तथ्यों के आइने में हिन्दी दिवस

तथ्यों के आइने में हिन्दी दिवस 

तथ्यों के आइने में हिन्दी दिवस का प्रमुख तथ्य यही है कि

आजादी के 70 सालों बाद भी हम भाषाई जकड़न में इस कदर उलझे हैं कि

हमें हर वर्ष हिंदी दिवस हिन्दुस्तान में ही मनाना पड़ता  है।

मैं अपने बारे में क्लियर कर देना चाहता हूं कि मुझे

अंग्रेजी या किसी भी अन्य विदेशी भाषा से नफरत नहीं है।

मुझे अगर सच में किसी से नफरत है तो वह है अंग्रेजियत।

जी हां दोस्तों मुझे अंग्रेजी से नहीं अंग्रेजियत से नफरत है।

आज चूंकि हिन्दी दिवस है अतः आइए इस अवसर पर हिन्दी से संबंधित

कुछ खास और जरूरी तथ्यों पर बात करते हैं। कुछ इस तरह से,,,

हिन्दी भारत की राजभाषा है।

सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व को समेटे हिन्दी आज विश्व में

लगातार अपना अभीष्ट मुकाम बनाने की ओर है।

देश विदेश में आज इसके जानने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है।

इंतरनेट के इस युग में भी हिन्दी ने वह कमाल किया है कि

आज देश में ही नहीं विदेशों में भी हिन्दी जानने समझने वाले लगातार बढ रहे हैं

बावजूद इस सच्चाई के कि हम हिन्दी भाषी भारत वासी आज और अब भी

अंग्रेजी को ही सीखने पर जोर देते हैं।

वैसे अंग्रेज़ी सीखना बोलना या प्रयोग करना बुरा नहीं है

अगर कुछ बुरा है तो वह यह कि हम किसी को बेहतर

तो किसी को लघुतर मानने की गलती कर बैठते हैं।

हम भारत वासी आज भी अगर कोई दो चार लाइन अंग्रेजी बोल दे

तो उसे विद्वान मान लेते हैं।

और यदि कोई पढा लिखा आम बोलचाल की भाषा में बोल दे

तो उसे निरा जाहिल टाइप का इंसान मानने लगते हैं। 

हिंदी को राज भाषा का दर्जा 

भारत सरकार ने 14 सितंबर 1949 को

संवैधानिक रूप से हिन्दी को राज भाषा का दर्जा प्रदान किया था।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 में यह प्रावधान किया गया है कि

देवनागरी लिपि के साथ हिंदी भारत की राज भाषा होगी।

आपको शायद यह जानकर आश्चर्य होगा कि जो लोग हिंदी को

आज भी तकनीक की भाषा नहीं मानते उन्हें यह पता नही है कि

इंटरनेट पर हिंदी की सामग्री खोजने वाले 1/5 के अनुपात में हैं।

शायद ही ज्यादा लोगों को पता हो कि आज की तारीख में पचास हजार हिंदी ब्लॉग हैं।

तो वहीं 94%इंटरनेट पर हिन्दी सामग्री का इजाफा देखा गया है? 

हिंदी तीसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा 

एक आकलन के मुताबिक इस समय संसार में

हिंदी बोलने वालों की संख्या करीब 70 करोड़ बताई जा रही है।

इस लिहाज से हिन्दी संसार की तीसरी सबसे बड़ी बोले जाने वाली भाषा है।

ध्यान देने की बात यह है कि 1 .12 अरब बोलने वालों की संख्या के आधार

पर अंग्रेजी संसार की सर्वाधिक बोले जाने वाली भाषा है।

1.10 अरब बोलने वालों की संख्या के आधार पर चीनी मंदारिन

संसार की दूसरी सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा है।

चौथा और पांचवा स्थान क्रमशः स्पेनिश और अरबी भाषा को प्राप्त है।

51.29 करोड़ स्पेनिश भाषा भाषी हैं तो 42.2 करोड़ अरबी भाषी लोग हैं  पूरी दुनिया में ।

पूरी दुनिया में मौजूद भाषाओं की जानकारी पर प्रकाशित होने वाले

एथनोलाग के 2017 के संस्करण के मुताबिक संसार मे

28 ऐसी भाषाएं शामिल हैं जिनमे प्रत्येक के बोलने वालों की

संख्या पांच करोड़ से ज्यादा है। 

नेट पर सेट हिंदी 

तथ्यों के आइने में हिन्दी दिवस के अवसर पर यह बताते हुए हर्ष की अनुभूति हो रही है कि

हिन्दी जानने समझने और बोलने वालों की संख्या बढने के कारण

वेबसाइटों पर हिन्दी को तवज्जो मिल रही है।

ई मेल,  ई-कामर्स, ई बुक  इंटरनेट आदि सभी

जगह आज हिन्दी का बोलबाला देखा जा सकता है।

विदेश में करीब 25 पत्र पत्रिकाओं का नियमित

हिंदी में प्रकाशित होने का मतलब यही है कि आज हिन्दी भी

अपनी अलग पहचान कायम कर चुकी है।

इतना ही नहीं यह हिन्दी की लोकप्रियता ही है कि

बीबीसी हिंदी आज भी अपनी लोकप्रियता बरकरार रखे हुए है।

विभिन्न प्रकार के रेडियो प्रोग्राम हिन्दी में प्रसारित होना वह भी विदेशी धरती से

शायद इस बात का संकेत है कि यदि हम भारत वासी

अपनी ही भाषा पर लज्जा न महसूस करें तो वह दिन दूर नहीं

जब संसार के हर पढे लिखे को ककहरा सीखना पड सकता है। 

 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 14092018

 

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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