यूपी टीईटी सामान्य ज्ञान पर्यावरण

 

यूपी टीईटी सामान्य    ज्ञान पर्यावरण 

यूपी टीईटी सामान्य ज्ञान पर्यावरण बेहद महत्वपूर्ण भाग है

जो परीक्षा के दौरान अच्छे अच्छे  लोगों की बोलती बंद करने की क्षमता रखता है ।

इसीलिए यूपी टीईटी के जानकार बताते हैं कि वे चाहे जितना और जो कुछ भी  न पढ लें

अगर पर्यावरण में हांथ तंग रहा तो कोई भी गाड़ी पार लगने वाली नहीं है।

सरकार का भी ज्यादा से ज्यादा इस पर जोर देखा गया है कि आप

चाहे गणित विषय कम जानिए लेकिन आपको पर्यावरण की बातें

पर्याप्त रूप से पता होनी चाहिए।

क्योंकि आने वाले भविष्य में जब आप प्राईमरी में अध्यापक बन कर जाएं

तो गणित विज्ञान की बातों से ज्यादा जरूरी होंगी पर्यावरण की बातें जो

आपको अपने क्लास के नौनिहालों को सिखानी है।

आप अपने क्लास के बच्चों को पर्यावरण की बातें तभी सिखा सकते हैं

जब आपको इस बारे में पर्याप्त जानकारी होगी।

तो आइये आज सबसे पहले हम खुद ही पर्यावरण की

बातें आत्मसात करने की कोशिश करते हैं कुछ इस तरह से ,,, 

पर्यावरण की अवधारणा 

पर्यावरण सभी जैविक तथा अजैविक अवयवों का सम्मिलित मिश्रण होता है

जो कि प्रत्येक जीवन धारी को किसी न किसी रूप में प्रभावित करता है।

पर्यावरण किससे मिलकर बनता है अगर हम इस बात की पड़ताल करें तो

हमें ज्ञात होता है कि पर्यावरण के संघटकों में जैविक यानी पेड़ पौधे और मनुष्य

अजैविक यानी स्थल जल वायु और ऊर्जा संघटक सौर तथा

भूतापीय ऊर्जा आदि को शामिल किया जाता है।

अजैविक तथा जैविक वातावरण को जब हम एक

साथ मिलाकर देखते हैं तो हमें एक बायोम की संरचना प्राप्त होती है।

पृथ्वी पर जल की मात्रा समान रहती है हां फर्क यह हो जाता है कि यह

अपना रूप परिवर्तित करता रहता है।

इसे ही हम विज्ञान की भाषा में जल चक्र कहते हैं।

पर्यावरण की अवधारणा को समझने के लिए हमें यह

बात भली भांति समझना होगा यह जल चक्र ही पर्यावरण की जान है,

अगर इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी पैदा होती है तो

हमें यह कहना पडता है कि पर्यावरण में असंतुलित हो गया है। 

वे जीव जो अपना भोजन स्वयं तैयार करते हैं वे स्वपोषित कहलाते हैं जैसे

हरे पौधे तथा विभिन्न प्रकार की बैक्टीरिया

साइनोबैक्टीरिया एवं ईक्लोरिटा जैसे कुछ जीवों को हम इसी श्रेणी में रख सकते हैं।

जो जीव खुद अपना भोजन तैयार नहीं कर पाते वे पर पोषित कहलाते हैं।

इस तरह के परपोषित जीव भोजन के लिए दूसरे पर निर्भर करते हैं।

जीव जगत में अधिकांश जीव परपोषी ही पाए जाते हैं।

यहां ध्यान देने की बात यह भी है कि संसार का सबसे बुद्धिमान प्राणी मनुष्य भी

दूसरों पर ही भोजन के लिए दूसरों यानी प्रकृति पर निर्भर है।

पर्यावरण की यही सबसे खास विशेषता है कि अगर हमें खुद सुरक्षित रहना है तो हमें

किसी दूसरे की सुरक्षा का भी पूरा पूरा ख्याल रखना होगा।

अगर हम पर्यावरण के किसी भी अंग की सुरक्षा में जरा भी चूक करते हैं तो

इसका मतलब यही होता है कि हम खुद अपने जीवन को

संकट में डालने के लिए उत्सुक और तैयार हैं। 

 

पर्यावरण और हम 

पर्यावरण और जहां तक हमारे संबंध की बात है तो

हमारी प्रत्येक गतिविधि पर्यावरण के लिए अच्छी और बुरी हो सकती है।

हम जब भी पर्यावरण के प्रति सकारात्मक गतिविधि सम्पन्न करते हैं

तो हमें उसके परिणाम भी सकारात्मक प्रतीत होते हैं

लेकिन नकारात्मक गतिविधि के कारण हमको और

हमारे पर्यावरण को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।

पर्यावरण में वियोजक के अंतर्गत आने वाले कुछ सूक्ष्म जीव होते हैं जो

मृत पौधों और जंतुओं के जैविक पदार्थों को सड़ा गला कर वियोजित कर देते हैं।

वियोजन की प्रक्रया में सूक्ष्म जीव अपना आहार भी ग्रहण करते हैं

तथा इन्हें सरल रूप में रूपांतरित कर हरे पौधे हेतु पुन:उपलब्ध कराते हैं।

ऊर्जा पर्यावरण का एक संघटक तत्व है ।

इसके अंतर्गत सौर प्रकाश, सौर विकिरण तथा उसके विभिन्न पक्षों को सम्मिलित किया जाता है।

पौधों में प्रकाश संश्लेषण, वृद्धि और प्रजनन प्रक्रिया में प्रकाश की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

प्रकाश बहुत से जंतुओं में प्रवासिता एवं प्रजनन व्यवहार को भी निर्धारित करता है।

प्रकाशीय स्पेक्ट्रम के दृश्य स्पेक्ट्रम, जिनका तरंगदैर्ध्य 400 nm से 700 nm होता है।

वे प्रकाशसंश्लेषी सक्रिय विकिरण कहलाते हैं।

पर्यावरण की सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है कि हमें

यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि हमारे ही कारण से पर्यावरण अच्छा या बुरा बनता है।

इस लिए हमें यह सदैव ख्याल रखना चाहिए कि पर्यावरण के साथ 

गई  हमारी कोई भी गलत गतिविधि हमें भी गलत परिणाम ही देगी। 

 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 17092018

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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6 Comments on “यूपी टीईटी सामान्य ज्ञान पर्यावरण”

  1. Or ek baat jante sir ji mene collegestar.in m ek post likha or submit kiya pr pta nahi q mera post publish nhi hota 1 hafta ho gya abhi bhi publish nhi hua hai isiliye tention m hoon.

    1. कारण यह है कि अभी लेखकों को बैन किया गया है लेकिन जल्द ही आपका पोस्ट पब्लिश होगा धैर्य रखें टेंशन न करें

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