सामान्य ज्ञान के अद्भुत अकाट्य और अद्वितीय तथ्य

सामान्य ज्ञान के अद्भुत, अकाट्य और अद्वितीय तथ्य 

सामान्य ज्ञान के अद्भुत, अकाट्य और अद्वितीय तथ्य इन शब्दों को पढकर

आप यह समझने की कोशिश न करें कि महज जुमला है।

बल्कि मेरे प्रिय दोस्तो, सच्चाई यह है कि आज इस पोस्ट के माध्यम से

आपके लिए जो तथ्य यहां दिए जा रहे हैं

वह हकीकत में सामान्य ज्ञान के अद्भुत अकाट्य और अद्वितीय तथ्य हैं।

अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले हैं तो आप

इन तथ्यों को पढकर निश्चित ही मेरी बात का समर्थन करेंगे

या फिर यदि आपके घर परिवार में ही कोई निकट

भविष्य में किसी प्रतियोगी परीक्षा में खुद को आजमाने वाले हैं

तो उनके लिए भी यह पोस्ट किसी रामबाण नुस्खे से कम नहीं।

यह पोस्ट कैसी है और क्या इसके अंतर्गत सचमुच

सामान्य ज्ञान के अद्भुत अकाट्य और अद्वितीय तथ्य दिए गए हैं? 

आइए खुद इसका परीक्षण करते हैं वह भी कुछ इस तरह से,,,, 

भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान सम्मान 

भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न कला

साहित्य और विज्ञान के क्षेत्र में अद्भुत कार्य करने के लिए प्रदान किया जाता है।

भारत रत्न सम्मान की स्थापना भारत सरकार द्वारा 1954 में कई गई थी।

इसके मानक में 2013 में परिवर्तन किया गया है और इसमे मानव सेवा की श्रेणी जोड़ी गई है।

अब तक कुल 43 लोगों को यह सम्मान दिया जा चुका है।

ध्यान में रखने वाली बात यह है कि इनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं। 

जिन्हें अब तक यह सम्मान दिया जा चुका हैं उनके नाम हैं

भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री श्री मती इंदिरा गांधी,

इन्हें यह सम्मान 1971 में यह सम्मान दिया गया था।

इसके बाद 1980 में मरणोपरांत यह सम्मान मदर टेरेसा को दिया गया था।

मरणोपरांत अरुणा आसफ अली को 1997 में

तथा एम एस सुब्बू लक्ष्मी को 1998 में यह सम्मान दिया गया। 

तथा महान स्वर कोकिला को 2001 में पांचवीं महिला के रूप में यह सम्मान दिया गया था। 

भारत रत्न सम्मान से सबसे पहले 1954 में चक्रवर्ती राज गोपाला चारी 

डा सर्व पल्ली राधाकृष्णन तथा डॉ चंद्र शेखर वेंकट

रमण को सम्मानित किया गया था।

भारत रत्न प्राप्त करने वाले विदेशी लोगों में खान

अब्दुल गफ्फार खान पाकिस्तानी को1987 में

तथा नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीकी को 1990 में भारत रत्न प्रदान किया गया था।

अब तक कुल 7 प्रधानमंत्री भारत रत्न से नवाजे गए हैं इनके नाम हैं

पंडित जवाहर लाल नेहरू 1955

लाल बहादुर शास्त्री 1966, इंदिरा गांधी 1971

राजीव गांधी 1991, मोरारजी देसाई 1991, गुलजारी लाल नंदा 1997

अटल बिहारी वाजपेयी 2015।

यहां विशेष तथ्य यह है कि लाल बहादुर शास्त्री

प्रथम व्यक्ति हैं जिन्हें मरणों परांत पहली बार भारत

रत्न सम्मान दिया गया था।

सामान्य ज्ञान के अद्भुत अकाट्य और अद्वितीय तथ्य के क्रम में

आपको बता दें कि अब तक चार राष्ट्रपतियों को भारत रत्न दिया जा चुका है।

ये हैं डॉ सर्व पल्ली राधाकृष्णन 1954, डाक्टर राजेन्द्र प्रसाद 1962।

डॉ जाकिर हुसैन 1963 और डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम 1997।

विशेष तथ्य यह है कि जाकिर हुसैन तथा कलाम

साहब को भारत रत्न सम्मान राष्ट्रपति बनने के पहले ही दिया जा चुका था। 

कला और संस्कृति से जुड़े 9 लोगों को अब तक
भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से
नवाजा गया है।
इनमें महान दार्शनिक भगवान् दास को  1955 में।
डॉ डी के कर्वे समाज सुधारक को 1958 में
पांडुरंग वामन काणे  संस्कृति विद्वान को 1963
में,
इसी तरह एम जी राम चंद्रन अभिनेता को 1988
में  सत्य जित रे  सुब्बू लक्ष्मी 1998 में
पंडित रविशंकर को 1999 मे  लता मंगेशकर को
2001 में
और पंडित भीमसेन जोशी को 2008 में इस
सम्मान से नवाजा गया था। 

 

भारत रत्न पाने वाले कुछ खास अन्य लोग

सामान्य ज्ञान के अद्भुत अकाट्य और अद्वितीय तथ्य पेश करते हुए

आपको यह भी बताना है कि भारत रत्न कुछ खास अन्य लोगों  को भी मिल चुका है

जो अपने अपने क्षेत्र के महान लोग रहे हैं।

जैसे सचिन तेंदुलकर  भारत के एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो खिलाड़ियों की श्रेणी में इसे हासिल किया है ।

इंजीनियर एम विश्वेशरैय्या को 1955 मे यह सम्मान नेहरू जी के साथ दिया जा चुका है।

गोविंद बल्लभ पंत को 1957 में तथा पुरुषोत्तम दास टंडन को 1961 में यह सम्मान दिया जा चुका है।

के काम रज 1976 में तो विनोवा भावे को 1983 में यह सम्मान दिया गया है।

इसी तरह 1990 में भीम राव अम्बेडकर को तो 1991 में

सरदार बलल्भ भाई पटेल को यह सम्मान दिया जा चुका है। 

अन्य नागरिक सम्मान 

जहां तक अन्य नागरिक सम्मानों की बात है तो भारत रत्न के बाद

पद्म विभूषण पद्मभूषण तथा पद्मश्री का नाम आता है।

इनमें पद्म विभूषण सबसे बड़ा पद्मभूषण दूसरा तथा पद्मश्री तीसरा स्थान है।

पद्मविभूषण उसे दिया जाता है जो विशिष्ट तथा उल्लेखनीय सेवा के लिए जाना जाता है।

वैसे यह सम्मान देश के लिए सम्मान का प्रतीक होते हैं इन पर

नकारात्मक टिप्पणी असभ्यता का प्रतीक है।

लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि जब इन पुरस्कारों में राजनीतिक संबंध तलाशे जाने लगते हैं

तो इनकी सूरत बदसूरत हो जाती है।

मैं अगर व्यक्तिगत बात करूं तो जिस दिन महान अभिनेत्री रेखा के साथ

छिछोरे सैफ अली खान को पद्म श्री पुरस्कार दिया गया था

उसी दिन से मैने इनके प्रति उत्सुकता दिखाना बंद कर दिया था। 

धन्यवाद

के पी सिंह किर्तीखेड़ा 21092018

 

 

 

About KPSINGH

मैने बचपन से निकल कर जीवन की राहों में आने के बाद सिर्फ यही सीखा है कि "जंग जारी रहनी चाहिए जीत मिले या सीख दोनों अनमोल हैं" मैं परास्नातक समाज शास्त्र की डिग्री लेने के अलावा CTET और UP TET परीक्षाएं पास की हैं ।मैंने देश के हिन्दी राष्ट्रीय समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेखन किया है जैसे प्रतियोगिता दर्पण विज्ञान प्रगति आदि ।

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