एक ऐसा ही नाम है जिसने न केवल तापीय ईंधन की जरूरत को कम किया है,

बल्कि इससे पर्यावरण की चिन्ता भी कुछ कम हुई है ।

ऊर्जा पैदा करने वाली इस तकनीक का प्रचीन इतिहास है ।

संसार में पहली पवन चक्की का उल्लेख सर्व प्रथम 200 ईसा पूर्व मिलता है ।

आधुनिक पवन ऊर्जा के आन्दोलन को गति 1970 के दशक में ऊर्जा संकट के बाद मिली,

जो आज पूरी दुनिया की पहली जरूरत बनने की तरफ अग्रसर है ।

सोशल नेटवर्किंग 

सोशल नेटवर्किंग बेवसाइट अपनी दो विशिष्टताओं के कारण जानी जाती हैं ,

इनमें प्रोफाइल और मित्र सूची कम आकर्षक नही है।
सन् 1997 में लांच हुई सिक्स डिग्री डाट काम,

सबसे शुरूआती सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट थी।

माई स्पेस का उदय इसके बाद ही हुआ था ।आज स्थिति यह है कि सोशल नेटवर्किंग साइट एक ताकत बन चुकी हैं,

और इस ताकत ने दुनिया को स्मार्ट बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है ।

ग्राफिक यूजर इंटर फेस UGI

ग्राफिक यूजर इंटरफेसGUI ने दुनिया को स्मार्ट बनाने में अद्वितीय भूमिका निभाई है ।

जी यू आई के पिता कहलाने वाले डगलस इंगलबारट ने 1968 में इसकी खोज की थी

इसमें एक सीआईटी डिस्प्ले ,दो की बोर्ड और पहला माउस था ।

इअंगलबारट के काम से प्रेरित होकर बाद में कई लोगों ने जीयूआई के डिजाइन को परिष्कृत करने में अहम भूमिका निभाई ।

और आज लोगों के लगातार प्रयासों का हाल यह है कि इसने हमारी दुनिया को ही बदल दिया है ।

डिजिटल फोटोग्राफी /वीडियो ग्राफी 

डिजिटल फोटोग्राफी /वीडियोग्राफी ने हमारी दुनिया को स्मार्ट बनाने में बहुत मदद की है ।

तस्वीरों का शुरुआती डिजिटल स्वरूप ही वीडियो के अस्तित्व का कारण बना था ।

1970 में पहला सालिड स्टेट वीडियो कैमरे का प्रोटोटाइप तैयार हुआ ,

लेकिन 1981 में सोनी द्वारा तैयार किया गया मैविका स्टिल कैमरा वास्तव में एक वीडियो कैमरे की तरह था ।

1980 के दशक के आखिर में मेगा पिक्सल सेंसर के विकास और वीडियो के भंडारण में सुधार के साथ ,

डिजिटल फोटोग्राफी और वीडियो ग्राफी को व्यावसायिक रूप में आसान बनाया ।

रेडियो फ्रीक्वेंसी आई डेंटिटी फिकेशन

रेडियो फ्रीक्वेंसी आई डेटिंटी फिकेशन को आप कतई कम नहीं मान सकते ।

क्योंकि इसने भी दुनिया को स्मार्ट बनाने में काफी बड़ा सहयोग किया है ।

दूसरे विश्व युद्ध के समय इस तकनीक का उपयोग विमान पहचान में किया जाता था ।

1970 के दशक में RFID का पहला पेटेंट कराया गया ।

स्वचालित पथकर भुगतान प्रणाली में इस तकनीक के प्रयोग किए जाने के बाद 1980 के दशक में,

इसका व्यावसायिक रूप सामने आया था ।

आज दुनियाभर के तमाम खुदरा विक्रेता इसका प्रयोग सूची बनाने में कर रहे हैं ।और स्मार्ट दुनिया का आनंद ले रहे हैं ।

जेनेटिकली माडीफाइड जीएम प्लांट्स 

जेनेटिकली माडीफाइड जीएम प्लांट्स ने भी हमारी दुनिया को स्मार्ट बनाया है ।

सन 1980 के दशक में ग्रेग जान मेंडल के प्रयोग में,

प्राकृतिक विकास स्वरूप जी एम पौधों का विकास हुआ ।

1994 में पहले जीएम पौधे के रूप में कैलीफोरनिया मे टमाटर की एक प्रजाति विकसित कर बाजार में उतारी गई थी ।

ज्यादा उत्पादन,रोग प्रतिरोधक क्षमता के चलते आज इन फसलों का बोलबाला है ।

कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि आज अगर खाने की चिंता से ,

काफी हद तक  हमें मुक्ति मिली है तो इन्हीं फसलों की कृपा है ।

जैव ईंधन 

जैव ईंधन आज की दुनिया की वह सच्चाई है जिसे हम नकारने की सोच तक नहीं सकते ।

इनका शुरुआती इतिहास रूडोलफ डीजल के जमाने से है।

जिन्होने अपना पहला इंजन मूंग फली के तेल से चलाया था ।

1908 में हेनरी फोर्ड ने माडल टी नामक इंजन बनाया जो एथनॉल से से चलता था ।

हालांकि जल्दी ही इन आविष्कारको को यह लग गया था कि ,

पेट्रोल ईंधन का सबसे सशक्त माध्यम बन रहा है ।।

।लेकिन आज फिर से पर्यावरण के मुद्दे के कारण जैव ईंधन का उद्योग तेजी से बढ रहा है ।।।सच कहें तो बढना ही चाहिए ।

तभी हमारी दुनिया बचेगी और स्मार्ट भी बनेंगी ।

ATM 

बच्चा बच्चा आज यह जानता है कि इस छोटी सी मशीन ने दुनिया को किस हद तक स्मार्ट बना दिया है ।

आटोमेटेड टेलर मशीन का शुरुआती संस्करण 1960 के दशक में आया था ।

लेकिन तब इनसे रकम निकालने को लेकर बाध्यताओं का बोलबाला था ।

लेकिन 1970 के दशक में चुम्बकीय पट्टी वाले कार्ड्स का विकास हुआ ,

तधा कम्प्यूटर से जुड़ने के बाद इसके प्रयोग को गति मिली थी ।

आशा है इन बेमिसाल आविष्कारों के बारे में जानकर आपको खुशी मिलेगी ।

आपका
धन्यवाद।।।।।।
।।।।लेखक के पी सिंह
13022018

About kpsingh

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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